पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Hamidia's Doctor, Yashwant, Is Undergoing Treatment For Coronet affected Elderly People Living Alone In Duty At Home Isolation

यह सेवा काल भी है...:​​​​​​​हमीदिया के डॉक्टर धवले ड्यूटी के बाद अकेले रहने वाले होम आइसोलेट कोरोना पीड़ित बुजुर्गों का करते हैं इलाज; अब तक 150 से ज्यादा घर गए

भोपाल4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डॉ. यशवंत धवले अपने सहयोगी डॉक्टर के साथ। - Dainik Bhaskar
डॉ. यशवंत धवले अपने सहयोगी डॉक्टर के साथ।

कोरोना संक्रमण में अस्पताल के मनमाने बिल, दवा की कालाबाजारी करने वालों के बीच लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले लोग भी देवदूत बनकर सामने आ रहे हैं। इसका उदाहरण हमीदिया अस्पताल के निश्चेतना विभाग के प्रोफेसर डॉ. यशवंत धवले हैं।

डॉ. यशवंत भोपाल में अकेले रहने वाले कोरोना पीड़ित बुजुर्गों का घर-घर जाकर इलाज कर रहे हैं। जिन लोगों के बच्चे शहर से बाहर या विदेश में रहते हैं। पिछले एक महीने में यशवंत ऐसे करीब 150 कोरोना पीड़ित बुजुर्गों का इलाज कर चुके हैं। उनकी पत्नी डॉ. नीलिमा कस्तूरबा अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। उनकी दो बेटियां हैं। इस काम में डॉ. यशवंत के साथ डॉ. आशीष बोहरे भी उनका साथ दे रहे हैं।

ऐसे हुई शुरुआत

डॉ. यशवंत धवले ने बताया, अप्रैल की शुरुआत में केस बढ़ रहे थे। होम आइसोलेशन में पीड़ितों के गंभीर होने के कुछ मामले सामने आए, जिसके बाद अकेले रहने वाले बुजुर्गों का घर पर इलाज करने का निर्णय लिया। फिर सोशल मीडिया पर अकेले रहने वाले कोरोना पीड़ितों का घर पर इलाज करने संपर्क करने का स्टेट्स डाला। दोस्तों ने इसे शेयर किया। धीरे-धीरे अलग-अलग शहरों से लोगों के फोन आने लगे। इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन समेत अन्य देशों से भी लोगों ने उनके बुजुर्ग माता-पिता को देखने फोन किया। डॉ. यशवंत ने बताया कि वह हमीदिया अस्पताल में मरीजों को देखने के बाद घर-घर जाकर मरीजों को देख कर उनका इलाज कर रहे हैं।

एक महीने से घर नहीं गए

डॉ. यशवंत ने बताया कि वह एक महीने से घर नहीं गए हैं। यशवंत ने छोटी बेटी के बर्थडे 24 अप्रैल को घर गए, लेकिन उससे मिल नहीं सके। उन्होंने घर के बाहर खिड़की से ही उसे शुभकामनाएं दीं। डॉ. यशवंत ने बताया कि वह लगातार मरीजों के संपर्क में आ रहे हैं, इसलिए अभी वह गेस्ट हाउस में ठहरे हैं। डॉ. यशवंत ने बताया कि उनको अभी एक बात सबसे ज्यादा बेटियां माता-पिता की देखभाल करने को लेकर सबसे ज्यादा संवेदनशील दिखी।

माता-पिता घर पर ही हुए स्वस्थ

नागपुर में निजी कंपनी में काम करने वाले वैभव ने बताया कि उनके माता-पिता की तबीयत खराब होने का फोन आया। वह खुद आइसोलेट थे। उन्होंने माता-पिता को कोरोना जांच कराने के लिए कहा। 25 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनको परिचित ने डॉ. यशवंत धवले का नंबर दिया। डॉ. यशवंत ने बात हुई। वह रात को 11 बजे मेरे घर पहुंचे और माता-पिता निश्चित रहने की बात कही। वह लगातार मेरे माता-पिता का इलाज और देखभाल करते रहे। अब मेरे माता पद्मा जाधव और पिता प्रमोद जाधव दोनों कोरोना का हराकर स्वस्थ हो चुके हैं।

अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा था, घर पर ही ठीक हो गईं

इंद्र विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहने वाली अशिमा अली ने बताया कि उन्हें लगातार बुखार आ रहा था। कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इसके बाद सीटी स्कैन कराया, तो फेफड़े में संक्रमण बताया। परिवार वाले अस्पताल में भर्ती करने के लिए बेड ढूंढ रहे थे, लेकिन सब जगह मना कर रहे थे। वह 12 अप्रैल का दिन था। एक मित्र ने डॉ. यशवंत का नंबर दिया। उनको कॉल लगाया, तो वह रात को घर आ गए। उन्होंने हौसला दिया और घर पर ही रहकर इलाज करने को कहा। कुछ दिन में ही मैं ठीक हो गई।

सावधानी रखें और सकारात्मक बन रहे

“ मेरा सभी लोगों से अनुरोध है कि घर पर ही रहे। घर से जरूरत पड़ने पर निकलना है, तो मास्क अच्छे से लगाए। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। याद रखें, मास्क को घर पर आकर ही निकाले हैं। दूसरा यदि कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हैं, तो तुरंत अपने आप को आइसोलेट कर लें। अपनी जांच कराएं। यदि आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है तो घबराएं नहीं। सकारात्मक सोचें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा शुरू करें। इसके अलावा पेट के बल ज्यादा से ज्यादा सोए। प्रोटीन डायट लें और 12 घंटे में कम से कम 5 लीटर पानी पीयें। ”
- डॉ. यशवंत धवले, प्रोफेसर, निश्चेतना विभाग, हमीदिया अस्पताल

खबरें और भी हैं...