विधानसभा चुनावों की आहट:जामवाल आज भोपाल में, सामने तीन बड़ी चुनौतियां; अफसरशाही; बड़े नेता और अगला विधानसभा चुनाव

भोपाल2 महीने पहले
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क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल - Dainik Bhaskar
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल
  • पार्टी के बड़े नेताओं ने बयानों से दिए थे कड़वे संकेत
  • जामवाल 10-11 अगस्त को भोपाल में प्रदेश पदाधिकारियों और सांसद-विधायकों से फीडबैक लेने वाले हैं

भाजपा में मप्र और छग के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल बुधवार को भोपाल पहुंच रहे हैं। ये दौरा अहम माना जा रहा है, क्योंकि मप्र में 2023 के विधानसभा चुनावों की आहट होने लगी है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हाल में दिए बयानों में जामवाल के लिए आने वाली चुनौतियों के संकेत दे दिए हैं। जामवाल 10-11 अगस्त को भोपाल में प्रदेश पदाधिकारियों और सांसद-विधायकों से फीडबैक लेने वाले हैं। वे प्रमुख मसलों पर अलग से बात भी कर सकते हैं।

चुनौती क्यों... पार्टी के बड़े नेताओं ने बयानों से दिए थे कड़वे संकेत

सरकार पर हावी ब्यूरोक्रेसी अपने कार्यकर्ता दरकिनार

ग्वालियर में हम जो हारे हैं, वो अलार्मिंग है। जो मतदाता सूची बनी है, प्रदेश भर में लोग परेशान हुए। इसमें प्रशासन व चुनाव आयोग की भूमिका कितनी है, इसे सीएम को गंभीरता से लेना चाहिए। सीएम अफसरों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। इतना ही विश्वास कार्यकर्ताओं पर भी करना चाहिए।

अब सत्ता और संगठन में आत्ममंथन होना चाहिए

(केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने दमोह के परिणाम के बाद 17 जुलाई को ट्वीट किया।)

दमोह के नगरीय निकाय चुनावों में खंडित जनादेश आत्ममंथन की सीख दे रहा है, जिसे मैं शिरोधार्य करता हूं। एक सप्ताह बाद ट्वीट किया कि दमोह में परिणाम हमारे विरुद्ध गया है। इसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं, क्योंकि अल्पमत के बाद चुनाव लड़ने की मेरी सहमति थी। हम जोड़-तोड़ की राजनीति में विफल हुए हैं।

नतीजे देखकर 2023 के लिए ठोस रणनीति बनाएं

(भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सत्यनारायण जटिया ने 31 जुलाई को मीडिया से कहा।)

ये चुनाव परिणाम वर्ष 2023 के जनाधार की पूर्व सूचना है। पार्टी को नतीजे देखकर आवश्यक सुधार करना होगा। ये देखना होगा कि कहां पर हार गए और क्यों हारे हैं। ये चुनाव छमाही परीक्षा की तरह थे। इनके नतीजों को देखकर कमियों को दूर करें और मिशन 2023 के लिए रणनीित बनाएं।

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