पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Headache Due To Black Fungus As If Someone Was Hammering, Swelling Of Eyes And Cheeks, Paralysis Also Occurred

ब्लैक फंगस के मरीजों की आपबीती:ब्लैक फंगस से सिर में ऐसा दर्द मानो कोई हथौड़े मार रहा हो, आंख और गाल में आई सूजन, पैरालिसिस भी हुआ, 15-15 इंजेक्शन लगे, सर्जरी के दौरान चेहरा बिगड़ गया

भोपालएक महीने पहलेलेखक: वंदना श्रोती
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • ये कहानियां उन लोगों की हैं, जिन्होंने महामारी का दर्द झेला और अब धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहे हैं...

ये हकीकत है उन लोगों की है, जो न तो काेरोना से डरे और न ही ब्लैक फंगस से। दाेनों ही बीमारियों से जमकर लोहा लिया और अपने हौसले के दम पर जिंदगी को फिर अपने नाम कर लिया। हालांकि ब्लैक फंगस के कारण इनमें से किसी का चेहरा बिगड़ गया तो किसी को पेरालिसिस भी हो गया, लेकिन ये घबराए नहीं और दोनों महामारी से लड़कर अपने-अपने घर पहुंचे।

इनमें से कुछ की एक सर्जरी होना है, किसी के चेहरे पर अब भी सूजन है, लेकिन इन्हें विश्वास है कि सब धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। आप भी पढ़िए इन्होंने कैसे कोरोना महामारी और ब्लैक फंगस बीमारी से जंग जीती।

जांच कराई तो नाक में फंगस निकला
मुझे शुगर है। 45 साल में कभी कोई बीमारी नहीं हुई। परिवार के सभी सदस्य बेटी की शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। बेटी की शादी 8 मई को थी। 1 मई को मुझे अचानक बुखार आया। डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने दवा दी, लेकिन 2 मई को सिर में तेज दर्द हुआ। सोचा ठीक हो जाएगा। 3 मई को सिरदर्द इतना बढ़ गया कि उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। बेटा मुझे लेकर अस्पताल गया। डॉक्टर ने जांच के बाद नाक के पास कुछ काला देखा।

उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस हो गया है। जांच कराई तो नाक के अलावा आंख के नीचे भी फंगस थी। इसके बाद निजी अस्पताल में डाॅक्टर ने ऑपरेशन कर नाक के पास से फंगस को निकाल दिया। अब आंख की सर्जरी बाद में होगी। ब्लैक फंगस ने मेरा चेहरा जरूर बिगाड़ दिया है। मुझे मालूम है कि महामारी नहीं, मैं ही जीतूंगी।
-जैसा सुमित्रा दांगी ने बताया

दो महामारियों को हराया, लकवे से भी जीतूंगा
मुझे 10 अप्रैल को बुखार आया। कोरोना टेस्ट कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मैं होम आइसोलेशन में रहा। 19 अप्रैल को ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। बेटा शुभम मुझे करोंद स्थित एक निजी अस्पताल ले गया। आराम नहीं लगा तो वह मुझे डिस्चार्ज करके राजगढ़ ले गया। वहां से 2 मई को डिस्चार्ज हुआ। तीन मई को अचानक आंख में दर्द हुआ और सूजन आ गई। बेटा मुझे हमीदिया अस्पताल ले गया, जहां मुझे भर्ती कर लिया।

इस दौरान इंजेक्शन की शार्टेज हाेने पर बेटे ने 15 इंजेक्शन का इंतजाम बाहर से किया। मेरी बाईं आंख का ऑपरेशन हुआ। तभी बाईं तरफ लकवा हो गया। सभी इलाज एक साथ शुरू हुए। ऑपरेशन के बाद से मेरी आई बॉल मूव नहीं करती। ईश्वर का शुक्र है कि आंख की रोशनी नहीं गई। जैसे दो महामारी को हराया है, वैसे लकवा को भी शरीर से बाहर से निकाल फेकूंगा।
-जैसा कि विश्वनाथ सिंह ने बताया

आंख-गाल पर सूजन है, वह भी चली जाएगी
मैं प्राइवेट कंपनी में काम करता हूं। मुझे तीन साल से शुगर थी। काम के दौरान 3 मई को कोरोना पॉजीटिव हो गया था। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। 8 दिन ही घर में रह पाया। इसके बाद अचानक सिर में दर्द होने लगा। दर्द इतना तेज था मानो कोई हथौड़ा मार रहा हो। 13 तारीख को यह दर्द तेज हो गया तो डाॅक्टर को दिखाया। उन्होंने बताया कि स्थिति गंभीर है। इसके बाद 14 तारीख को हमीदिया में भर्ती किया।

डाॅक्टरों ने नाक से कुछ टिश्यू निकाल कर जांच के लिए भेजे। इस दौरान आंख और गाल पर सूजन आ गई थी। डाॅक्टरों ने स्थिति को देखते हुए तुरंत सर्जरी की, इससे मेरी आंख तो बच गई। 27 मई को डॉक्टर ने डिस्चार्ज कर दिया। आज पूरी तरह से स्वस्थ्य हूं।
-जैसा कि अनिल मिश्रा ने बताया