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उप लोकायुक्त के PA ने किया खुदकुशी का प्रयास:बोला- मैडम ने परेशान किया, डिप्रेशन में आ गया; वेतन काटा, नोटिस दिया, अब नौकरी से निकालने की धमकी दे रही हैं

भोपाल4 महीने पहले
सुसाइड का प्रयास करने के बाद ड्यूटी पर लौटे रामचंद्र मकोड़े। इस दौरान वह आफिस का काम करते रहे।

लोकायुक्त संगठन मध्यप्रदेश के उप लोकायुक्त जस्टिस एसके पालो के पीए ने शुक्रवार को फांसी लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। पीए की कुर्सी से थोड़ी ही दूरी पर बैठे कर्मचारी का यह मंजर देखकर हाथ-पैर फूल गए। उसने तुरंत ही फंदे पर झूलते पीए को अपने हाथों से सहारा दिया। उसकी जान बचा ली। पूरा घटनाक्रम दफ्तर में हुआ। इसके थोड़ी देर बाद सब कुछ सामान्य भी हो गया। पीए ने फिर से आफिस जॉइन कर लिया। रोजाना की तरह वह काम में जुट गए। तीन घंटे तक चले इस ड्रामे की नौबत क्यों आई, पढ़िए उसी पीए के शब्दों में..

‘मैं, रामचंद्र मकोड़े दो दशक से अधिक वक्त से लोकायुक्त कार्यलय में पदस्थ हूं। कई अधिकारियों के साथ काम कर चुका हूं। वर्तमान में उप लोकायुक्त जस्टिस एसके पालो का पीए हूं। नौकरी के दौरान मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। जिम्मेदारियों के साथ काम किया। 4 और 27 नवंबर 2020 को मैंने हॉफ-डे की छुट्‌टी ली थी। इन दोनों दिन हाफ-डे ड्यूटी किया। इस पर सचिव डा.अरुणा गुप्ता ने बोला कि तुम हाफ-डे लेकर पूरा दिन छुट्‌टी में रहे हो। मैंने कहा कि मैडम स्टॉफ से पूछ लीजिए, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुईं। उन्होंने मेरा वेतन काट लिया। मैंने कुछ नहीं बोला।

इसके बाद मुझे इसी मामले में शोकॉज नोटिस सचिव मैडम की तरफ से मिला। जिसका मैंने जवाब दिया। छुट्‌टी को मैडम के बाबू ने अपने रजिस्टर में मेंशन नहीं किया था। इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी। फिर भी मैडम मुझे ही गलत ठहरा रही थीं। इसी बीच 14 दिसंबर को मैडम ने मुझे अपनी केबिन में बुलाया। उन्होंने मुझे नौकरी से सस्पेंड करने की धमकी दी। इसके बाद भी मैडम मुझे हर रोज कोई न कोई गलती निकालकर मुझे परेशान करने लगीं। मैं परेशान हो चुका था। उनकी वजह से डिप्रेशन में आ गया।

मुझे अब कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। शुक्रवार को आफिस आने के बाद मैंने सुसाइड करने का मन बना लिया। मेरे पास इसके लिए अब कोई रास्ता नहीं था। मेरी कोई नहीं सुन रहा था। हालांकि साथी कर्मचारियों ने मुझे बचा लिया। उनका शुक्रिया। घटना की जानकारी लगने के बाद मैडम भी आई थीं। उन्होंने सिर्फ इतना पूछा कि मकोड़े क्या हो गया तुम्हें..। इसके बाद वह अपनी केबिन में चली गईं।

घर से रस्सी लेकर आए, एफआईआर दर्ज

सीएसपी नागेन्द्र पटेरिया ने बताया कि जांच में पता चला कि रामचंद्र घर से ही सुसाइड का मन बनाकर आए थे। वह घर से ही सफेद रंग की रस्सी साथ में लाए थे। इधर, शाहजहांनाबाद पुलिस ने अनुभाग अधिकारी, लोकायुक्त संगठन पीके भारद्वाज की शिकायत पर रामचन्द्र मकोड़े के खिलाफ आईपीसी की धारा-309 के तहत केस दर्ज किया है। पति के इस कदम की जानकारी लगने के बाद मकोड़े की पत्नी लोकायुक्त दफ्तर पहुंचीं। वह बिजली कंपनी में नौकरी करती हैं। वह घर चलने को कहती रहीं और पति को समझाती रहीं। इधर, डा. अरुणा गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

कम्प्यूटर में टाइप किया सुसाइड नोट

पुलिस को रामचंद्र मकोड़े की जेब से सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसे उन्होंने दफ्तर में टाइप किया था। सुसाइड नोट में भी सचिव के परेशान करने का जिक्र है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। रामचंद्र के पुलिस दोबारा बयान ले सकती है।

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