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  • Haryana, Punjab, Maharashtra Are Better Than MP In Sports, Because Family Support, Sports Culture, Infrastructure Everything Is Many Times Better Than Us, So Half The Medals Received In Tokyo Olympics Belong To These States.

प्रदेश में खेल कल्चर बढ़ाने की जरूरत:खेलों में मप्र से बेहतर हैं हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, क्योंकि फैमिली सपोर्ट, खेल कल्चर, इंफ्रास्ट्रक्चर सब कुछ हमसे कई गुना अच्छा, इसलिए टोक्यो ओलिंपिक में मिले आधे मेडल इन्हीं राज्यों के

भोपाल4 महीने पहलेलेखक: कृष्ण कुमार पांडेय
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  • ओलिंपिक में मप्र के दो खिलाड़ी शामिल हुए, इनमें एक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट टीम का हिस्सा रहा

टोक्यो ओलिंपिक गेम्स खत्म हो चुके हैं और इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से हासिल हुए 7 मेडल और विजेता खिलाड़ी इतिहास में दर्ज हो चुके हैं, लेकिन मेडल जीतने वालों में आधे खिलाड़ी हरियाणा और पंजाब के हैं, जबकि मध्यप्रदेश के दो खिलाड़ियों ने इन गेम्स में हिस्सा लिया था और इनमें से एक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट टीका का हिस्सा रहा। हरियाणा, पंजाब ऐसे राज्य हैं, जिनका नेशनल गेम्स में भी दबदबा रहता है। इन खेलों का 20 साल का रिकॉर्ड तो यही राज्य हमेशा टॉप-10 में रहे। आखिर हम कहां पीछे रहते हैं पढ़ें येह रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश में अकादमियों तक सिमटे खेल, कोच और फैसिलिटी दोनों कम, कई स्कूलों में खेल विभाग भी नहीं

भास्कर एक्सपर्ट..बीएस कुशवाह, पूर्व खेल संचालक

सबसे अच्छी जॉब पॉलिसी हरियाणा की

हरियाणा : इंटरनेशनल मेडलिस्ट को आउट ऑफ टर्म नौकरी। पुलिस में डीएसपी से खेल विभाग में उप खेल निदेशक बताते हैं। पंजाब : हर विभाग में 3% खेल कोटा। बड़े मेडल जीतने पर डीएसपी जैसे पदों पर सीधी नियुक्ति। महाराष्ट्र : सीधे क्लास वन पाेस्ट पर नौकरी देते हैं। मध्यप्रदेश : हर साल 12 विक्रम अवॉर्डियों को नौकरी। ओलिंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ व चार साल में हाेने वाले वर्ल्डकप या वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडलिस्ट को सब इंस्पेक्टर और 50 पद सिपाहियों के लिए करने की तैयारी।

इंफ्रास्ट्रक्चर : सबसे अच्छा पंजाब का

  • पंजाब : 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, 23 जिलों में मल्टीपर्पज हॉल, 20 से अधिक हॉकी और एथलेटिक्स टर्फ। एनआईएस पटियाला और पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स।
  • हरियाणा : सोनीपत में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस। प्रदेश में ऐसे 20। यहां मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल हैं।
  • महाराष्ट्र : 11 खेलों की स्पेशलाइज्ड अकादमी। पुणे में बालेबड़ी स्टेडियम और आर्मी स्पोर्ट्स सेंटर। प्रदेश के 8 डिवीजन में मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम, 30 डिस्ट्रिक्ट और 250 ब्लॉक पर मिनी स्टेडियम। साथ ही दो साई सेंटर हैं। प्रदेश में तीन-चार हॉकी टर्फ है।
  • मध्यप्रदेश : तात्या टाेपे स्टेडियम। यहां 17 खेलों की 18 खेल अकादमियां तो हैं, लेकिन काेई बड़ा मल्टी स्पोर्ट्स स्टेडियम नहीं है। भोपाल में साई का रीजनल सेंटर है, जबकि टीकमगढ़, जबलपुर, धार में साई के ट्रेनिंग सेंटर हैं। साई के आठ खेलों के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी हैं। प्रदेश में 16 हॉकी टर्फ, चार एथलेटिक्स टर्फ हैं। ग्वालियर में एलएनआईपीई स्पोर्टस यूनिवर्सिटी है।

पंजाब में 40 हजार खिलाड़ी रजिस्टर, 1 लाख का टारगेट

  • हरियाणा : परिवार व सरकार का अच्छा सपोर्ट। यदि किसी घर का कोई खिलाड़ी दिल्ली में अभ्यास कर रहा है तो उनके घर का एक सदस्य रोज दूध लेकर दिल्ली जाता है।
  • पंजाब : खेलों में हर दूसरे परिवार की भागीदारी। 40 हजार से अधिक रजिस्टर खिलाड़ी हैं। एक लाख करने का लक्ष्य।
  • महाराष्ट्र : सरकार, कॉर्पोरेशन, संघ और स्कूल के अलग-अलग कॉम्प्टीशन होते हैं। धार्मिक व अन्य आयोजनों पर भी खेल होते हैं।