पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • In Waqf Board's Hospital, The Driver Was Beaten Up By Accusing The Patient Of Indecent Behavior, Cut Off Hafiz's Beard

भोपाल में अस्पताल कर्मचारी की दाढ़ी काटी:वक्फ बोर्ड के अस्पताल में डायरेक्टर ने कर्मचारी की ट्रिमर से दाढ़ी काट दी, ऑपरेशन थिएटर में बंद करके पीटा

भोपाल4 महीने पहले

भोपाल के पुराने इलाके में वक्फ बोर्ड के शिफा अस्पताल के संचालक के अपने ही एक कर्मचारी को ऑपरेशन थिएटर में बंद करके पीटा और दाढ़ी काट दी। अस्पताल कर्मचारी पर भर्ती बुजुर्ग मरीज से अभद्रता का आरोप है। इसका वीडियो एक अन्य व्यक्ति ने बनाकर अस्पताल संचालक को भेजा था। इससे नाराज अस्पताल संचालक ने बतौर सजा कर्मचारी को पीटा और ट्रिमर से दाढ़ी काट दी।

अब कर्मचारी का वीडियो सामने आया है। इसमें उसने कहा है कि मैं तो मरीजों की सेवा करता था। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया और फिर मेरी दाढ़ी काट दी जो बहुत बड़ा जुर्म है। यदि जिम्मेदारों को सजा नहीं दी तो जान दे दूंगा। फिलहाल संचालक मोहसिन खान और उनके दो साथियों मुदस्सिर एवम शहरोज पर केस दर्ज किया गया है।

न्यू कबाड़खाना स्थित शिफा अस्पताल में यह घटना दो दिन पहले की है। यहां ड्राइवर हाफिज मोहम्मद अतीक एम्बुलैंस ड्राइवर है। उसे कुछ दिनों पहले हॉस्पिटल में मरीजों को अटैंड करने की ड्यूटी दी गई थी। उसका आरोप है, 'मुझे अस्पताल में भर्ती एक मरीज का जिम्मा दिया गया था जहां रात नौ से सुबह नौ बजे तक ड्यूटी करता था। एक दिन कोमा में पहुंच चुके इस पेशेंट का बिस्तर, तकिया आदि दुरुस्त कर रहा था।

इसी दौरान अस्पताल के अन्य कर्मचारी ने खून्नस में मेरा वीडियो बनाकर अस्पताल प्रबंधन को भेज दिया। कहा गया कि मैं मरीजों से अभद्र तरीके से पेश आ रहा हूं। इसके बाद अस्पताल संचालक मोहसिन और उसके दो साथियों ने रात डेढ़ बजे ओटी में बंद कर पीटा और दाढ़ी काट दी।'

खुद सजा देना गैर कानूनी

अस्पताल स्टाफ का कहना है कि मामले में हाफिज अतीक दोषी हैं या अस्पताल प्रबंधन, इसका फैसला जांच के बाद होगा। अस्पताल प्रबंधन द्वारा किसी व्यक्ति को खुद सजा देना गैर कानूनी है। अगर हाफिज अतीक किसी तरह दोषी थे तो उन्हें नौकरी से निकाले जाने या FIR की कार्रवाई की जाना चाहिए थी। किसी व्यक्ति को खुद सजा देने का अधिकार अस्पताल प्रबंधन को किसने दिया?

यह तो गलत बात है:बालाघाट में रिश्ता तय नहीं होने से तनाव में आकर दो सगी बहनों ने की आत्महत्या, एक ही साड़ी से फंदे पर झूली दोनों

वक्फ बोर्ड के अधीन है अस्पताल

शिफा अस्पताल मप्र वक्फ बोर्ड की जायदाद पर बनाया गया है और इसका संचालन सोसायटी द्वारा किया जाता है। तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष मरहूम गुफरान ए आजम ने इसकी नींव रखी थी। पिछली कमेटी को बदलकर करीब दो तीन माह पहले बोर्ड ने इसका संचालन डॉ. आसिम की अध्यक्षता वाली कमेटी को सौंपा है। हालांकि बताया जा रहा है कि डॉ. आसिम का नाम कमेटी में महज फिलर की तरह इस्तेमाल किया गया है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद से कभी उन्होंने अस्पताल का विजिट तक नहीं किया। यहां की पूरी कमान मोहसिन खान ना के बिल्डर के पास है।

रिपोर्ट: खान आशु

जूडा V/s सरकार:सरकार बोली- मरीजों के साथ ब्लैकमेलिंग ठीक नहीं, जूडा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

खबरें और भी हैं...