पॉयलट प्रोजेक्ट पूरा:बीना से भोपाल-RKMP होते हुए जुझारपुर तक 207 किमी में, अब ऑटोमेटिक सिग्नल

भोपाल3 महीने पहले
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सभी तरह के ट्रायल सफल होने के बाद बचा हुआ काम शुरू किया जा रहा - Dainik Bhaskar
सभी तरह के ट्रायल सफल होने के बाद बचा हुआ काम शुरू किया जा रहा
  • ट्रेनें 500 मीटर की दूरी से एक के बाद एक चल सकेंगी
  • सभी तरह के ट्रायल सफल होने के बाद बचा हुआ काम शुरू किया जा रहा

यात्री ट्रेनें आपस में 500 मीटर की दूरी से एक के बाद एक चल सकेंगी, उसके लिए पॉयलट प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है। साथ ही 207 किमी लंबे बीना से भोपाल-रानी कमलापति स्टेशन होते हुए जुझारपुर तक (बुदनी-इटारसी छोड़कर) 440 करोड़ रुपए में साल के अंत में काम पूरा करने की तैयारी है। इस काम को रेल मंत्रालय ने स्वीकृत कर दिया है। बुदनी से इटारसी के बीच 24.91 किमी लंबे ट्रैक पर 11 करोड़ रुपए में यह काम पूरा कर लिया गया है।

सभी तरह के ट्रायल सफल होने के बाद बचा हुआ काम शुरू किया जा रहा है। डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय का कहना है कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए यह काम किया जा रहा है। हाल ही में रेल मंत्रालय ने गति शक्ति यूनिट का गठन किया है। उसके तहत ट्रेनों की स्पीड भी 130 से बढ़ाकर 160 किमी तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसी को देखते हुए रेलवे द्वारा सिग्नल सिस्टम के ऑटोमेशन से लेकर ट्रैक रिप्लेसमेंट, हाई लेवल मेंटेनेंस जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

इस सेक्शन में शुरू

  1. इटारसी-बुदनी सेक्शन के 24.91 किमी में ऑटोमेटिक ब्लॉक प्रणाली शुरू हो चुकी है।
  2. बीना-जुझारपुर सेक्शन (बुदनी-इटारसी के 24.91 किमी छोड़कर) बचे हुए 207 किमी सेक्शन में काम होगा।
  3. बीना-रूठयाई सेक्शन के 139 किमी और इटारसी-खंडवा सेक्शन के 179 किमी में काम प्रस्तावित है।

दिल्ली से आगरा अभी 160

जहां तक ट्रेनों की स्पीड का मामला है, दिल्ली से आगरा तक अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे का सेक्शन हो चुका है। आगरा से ग्वालियर के बीच काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच भोपाल से बीना और बीना से झांसी के बीच ट्रेनों को हाई स्पीड करने पर रेल मंत्रालय प्रोजेक्ट वर्क कर रहा है।

सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का लक्ष्य

सबसे खास बात यह भी है कि पूरे सेक्शन में काम होते ही सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का लक्ष्य रेल मंत्रालय ऐसे सेक्शनों में पूरा करेगा। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे काम पूरा होता जाएगा, कमिश्नर रेल सेफ्टी से उस सेक्शन का ऑडिट पूरा करवाते हुए उसमें ट्रेनों को हाई स्पीड में चलाने लगेंगे। रेलवे स्टेशनों के अंदर जाने और बाहर निकलने वाली ट्रेनों को भी ऑटोमेटिक इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल के जरिए एक के पीछे दूसरी को चलाने का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।

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