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स्टडी में विशेषज्ञ बोले:कोरोना पर सरकार की पांच स्टडी, सबने कहा-एंटीबॉडी-इम्यूनिटी देखने के लिए हो सीरो सर्वे

भोपाल23 दिन पहले
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जहां अधिक खतरा, वहां 20 से अधिक मशीनों से हो रहा सैनिटाइजेशन। - Dainik Bhaskar
जहां अधिक खतरा, वहां 20 से अधिक मशीनों से हो रहा सैनिटाइजेशन।
  • दूसरी लहर में 44 वर्ष तक की आयु वाले ज्यादा चपेट में आए

कोरोना संक्रमण के घटते ही राज्य सरकार ने पांच बड़ी संस्थाओं व उनसे जुड़े विशेषज्ञों से स्टडी कराई, जिसमें सामने आया है कि दूसरी लहर में 18 से 44 वर्ष की आयु वाले लोग ज्यादा संक्रमित हुए हैं। बुजुर्गों और 44 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह संक्रमण कम हुआ है। स्टडी में राज्य सरकार को सलाह दी गई है कि चूंकि इस बार गांव और शहरों में यह फैला है, इसलिए एंटीबॉडी और इम्यूनिटी की पड़ताल के लिए ‘सीरो सर्वे’ कराएं।

इस बार भोपाल-इंदौर में जहां प्रति दस लाख पर 50 हजार लोग कोरोना से प्रभावित हुए हैं, वहीं कुछ जिले ऐसे भी थे, जहां यह संख्या तीन हजार के आसपास रही है। मप्र में कोरोना के ट्रेंड का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि जून में दूसरी लहर और कम हो जाएगी। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इसका पीक था और मई के पहले सप्ताह से संक्रमण घटने लगा।

जहां अधिक खतरा, वहां 20 से अधिक मशीनों से हो रहा सैनिटाइजेशन

जहां संक्रमण के फैलने की अधिक आशंका है, वहां 20 से अधिक मशीनों से सैनिटाइजेशन जारी है। शनिवार को चार इमली, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, 74 बंगला, न्यू मार्केट में सैनिटाइजेशन हुआ।

इन्होंने की है यह स्टडी
जॉन हॉपकिंस विवि, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन, दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स के डॉ. भ्रामर मुखर्जी, इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवॉल्यूशन के डॉ. क्रिस्टोफर जेएल मुर्रे, सेंटर फॉर मेथेमेटिकल मोडलिंग फॉर इंफ्केस्यिस डिजीज के सेम अबोट, आईआईटी कानपुर, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टॉफ व आईआईटी हैदराबाद के मनींद्र अग्रवाल, माधुरी कानितकर और माथुकुमाली विद्यासागर तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलुरू के प्रो. एसयू गनेशन व दीपक सुब्रमनी ने की।

15 जून तक हर दिन मिलेंगे कोरोना के 1500 केस
स्टडी में सेंटर फॉर मेथेमेटिकल मोडलिंग फॉर इंफ्केस्यिस डिजीज के सेम अबोट ने मध्यप्रदेश में सात जून तक 500 से 1400 के बीच केस आने की बात कही है। इसी तरह आईआईटी कानपुर और हैदराबाद की स्टडी में आया कि 15 जून तक हर दिन कोरोना के 1500 केस मिलेंगे। इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन ने कहा है कि सितंबर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है तो यह संख्या काफी कम हो जाएगी।

सभी स्टडी में कहा गया है कि मास्क के साथ चरणबद्ध तरीके से वैक्सीनेशन किया जाए। सभी जिले एक जैसे प्रभावित नहीं हुए हैं, यह अच्छे संकेत हैं। लेकिन इन जिलों की अब गहन निगरानी होनी चाहिए। कांट्रेक्ट ट्रेसिंग और क्वारेंटाइन के साथ टेस्टिंग करके ही कोरोना की चैन को तोड़ा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर मॉनिटरिंग का जिम्मा हो। आंशिक और टोटल लॉकडाउन भी जरूरी हो तो किया जाए।

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