16 तस्वीरों में देखिए चीतों की इंडिया में एंट्री:नए मेहमानों के ग्वालियर पहुंचने से लेकर कूनो में छोड़े जाने तक के नजारे

भोपाल18 दिन पहले

70 साल बाद देश फिर चीतों से आबाद हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह अपने जन्मदिन पर श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका के नामीबिया से लाए गए 8 में से 2 चीतों को विशेष बाड़े में छोड़ा। इनमें 5 मादा और 3 नर हैं। नर चीतों की उम्र साढ़े 5 साल है। मादा चीतों में दो 5-5 साल तो बाकी 2 साल, ढाई साल और 4 साल की हैं।

नामीबिया से 8 चीतों को लेकर विशेष विमान के ग्वालियर एयरपोर्ट पर लैंड करते ही शहर में आतिशबाजी हुई। नए मेहमानों के आगमन पर लोग खुशी मनाते दिखे। ​​​​​​विमान के पहुंचने के साथ ही पिंजरों में लाए गए चीतों को उतारा गया और उन्हें सेना के हेलीकॉप्टर में शिफ्ट करके कूनो के लिए रवाना किया गया। इसके थोड़ी देर बाद ग्वालियर में पीएम के विमान की लैंडिंग हुई। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से कूनो के लिए निकल गए थे।

शुक्रवार शाम को नामीबिया से 8 चीतों को लेकर रवाना हुआ स्पेशल प्लेन शनिवार की सुबह 7:20 बजे ग्वालियर पहुंचा था।
शुक्रवार शाम को नामीबिया से 8 चीतों को लेकर रवाना हुआ स्पेशल प्लेन शनिवार की सुबह 7:20 बजे ग्वालियर पहुंचा था।
नामीबिया से चीतों को स्पेशल प्लेन में स्पेशल बॉक्स में लाया गया। चीतों के साथ नामीबिया से आए दल ने ग्वालियर में इन्हें प्लेन से उतारा।
नामीबिया से चीतों को स्पेशल प्लेन में स्पेशल बॉक्स में लाया गया। चीतों के साथ नामीबिया से आए दल ने ग्वालियर में इन्हें प्लेन से उतारा।
प्लेन से उतारकर चीतों को वायुसेना के विमान में शिफ्ट कर कूनो के लिए रवाना किया। उस वक्त केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।
प्लेन से उतारकर चीतों को वायुसेना के विमान में शिफ्ट कर कूनो के लिए रवाना किया। उस वक्त केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।
चीतों के ग्वालियर पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद नई दिल्ली से प्रधानमंत्री अपने विशेष विमान से ग्वालियर के लिए रवाना हुए।
चीतों के ग्वालियर पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद नई दिल्ली से प्रधानमंत्री अपने विशेष विमान से ग्वालियर के लिए रवाना हुए।
चीतों को कूनो रवाना करने के कुछ देर बाद प्रधानमंत्री के विमान ने ग्वालियर में लैंड किया। यहां से वे कूनो के लिए रवाना हो गए।
चीतों को कूनो रवाना करने के कुछ देर बाद प्रधानमंत्री के विमान ने ग्वालियर में लैंड किया। यहां से वे कूनो के लिए रवाना हो गए।
मोदी के दौरे को लेकर कूनो में शुक्रवार से ही हलचल तेज हो गई थी। मंत्री और अफसर शनिवार सुबह ही यहां पहुंच गए थे।
मोदी के दौरे को लेकर कूनो में शुक्रवार से ही हलचल तेज हो गई थी। मंत्री और अफसर शनिवार सुबह ही यहां पहुंच गए थे।
पीएम नरेंद्र मोदी के ग्वालियर पहुंचने पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया।
पीएम नरेंद्र मोदी के ग्वालियर पहुंचने पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया।

पीएम ने चीतों को बाड़े में छोड़ा, फोटो भी क्लिक किए
कूनो में पीएम मोदी के लिए 10 फीट ऊंचा प्लेटफॉर्मनुमा मंच बनाया गया था। इसी मंच के नीचे पिंजरे में चीते थे। PM ने लीवर के जरिए बॉक्स को खोला। चीते बाहर आए, लेकिन अनजान जगह होने की वजह से सहमे-सहमे दिखे। सहमते कदमों के साथ उन्होंने इधर-उधर नजरें घुमाईं और चहलकदमी करने लगे। चीतों के बाहर आते ही PM मोदी ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया। मोदी ने कुछ फोटो भी क्लिक किए। उनके साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी थे। मोदी ने कहा- ये चीते मेहमान बनकर आए हैं। इस क्षेत्र से अनजान हैं। कूनो को ये अपना घर बना पाएं, इसके लिए इनको सहयोग देना है।

कूनो में बने 10 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्मनुमा मंच पर लगे लीवर को प्रधानमंत्री ने घुमाया और नीचे पिंजरे का गेट खुल गया।
कूनो में बने 10 फीट ऊंचे प्लेटफॉर्मनुमा मंच पर लगे लीवर को प्रधानमंत्री ने घुमाया और नीचे पिंजरे का गेट खुल गया।
पिंजरे का गेट खुलते ही चीते निकलकर बाहर आ गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैमरे से चीतों के फोटो भी लिए।
पिंजरे का गेट खुलते ही चीते निकलकर बाहर आ गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैमरे से चीतों के फोटो भी लिए।
पिंजरे से निकलकर चीते क्वारंटीन बाड़े में पहुंच गए। प्रधानमंत्री मोदी ने इन्हें बाड़े की फेंसिंग के नजदीक जाकर देखा।
पिंजरे से निकलकर चीते क्वारंटीन बाड़े में पहुंच गए। प्रधानमंत्री मोदी ने इन्हें बाड़े की फेंसिंग के नजदीक जाकर देखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो में इस अंदाज में चीतों का वेलकम किया। उन्होंने वाइल्ड लाइफ जैकेट पहन रखी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो में इस अंदाज में चीतों का वेलकम किया। उन्होंने वाइल्ड लाइफ जैकेट पहन रखी थी।
पिंजरे से बाहर आते ही चीते बाड़े में पहुंचे। शुरुआत में नए घर में वे सहमे-सहमे से दिखे, फिर चहलकदमी करने लगे।
पिंजरे से बाहर आते ही चीते बाड़े में पहुंचे। शुरुआत में नए घर में वे सहमे-सहमे से दिखे, फिर चहलकदमी करने लगे।

मोदी बोले- जब तक चीते का समय पूरा न हो, किसी नेता को भी कूनो में घुसने मत देना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीतों को मुक्त करने के बाद वीडियो संदेश में कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों को देखने के लिए लोगों को धैर्य दिखाना होगा। कुछ महीने इंतजार करना होगा। वहीं चीता मित्रों से चर्चा में मोदी ने कहा, ‘जब तक चीतों का समय पूरा नहीं हो जाता, तब तक नेता हो या उनके रिश्तेदार किसी को घुसने मत देना। मैं आऊं या कोई मेरा नाम लेकर आए तो भी रोक लेना।’दुनिया में यह पहली बार है, जब इतने बड़े मांसाहारी जीव को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप (अफ्रीका से एशिया) लाया गया है। सभी चीतों को रेडियो कॉलर लगाए गए हैं। ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत अगले 5 साल में 50 चीते भारत लाए जाएंगे और गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में रखे जाएंगे।

वन विभाग ने ग्रामीणों को चीता मित्र बनाया है। ये चीतों की सुरक्षा के साथ ही लोगों को जागरूक भी करेंगे। मोदी ने इनसे चर्चा की।
वन विभाग ने ग्रामीणों को चीता मित्र बनाया है। ये चीतों की सुरक्षा के साथ ही लोगों को जागरूक भी करेंगे। मोदी ने इनसे चर्चा की।

सभा को संबोधित कर भावुक हुए प्रधानमंत्री
कूनो में चीतों को छोड़ने के बाद कराहल में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित किया। इस दौरान PM ने कूनो चीतों का जिक्र करते हुए कहा भाइयों-बहनों सरकार ने आपको ये चीते इसलिए भेंट किए हैं, क्योंकि हमारा विश्वास आप पर ज्यादा है। मध्यप्रदेश ने कभी मेरे भरोसे पर आंच नहीं आने दी है और मैं जानता हूं कि श्योपुर के भाई-बहन भी मेरे विश्वास को टूटने नहीं देंगे।

श्योपुर जिले के कराहल में स्व-सहायता समूहों का सम्मेलन हुआ। इसमें आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
श्योपुर जिले के कराहल में स्व-सहायता समूहों का सम्मेलन हुआ। इसमें आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं से बात की।
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं से बात की।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी को एक जैकेट भी भेंट किया। मोदी ने जैकेट को बारीकी से देखा।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी को एक जैकेट भी भेंट किया। मोदी ने जैकेट को बारीकी से देखा।

देश में 70 साल बाद चीतों की वापसी हुई है। शनिवार को नामीबिया से 8 चीते भारत पहुंचे हैं। शेर को दहाड़ते और टाइगर को गरजते हुए आपने कई बार सुना होगा, पर चीतों की आवाज कैसी होती है, ये कम ही लोगों को ही पता होगा। नामीबिया से कूनो पहुंचे एक चीते की आवाज को इस वीडियो में सुनिए- कैसी है चीतों की आवाज, VIDEO:बिल्ली के जैसे गुर्राता और मिमियाता है चीता, नामीबिया से कूनो पहुंचे चीते की वॉइस