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CM हाउस पहुंची फर्जी नोटशीट के मामले में नया मोड़:सरगना ने क्राइम ब्रांच को चौंकाया; बोला- हमने सिर्फ विधायक का लैटरहेड इस्तेमाल किया, दूसरा गिरोह भेज रहा सांसद के नाम की नोटशीट

भोपाल2 महीने पहले

मध्यप्रदेश में विधायकों और सांसदों की फर्जी नोटशीट-लैटर हेड का इस्तेमाल कर शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर की अनुशंसा करने वाले गिरोह से पूछताछ में नया खुलासा हुआ है। आरोपी रामप्रसाद राही उर्फ गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उसने किसी भी सांसद के नाम से ट्रांसफर के लिए नोटशीट नहीं भेजी है। उसने सिर्फ विधायक का लैटरहेड इस्तेमाल किया था। उसने कहा कि कोई दूसरा गिरोह सांसद के नाम से नोटशीट भेज रहा है। ऐसे में पुलिस अब दूसरे गिरोह की तलाश कर रही है।

क्राइम ब्रांच एएसपी गोपाल धाकड़ ने बताया कि पुलिस उन कर्मचारियों से पूछताछ करेगी, जिनके लिए सांसदों के नाम से फर्जी नोटशीट भेजी गई थी। सीधी में पदस्थ प्रभारी तहसीलदार वीरेंद्र पटेल को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के नाम से तहसीलदार वीरेंद्र का सीधी से देवास ट्रांसफर की अनुशंसा की गई थी। इसी तरह भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, राजगढ़ सांसद रोडमल नागर के नाम से भी फर्जी अनुशंसा की गई है। रामप्रसाद राही सिलवानी, रायसेन से बीजेपी विधायक रामपाल का कुक रह चुका है।

भोपाल क्राइम ब्रांच ने बुधवार को विधायकों, सांसदों की फर्जी नोटशीट भेजकर कर्मचारियों के ट्रांसफर की अनुशंसा करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का पुराना चपरासी रामगोपाल पाराशर, विधायक रामपाल सिंह का पूर्व कुक रामप्रसाद राही भी शामिल है। आरोपियों ने 30 शासकीय कर्मचारियों की अनुशंसा भेजी थी। पुलिस ने इनके पास जब्त कम्प्यूटर की भी जांच शुरू कर दी है।

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गिरफ्तार आरोपी और गोरखधंधे में उनकी भूमिका
राम प्रसाद राही:
सुनहरी बाग जवाहर चौक का रहने वाला है। जनप्रतिनिधियों के बंगले में वह कुक का काम करता है। वह फर्जी लेटर हेड तैयार करता था। खुद ही विधायक, सांसद के हस्ताक्षर कर प्रपोजल संबंधित विभाग को भेज देता था।
लखनलाल: ग्राम कानीबड़ा उपयपुरा, रायसेन का रहने वाला है। फर्जी लेटर हेड में डिस्पेच नंबर अंकित करने का काम करता था। इसके साथ ही ट्रांसफर करवाने वाले से अपने खाते में रकम जमा कराता था।

रामकृष्ण राजपूत: टिमरनी, हरदा का रहने वाला है। वह कम्प्यूटर ऑपरेटर है। लेटरहेड में वह ही टाइपिंग करता था। इसके लिए उसे कमीशन मिलता था।
दशरथ राजपूत: खामापडवा, हरदा का रहने वाला है। कम्प्यूटर ऑपरेटर है। वह रामकृष्ण के साथ मिलकर नोटशीट में प्रपोजल तैयार करता था।
रामगोपाल पाराशर: मॉडल स्कूल परिसर टीटी नगर, भोपाल में रहता है। वह शिक्षा विभाग में सरकारी भृत्य है। लेटरहेड उपलब्ध कराने का काम करता था।

विधायक रामपाल के बंगले में कुक रहा, उनके ही नाम से 27 लोगों की अनुशंसा की
गिरफ्तार आरोपी रामप्रसाद राही की छतरपुर में ससुराल है। उसने विधायक रामपाल सिंह के फर्जी लेडर हेड, नोटशीट से अकेले छतरपुर के रहने वाले 27 कर्मचारियों की अनुशंशा की है। एएसपी धाकड़ ने बताया कि रामप्रसाद ने सबसे अधिक नोटशीट भेजी है। वह विधायक रामपाल सिंह के बंगले में कुक रह चुका है।

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