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लालची अस्पतालों पर कार्रवाई:निजी अस्पतालों के मनमाने बिलों की जांच शुरू, मुख्यमंत्री को आज रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

भोपाल2 महीने पहले
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  • भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा शिकायतें, मरीजों के बिल की होगी मॉनिटरिंग

प्रदेश में कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों के मनमाने बिल लेने की शिकायतों पर राज्य शासन की कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी प्रदेश के सभी जिलों से निजी अस्पतालों में बिल से जुड़ी शिकायतें और तय पैकेजेस लेकर सारे रिकॉर्ड तलब किए हैं।

इसकी स्टडी के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान को शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। ऐसे आसार हैं कि कमेटी निजी अस्पतालों के ज्यादा बिल से जुड़े मामलों में तय पैकेजेस से ज्यादा शुल्क पर सीधे कार्रवाई के अधिकार वाली सिफारिश करेगी। इसके अलावा जिला प्रशासन के माध्यम से कोरोना मरीजों के ज्यादा दिन भर्ती रहने पर उनके इलाज और बिल की मॉनिटरिंग भी नियमित कराई जा सकती है।

कोरोना मरीजों के इलाज में निजी अस्पतालों में अनाप-शनाप बिल थोपे जा रहे हैं। मरीजों के 5 से 10 दिन के इलाज में 10 लाख के बिल थमाए गए हैं। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने बुधवार को अस्पतालों के खिलाफ शिकायत पर जांच के लिए प्रमुख सचिव संजय दुबे, प्रतीक हजेला और संजय गोयल की कमेटी बनाई बनाई है।

अस्पतालों पर एफआईआर के साथ रजिस्ट्रेशन होंगे रद्द

भोपाल और इंदौर में जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की है। कमेटी इन मामलों को भी देखेगी। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पहले से तय प्रावधानों पर ही एफआईआर कराने और उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस पर फैसला कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। कमेटी जिलों में शिकायतों से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंपेगी।

पैकेज से ज्यादा शुल्क लेने पर सीधे होगी कार्रवाई

कमेटी ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और सीएमएचओ से अस्पताल से जुड़ीं शिकायत और कार्रवाई का ब्यौरा बुलाया है। कमेटी अस्पतालों के तय पैकेजेस और उसके बाद बिल में ज्यादा जोड़े गए शुल्क को देखने के बाद कार्रवाई करेगी। सबसे ज्यादा शिकायत भोपाल और इंदौर के अस्पतालों की है। अभी तक 45 से ज्यादा शिकायतें हैं, जो काफी गंभीर मामलों की हैं। इन सभी केसेज और अनुशंसा से जुड़ी रिपोर्ट सीएम को सौंपने के बाद कार्रवाई होगी।

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