बेटा खोने का गम, मां ने तोड़ा दम:चार महीने पहले इकलौते बेटे की हादसे में मौत, गम में मां ने भी खा लिया जहर, मौत

भोपाल4 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • मां कहती थी- वो रोज मेरे पास आकर बातें करता है

बी-सेक्टर राजीव नगर में एक मां ने इकलौते बेटे को खोने के गम में जहर खाकर जान दे दी। करीब 4 महीने पहले 29 वर्षीय बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। तभी से वे डिप्रेशन में रहने लगी थीं। रिटायर्ड पति उन्हें समझाते तो कहती थीं कि मुझे मेरे बच्चे के पास जाना है। वह रोज मेरे पास आता है, मुझसे बात करता है। इस गम में उन्होंने खाना भी छोड़ दिया था और नींद न आने की परेशानी भी शुरू हो गई थी। बी-सेक्टर राजीव नगर निवासी नारायण डोमने निर्माण भवन में असिस्टेंट ड्राफ्टमैन थे।

बीती 30 जून को ही वह रिटायर हुए हैं। इन दिनों वह यहां अपनी पत्नी छाया और बेटी के साथ रह रहे थे। थाना प्रभारी पवन सेन ने बताया कि छाया ने बीती 4 अगस्त को जहरीला पदार्थ खा लिया था। नारायण ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां शुक्रवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है, जिसे लेकर परिजन अपने गांव के लिए रवाना हो गए।

18 अप्रैल को रायसेन से लौटते वक्त हुआ हादसा
नारायण ने बताया कि छाया इकलौते बेटे निश्चल डोमने की मौत के बाद से ही बेहद डिप्रेशन में आ गई थीं। निश्चल की 18 अप्रैल को रायसेन से लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बाइक चला रहे दोस्त को भी गंभीर चोट आई थी, लेकिन सिर के बल सड़क पर गिरने से निश्चल की मौके पर ही मौत हो गई थी। उस वक्त कोरोना के कारण निश्चल के अंतिम संस्कार में कोई रिश्तेदार शामिल नहीं हो सका। लॉकडाउन खत्म होने के बाद रिश्तेदारों और परिचितों का घर आना शुरू हुआ। रोज किसी न किसी को पूरा वाकया बताने में छाया रोने लगती थी और धीरे-धीरे डिप्रेशन में आ गई।

तभी से बाहर नहीं निकली
नारायण ने बताया कि बेटे की मौत से छाया इस कदर टूट गई थी कि वह तभी से घर से बाहर नहीं निकली। वह बार-बार कहती थी कि मुझे मेरे बच्चे के पास जाना है। वो रोज मेरे पास आता है और बातें करता है। कुछ समय से उसे नींद न आने की परेशानी भी शुरू हो गई थी और खाना भी ठीक से नहीं खा रही थी।

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