• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Helpline Juda Helped 7 Thousand People In 7 Days; Along With Serving Patients, Junior Doctors Are Guiding

अच्छी पहल:हेल्पलाइन जूडा ने 7 दिन में 7 हजार लाेगाें की मदद की; मरीजों की सेवा करने के साथ ही जूनियर डॉक्टर गाइड कर रहे

भोपाल6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स को गुस्सैल छात्रों के रूप में जाना जाता था। अक्सर इनके विवाद वाले किस्से ही सुर्खियों में रहते थे, लेकिन इस बार इनका नया रूप देखने को मिल रहा है। ये लोग मरीजों का इलाज तो कर ही रहे हैं, पैरलल हेल्पलाइन चलाकर परिजनों को भी मदद कर रहे हैं। इसमें परिजनों को मरीज का हाल बताना, प्लाज्मा की व्यवस्था कराना, रेमडेसिविर और अन्य ऐसी दवाओं को लेकर भ्रम दूर करना, पोर्टल पर देखकर बेड की उपलब्धता बताना।

इस काम को अंजाम देने के लिए प्रदेश के 13 शासकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर्स की 4 टीम बनाकर उनके नंबर्स सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया आदि की मदद से लोगों तक पहुंचाए । सात दिन पहले शुरू की गई इस सुविधा का 7 हजार से अधिक लोगों ने लाभ उठाया है। इसमें से भोपाल में 2 हजार लोगों को गाइड किया गया।

ये हैं हेल्पलाइन नंबर

  • गंभीर मरीजों के लिए - डॉ. हरीश पाठक - 9425177122, डॉ. सचेत सक्सेना 9893143267, डॉ. रवि सिंह तंवर 8085360556, डॉ. अरविंद मीणा 7566629737
  • सामान्य जानकारी के लिए - आकाश 9630052825, रामराज 9131604224, अजयदीप 8827341339, संदीप कुमार 9771140480
  • जीएमसी में आने वाले मरीजों के लिए - अंकिता 9982324736, शैलेंद्र 9589467079, आदित्य 9929573074, खुशी 7354029829

सोशल मीडिया पर डाल दिए नंबर ताकि लोगों को मिल सके मदद

जुडा के सदस्य डॉ. सचेत सक्सेना ने बिताया कि जब कोविड 19 की दूसरी लहर फैली और हम सभी के पास जरूरतमंद लोगो के फोन आना शुरू हुए ताे हमें एहसास हुआ कि लोग कितने परेशान हैं। तभी हम सब ने यह मिलकर तय किया कि हम लोग भी एक जेडीए एमपी यूजी विंग की हेल्पलाइन स्टार्ट करते हैं। हमने 22 सदस्यों के साथ अपने कुछ सीनियर्स (जो कि जेडीए मुख्य विंग के थे) को भी साथ लिया और हेल्पलाइन शुरू कर दी। हेल्पलाइन में शामिल किए गए नंबर्स को 19 अप्रैल 2021 को सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद यह हेल्पलाइन सभी लोगो के माध्यम से हर जगह पहुंच गई।

प्लाज्मा दिलवाया, खाली बेड की जानकारी दी

  • 7 दिन में हम सभी ने मिलकर 7 हजार से अधिक फोन रिसीव किए, जो कि पूरे मप्र से थे। अधिकतर लोगों की मदद की
  • 28 लोगों को प्लाज्मा दिलवाया। इसके पहले हमने जाना कि इन लोगों को वाकई इसकी सख्त आवश्यकता है भी या नहीं।
  • 500 से अधिक लोगों को पोर्टल देखकर बताया कि कहां बेड खाली है। इससे उनको काफी मदद मिली।

लोगों की मदद के लिए बनाई हेल्पलाइन
^हम अस्पताल में रहकर तो काम कर ही रहे हैं, लेकिन इस दौरान हमें अहसास हुआ कि बेड के लिए परेशान मरीजों के परिजनों को पता ही नहीं चलता कि कहां पोर्टल है और प्लाज्मा कैसे मिलेगा। बस ऐसे ही लोगों की मदद के लिए हमने यह हेल्पलाइन शुरू कर दी।
-डॉ. सचेत सक्सेना, सदस्य, जूडा हेल्पलाइन

खबरें और भी हैं...