दिग्विजय सिंह को अचानक दिल्ली बुलाया:कांग्रेस अध्यक्ष के लिए कर सकते हैं नामांकन; कमलनाथ बोले-मैं मध्यप्रदेश नहीं छोड़ूंगा

भोपाल2 महीने पहले

मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकते हैं। दिग्विजय सिंह अभी भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ हैं। उन्हें अचानक दिल्ली बुलाया गया है। माना जा रहा है कि ​​​​​​दिग्विजय सिंह कल (गुरुवार) कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर सकते हैं। वे इसके संकेत भी दे चुके हैं। राजस्थान में सियासी उठापटक के बाद उनका नाम तेजी सामने आया है। वहीं कमलनाथ ने भी खुद को कांग्रेस अध्यक्ष की रेस से बाहर बताया है। खास बात यह है कि कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी दिग्विजय सिंह के साथ एक ही फ्लाइट में दिल्ली के लिए रवाना हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए संभावित प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एक साथ केरल से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं ।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए संभावित प्रत्याशी दिग्विजय सिंह और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एक साथ केरल से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं ।

इधर कमलनाथ ने बुधवार को भोपाल के PCC (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) दफ्तर में कहा- दिग्विजय सिंह के अध्यक्ष बनने के सवाल पर बोले- ये उनसे ही पूछिए। राहुल गांधी से एक महीने पहले बात की थी। उनसे कहा था कि आप लीडर बनिए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। शशि थरूर ने मुझसे बात की थी। थरूर ने कहा था कि वे इसलिए पर्चा भरेंगे, क्योंकि चुनाव हो। ऐसा न लगे कि चुनाव नहीं हो रहे।

जानिए, दिल्ली में सोनिया के साथ क्या चर्चा की
कमलनाथ को सोनिया गांधी ने दिल्ली बुलाया था। कमलनाथ ने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 12 महीने बचे हैं। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं ले सकते, क्योंकि मेरा ध्यान मप्र से हट जाएगा। अभी गुजरात का चुनाव है, फिर हिमाचल में चुनाव होंगे, हर प्रदेश की चुनावी रणनीति मैं नहीं बना सकता। अभी मेरा पूरा ध्यान MP पर है। मैं अध्यक्ष बनने में ज्यादा दिलचस्पी भी नहीं लेता। मैं इस समय मप्र से अपना ध्यान नहीं हटाना चाहता।

गहलोत के लिए क्यों कहा कि उन्होंने गलत किया है
कांग्रेस की अनुशासन समिति ने गहलोत कैंप के दो मंत्रियों समेत तीन को नोटिस भेजा है और अनुशासनहीनता के लिए 10 दिन के अंदर जवाब मांगा है। इनमें महेश जोशी, शांति धारीवाल और विधायक धर्मेंद्र राठौड़ शामिल हैं। कमलनाथ ने राजस्थान के इस घटनाक्रम पर कहा कि उनकी अशोक गहलोत से बात हुई थी। गहलोत जी और दूसरे लोगों का व्यवहार सही नहीं था, उनको शोकॉज नोटिस दे दिया गया है। हालांकि, अशोक गहलोत का कहना है कि ये उन्होंने नहीं करवाया।

पायलट और गहलोत गुटबाजी पर भी रखी बात
राजस्थान कांग्रेस में अनुशासनहीनता पर कमलनाथ ने कहा, सचिन पायलट ने कुछ नहीं किया, वे तो मीडिया में भी कुछ नहीं बोले। कांग्रेस में नई लीडरशिप को आगे आने से रोकने के आरोपों पर बोले- ये BJP से पूछिए प्रधानमंत्री तो 70 साल के हो गए हैं। नड्‌डा को बिना चुनाव दूसरी बार अध्यक्ष बना दिया। पायलट और गहलोत दोनों मेरे मित्र हैं, मैं इस गुटबाजी में नहीं पड़ना चाहता, क्योंकि मेरे पास समय नहीं है। राजस्थान के घटनाक्रम से भारत जोड़ो यात्रा का कोई संबंध नहीं है। भारत जोड़ो यात्रा बहुत सफल रही है और आगे भी सफल रहेगी।

जानिए क्या है राजस्थान का राजनीतिक विवाद?
बता दें कि CM अशोक गहलोत के अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले नए CM को लेकर रविवार को बैठक बुलाई गई। अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ऑब्जर्वर के रूप में रायशुमारी के लिए आए, लेकिन यह बैठक नहीं हो पाई। ऑब्जर्वर की बैठक से ठीक पहले UDH मंत्री शांति धारीवाल के यहां विधायक पहुंचना शुरू हुए। कुछ तय हो पाता, इससे पहले ही राजस्थान कांग्रेस के 70 से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को इस्तीफे सौंप दिए।

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राजस्थान के ताजा सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस हाईकमान बड़ा फैसला ले सकता है। इसकी संभावना बढ़ती जा रही है। खबर है कि अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद की रेस से बाहर हो सकते हैं। कांग्रेस के सीनियर नेताओं का कहना है कि अब मल्लिकार्जुन खड़गे, दिग्विजय सिंह, केसी वेणुगोपाल, पवन बंसल अध्यक्ष पद की रेस में हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी चर्चा में आया था, लेकिन उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वे मध्यप्रदेश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। कमलनाथ की ना के बाद दिग्विजय सिंह का नाम फिर चर्चा में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों से जानिए क्या बन रहे समीकरण...