होम किट से टेस्ट, रिकॉर्ड गायब:भोपाल में 12 दिन में 41 हजार लोगों ने घर में किया कोरोना टेस्ट; मेडिकल संचालकों ने भी नहीं मानी गाइडलाइन

भोपाल6 महीने पहलेलेखक: विवेक राजपूत
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दिसंबर में 32 हजार और जनवरी में अब तक 41 हजार कोरोना सेल्फ टेस्टिंग किट बिकीं, नतीजा- शॉर्ट हो गया स्टॉक, 30% दाम भी बढ़े। - Dainik Bhaskar
दिसंबर में 32 हजार और जनवरी में अब तक 41 हजार कोरोना सेल्फ टेस्टिंग किट बिकीं, नतीजा- शॉर्ट हो गया स्टॉक, 30% दाम भी बढ़े।

राजधानी भोपाल में जनवरी के 12 दिन में 41 हजार लोगों ने घर बैठे कोरोना टेस्ट कर लिया है। इन लोगों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। यह खुलासा मेडिकल स्टोर से लिए गए कोरोना सेल्फ टेस्टिंग किट की बिक्री के आंकड़ों से हुआ है। इनमें से जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, वे सुपर स्प्रेडर साबित हो सकते हैं।

दिसंबर महीने में शहर के फुटकर और होलसेल बाजारों से 32 हजार टेस्टिंग किट खरीदी गईं, जबकि जनवरी में अब तक करीब 41 हजार किट बिक गईं। यानी 28% से ज्यादा का इजाफा। केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव दिनेश बलेचा ने बताया कि कोरोना टेस्ट किट डिमांड बढ़ी है। पिछले 4 से 5 दिनों में तो लगातार डिमांड आ रही हैं, लेकिन अधिकांश मेडिकल पर यह किट उपलब्ध नहीं है।

आसपास के शहरों से भी बढ़ी मांग

दवा बाजार के एक बड़े स्टॉकिस्ट का कहना है कि भोपाल के साथ ही आसपास के शहरों सीहोर, रायसेन, बैरसिया, राजगढ़, सिरोंज, विदिशा, गंजबासौदा से भी किट की डिमांड आ रही है, पर सप्लाई कम होने से उनकी डिमांग पूरी नहीं हो पा रही है।

गाइडलाइन का पालन नहीं

कोरोना सेल्फ टेस्टिंग किट को लेकर शुरुआत में जो गाइडलाइन आई थी, उसमें मेडिकल संचालकों को बिक्री का रिकॉर्ड रखने को कहा था। साथ ही जो लोग इस किट का उपयोग करें, उन्हें ऐप पर अपनी रिपोर्ट अपडेट करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। न रिकॉर्ड है और न ही ऐप पर जानकारी दर्ज।

प्रिंट रेट पर बिक रहीं किट

दैनिक भास्कर ने कोरोना सेल्फ टेस्टिंग किट की बिक्री के संबंध में पड़ताल की तो पता चला कि 10 में से 6-7 मेडिकल पर किट नहीं है। जहां मिल रही है, वे प्रिंट रेट पर ही बेच रहे हैं। ऐसे में दिसंबर में जो किट 200 की थी वह 250 व 250 वाली 300 से 325 रुपए तक में मिल रही है।

निर्देश आने पर कुछ करेंगे

हमने शहर में 45 जगहों पर फ्री जांच की सुविधा की है। लोगों को वहां जांच करानी चाहिए। सेल्फ टेस्ट किट से जांच करने वालों को आईसीएमआर की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। यदि हमारे लिए कोई निर्देश आते हैं तो हम उनका पालन कराएंगे।

- डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ