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टीके का टोटा:56 अस्पतालों को दिए थे 1.20 लाख डोज कम पड़े तो बचे हुए 45 हजार वापस मांगे

भोपालएक महीने पहलेलेखक: भीम सिंह मीणा
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पोर्टल पर ऑप्शन आया, लेकिन भाेपाल में कब मिलेगी स्पूतनिक, तय नहीं। - Dainik Bhaskar
पोर्टल पर ऑप्शन आया, लेकिन भाेपाल में कब मिलेगी स्पूतनिक, तय नहीं।
  • 18+ कैटेगरी के 26 वैक्सीनेशन सेंटर घटाए, 45+ के पांच बढ़ाए
  • 6 अस्पतालों ने ही शासन को वापस की बची हुई वैक्सीन

शहर के 56 निजी अस्पतालों ने शुरुआत में वैक्सीन के 1.20 लाख डोज खरीदकर वैक्सीनेशन शुरू किया था। इनमें से 75 हजार डोज लगाए भी जा चुके हैं। लेकिन 45 हजार डोज(4500 बॉयल) अभी बाकी हैं। ऐसे में राजधानी में 18+ कैटेगरी के लिए वैक्सीन की कमी को दूर करने के लिए ये डोज निजी अस्पतालों से वापस मांगे हैं। 5 मई के पहले यहां पर वैक्सीनेशन बंद कर दिया गया था।

अभी तक 6 अस्पतालों ने ही वैक्सीन के बची हुई बॉयल वापस की हैं। गौरतलब है कि शासन ने नया नियम बनाया कि किसी भी अस्पताल या कोविड सेंटर में वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का डर है। इसके बाद स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी और पंचायत भवन को नए सेंटर के रूप में डेवलप किया गया। अब पेंच इस बात का फंस रहा है कि निजी अस्पतालों ने प्रति वैक्सीन 150 रुपए भुगतान करके सरकार से इन्हें खरीद था और वे वापस करने के लिए उतनी ही राशि मांग रहे हैं।

इधर, वैक्सीन की कमी के चलते 18+ के लिए बनाए गए 49 सेंटर में से 26 कम कर दिए हैं। अब 23 सेंटर पर 2300 वैक्सीन ही लगाई जाएंगी। 45+ के लिए 50 से बढ़ाकर 55 सेंटर कर दिए गए हैं। वहीं वैक्सीन की संख्या भी बढ़ाकर 13 हजार 800 कर दी गई है। दोनों ही वर्ग में कोविशील्ड के 12500 और कोवैक्शीन के 3600 डोज लगाए जाएंगे।

वैक्सीन की यह है हकीकत

  • 06 लाख 36 हजार 719 को लोगों को ही लग पाई है वैक्सीन
  • 72 हजार 512 लोगों को ही अभी सेकंड डोज लगाया जा सका है
  • 14 हजार लोगों को अभी औसतन रोज सेकंड डोज लगाया जा रहा है।

एक सप्ताह का स्टॉक ही बचा है
सरकार के पास अगले एक सप्ताह का स्टॉक बचा हुआ है। इसमें करीब 50 हजार कोविशील्ड व 25 कोवैक्सीन शामिल हैं। 18+ कैटेगरी वालों को कोवैक्सीन ही लगाई जानी है, इसलिए इन्हें कम बुकिंग दी जा रही है। जबकि कोविशील्ड के जितने डोज रोज जारी किए जाते हैं, उसमें से 30% बच रहे हंै। सोमवार को जिन सेंटर पर वैक्सीनेशन होना था, उनमें 45+ वालों के 29 सेंटर पर बुकिंग ही नहीं हुई थी।

शहर को चाहिए अभी इतनी वैक्सीन
शहर की आबादी करीब 27 लाख है। इसमें से 18 वर्ष से कम आयु वाले करीब 7 लाख हैं। यानि करीब 20 लाख लोगों को वैक्सीनेशन किया जाना है। इसमें से अब तक 6 लाख 36 हजार 719 लोगों को ही वैक्सीन लगाई गई है। इस संख्या में से भी महज 72512 लोगों को ही सेकंड डोज लगा है। ऐसे में करीब 14 लाख आबादी को फर्स्ट डोज और करीब 19 लाख लोगों को सेकंड डोज लगाया जाना बाकी है। अभी रोजाना औसतन 14 हजार लोगों को दोनों डोज लगाए जा रहे हैं और सप्ताह में केवल सात दिन वैक्सीन लगाई जाती है। इस हिसाब से पूरी आबादी को दोनों डोज लगाने में 235 दिन लग जाएंगे।

बची हुई वैक्सीन का भुगतान करेंगेे

शहर में वैक्सीनेशन अपनी रफ्तार से चल रहा है। कहीं कोई कमी नहीं है। शहर की जिन निजी संस्थाओं ने वैक्सीन ली थी, वे यदि समय पर नहीं लगी तो बेकार हो जाएंगी। इसीलिए कहा गया है कि जिनके पास वैक्सीन बची हैं, वे वापस कर सकते हैं। नियमानुसार उन्हें वैक्सीन का भुगतान किया जाएगा।
-डॉ. उपेंद्र दुबे, प्रभारी जिला टीकाकरण अधिकारी, भोपाल

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