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  • Government Bid – 10,742 New Jobs Decreased In March, Industrial Organizations Claim – 20 Thousand Jobs Lost In Two Sectors

MP में दूसरी लहर का असर:सरकार बोली- मार्च में 10,742 नए रोजगार घटे, औद्योगिक संगठनों का दावा- दो सेक्टर में ही 20 हजार की नौकरी गई

भोपाल2 महीने पहले
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होटल-रेस्त्रां में ज्यादा नुकसान; अप्रैल-मई में 20 हजार से अधिक नौकरियां गईं। - Dainik Bhaskar
होटल-रेस्त्रां में ज्यादा नुकसान; अप्रैल-मई में 20 हजार से अधिक नौकरियां गईं।
  • ईपीएफओ के मार्च के पैरोल डेटा में सामने आई हकीकत

मप्र में कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही नई नौकरियां 50% तक घट गईं, जो कंपनियां रोजगार देने वाली थीं, उन्होंने भर्तियों को होल्ड पर रख दिया। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के मार्च के पैरोल डेटा में यह बात सामने आई। इस साल फरवरी में प्रदेश में 21,277 नई नौकरियां मिलीं थी। लेकिन मार्च में इनकी संख्या घटकर 10,535 ही रह गई। पिछले साल अप्रैल-मई में लगा सख्त लॉकडाउन खुलने के बाद से पैरोल से जुड़े पीएफ अंशदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी।

जून-20 से फरवरी-21 तक हर माह औसतन 20 हजार से अधिक लोगों को नई नौकरियां भी मिलीं। लेकिन महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ और फिर मप्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के बाद इस पर ब्रेक लग गया। जानकार कहते हैं कि मप्र के ऑटोमोबाइल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काफी तेजी आ गई थी। इसलिए यहां रोजगार के अवसर तेजी से बन रहे थे। लंबे समय बाद लोग घरों से बाहर निकले थे। मप्र के अधिकांश नेशनल पार्क के रिसोर्ट पूरी तरह से फुल चल रहे थे। ऐसे में इस सेक्टर में भी बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहे थे। यह तेजी फरवरी तक ही जारी रह पाई।

प्रदेश में ऐसे बढ़ती गई बेरोजगारी

  • 10535 नई नौकरियां इस साल मार्च में मिली प्रदेश को।
  • 21,277 नई नौकरियां इस साल फरवरी में मिली प्रदेश को।
  • 1703 नई नौकरियां मिलीं पिछले साल मई में।

मध्यप्रदेश में इन सेक्टर्स में मिलते हैं सबसे ज्यादा रोजगार
इंडस्ट्रीज

मप्र में ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग के बड़े उद्योग हैं।

ट्रेडिंग
व्यापार-व्यवसाय से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार मिलता है।

बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन
रियल एस्टेट सेक्टर मध्यम दर्जे की नौकरियां देने वाला बड़ा क्षेत्र है।

टेक्सटाइल
भोपाल से लगे क्षेत्रों में ट्राइडेंट, वर्धमान और नाहर जैसी कंपनियां हैं।

होटल्स
यह सेक्टर पर्यटन पर आधारित है, जिसमें तेजी से बढ़ोतरी होगी।

सर्विस सेक्टर
ऑनलाइन कंपनियों के आने के बाद इस सेक्टर में नौकरियां बढ़ी हैं।

होटल-रेस्त्रां में ज्यादा नुकसान; अप्रैल-मई में 20 हजार से अधिक नौकरियां गईं
इस साल लॉकडाउन के बाद अप्रैल-मई में मप्र में करीब 20 हजार लोगों को या तो नौकरियां गंवानी पड़ीं या फिर उन्हें लॉकडाउन खुलने तक ब्रेक लेना पड़ रहा है। सबसे अधिक 10 हजार लोगों ने होटल्स, रिजॉर्ट और रेस्त्रां में नौकरियां गंवाईं। राजधानी में होटल्स एंड रेस्त्रां एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली कहते हैं कि अप्रैल में सबसे पहले होटल्स और रेस्त्रां ही बंद किए गए। मप्र में करीब 500 बड़े होटल्स हैं। हर होटल में औसतन 50 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें 40% पेरोल पर हैं। यह सभी अप्रैल और मई में बेकार हो गए। हालांकि इनमें से 80% लोग अगस्त तक काम पर लौट सकते हैं।

पिछले साल सभी सेक्टर में नाैकरियां बढ़ीं
2020 में लॉकडाउन खुलने के बाद सभी सेक्टर में नौकरियां तेजी से बढ़ीं थी। यह गति फरवरी तक जारी रही। इसलिए दो माह की नकारात्मक वृद्धि के बाद भी मप्र में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1.95 लाख नए लोग पैरोल से जुड़े। 2019-20 में इनकी संख्या 1.90 लाख रही थी। उद्यमी कहते हैं कि इस वृद्धि में सबसे बड़ी हिस्सेदारी ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर की थी।

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