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गाइडलाइन जारी... 15 से कॉलेज के साथ हॉस्टल भी खुलेंगे:यदि हॉस्टल में छात्र की तबीयत बिगड़ी तो जिम्मेदारी कॉलेज की

भोपाल7 दिन पहलेलेखक: राहुल शर्मा
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प्रदेश में 15 सितंबर से कॉलेज के साथ हॉस्टल भी खुल जाएंगे। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में 15 सितंबर से कॉलेज के साथ हॉस्टल भी खुल जाएंगे।
  • प्रोफेसरों ने शुरू किया विरोध, बोले- ऐसी जिम्मेदारी देना व्यवहारिक नहीं

प्रदेश में 15 सितंबर से कॉलेज के साथ हॉस्टल भी खुल जाएंगे, लेकिन हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की तबीयत बिगड़ी तो पूरी जिम्मेदारी संबंधित विवि और कॉलेज प्रबंधन की होगी। इस पर कॉलेज के प्रोफेसर्स ने विरोध भी शुरू कर दिया है।

उनका कहना है कि काॅलेज में पढ़ने वाले छात्र समझदार हाेते हैं और हॉस्टल में खान-पान व अन्य कोविड प्रोटोकाल के पालन का ध्यान रखा जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की जिम्मेदारी व्यवहारिक नहीं है। कॉलेज और हॉस्टल के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन भी जारी कर दी है। कॉलेज में कक्षा अटेंड करने के संबंध में स्कूलों की तर्ज पर अभिभावकों से छात्र को भेजने की सहमति ली जाएगी। साथ ही छात्राें से भी सहमति ली जाएगी। इसके फॉर्मेट विभाग ने तैयार कर लिए हैं। इसे छात्र और अभिभावकों को भरना होगा। छात्रों के लिए दिए गए फॉर्मेट में संबंधित छात्र को यह घोषणा करना होगी कि वह किस कक्षा का छात्र है और उसे कोविड 19 से उत्पन्न स्थितियों और स्वास्थ्य पर होने वाले विपरीत प्रभावों की जानकारी है। छात्र के अभिभावक को भी तय फॉर्मेट में अपनी सहमति देना होगी।

छात्र ज्यादा समय बाहर रहते हैं, कोई पॉजिटिव हुआ तो वे क्या कर सकते हैं
गाइडलाइन में कॉलेज और विवि के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के स्वास्थ्य की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन को दी है। इस पर कॉलेज के प्रोफेसर्स ने विरोध भी शुरूकर दिया है। इसकी मुख्य वजह यह है कि छात्र ज्यादा समय बाहर रहते हैं और उनका लगातर मूवमेंट भी रहता है। ऐसे में अगर कोई पॉजिटव हुआ तो उसके लिए प्रबंधन क्या कर सकता है। इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। स्वास्थ्य की संपूर्ण जिम्मेदारी कैसे संबंधित वार्डन या प्रोफेसर पर डाली जा सकती है।

इस पर पुनर्विचार होना चाहिए...
हॉस्टल में सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है, लेकिन किसी छात्र के स्वास्थ्य की संपूर्ण जिम्मेदारी वार्डन या प्रोफेसर कैसे रख सकेंगे। इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। -डॉ. राजेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ

यदि आपत्ति है तो लिखकर दें...
गाइडलाइन शासन ने तैयार की है। अगर संबंधितों को किसी बिंदु पर आपत्ति है तो लिखकर दें। उस पर विचार किया जाएगा। -वीरन सिंह भलावी, अवर सचिव, उच्च शिक्षा

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