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जूडा की हड़ताल में नया मोड:चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बंगले मिलने पहुंचे जूडा पदाधिकारी, आज कोर्ट की अवमानना याचिका पर सुनवाई

भोपाल18 दिन पहले
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जूडा पदाधिकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने पहुंचे - Dainik Bhaskar
जूडा पदाधिकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने पहुंचे

प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के आठवें दिन जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) के तेवर फिर दिखे। रविवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मिलने पर हड़ताल खत्म नहीं करने के एलान के बाद सोमवार को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी फिर मंत्री से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे है। बता दें आज हाई कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई भी है। इससे एक दिन पहले रविवार को भी जूडा पदाधिकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने उनके निवास पहुंचा थे। जहां मंत्री ने जूडा को कोर्ट के आदेश के अनुसार हड़ताल वापस लेने की बात कही थी। वहीं, जूडा का कहना था कि हम हड़ताल वापस करना चाहते है, लेकिन मंत्री अपने वादों का कोई लिखित आदेश या आश्वासन दें। इसको लेकर दोनों के बीच हड़ताल खत्म होने की बात बनते बनते रह गई थी। बताया जा रहा है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री और जूडा की रात 2 बजे भी मुलाकात हुई थी, लेकिन दोनों के बीच बातचीत को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

अब जूडा दोबारा चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने पहुंचा है। इससे साफ है कि जूडा हड़ताल खत्म करना चाहता है। इसका कारण जूडा के बीच में हड़ताल को लेकर अलग अलग विचार होने की भी सामने आ रही है। हालांकि अभी इस पर कोई खुलकर बयान सामने नहीं आया है।

एक दिन पहले पूरे देश का समर्थन

जूडा की हड़ताल को रविवार शाम को देशभर के मेडिकल कॉलेज एसोसिएशन ने समर्थन दिया था। उन्होंने शाम को कैंडल जलाई और मार्च निकाला। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार को जूनियर डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने और उनके खिलाफ की कार्रवाई को वापस लेने की मांग की थी। ऐसा नहीं करने पर जूडा एसोसिएशन ने पूरे देश में प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

कब क्या हुआ

  • 31 मई से जूडा एसोसिएशन अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चला गया था।
  • गुरुवार को हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टरों की मांगों को अवैध करार देकर 24 घंटे में वापस लेने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर सरकार को कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
  • इस आदेश के तुरंत बाद सरकार के निर्देश पर जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज के 468 पीजी फाइनल ईयर के छात्रों के नामांकन रद्द कर दिए। इसके बाद अब यह छात्र परीक्षा देने के लिए योग्य नहीं रहे।
  • इस बात से नाराज प्रदेश भर के करीब 2500 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देना शुरू कर दिया।
  • शुक्रवार को सरकार ने कोर्ट का 24 घंटे का समय पूरा होने पर कोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्रवाई करने को कहा।
  • शुक्रवार को जीएमसी डीन ने हड़ताल पर जाने वाले 28 डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने और सीट छोड़ने पर बांड की शर्तों के अनुसार पैसा जमा करने के लिए लिखा।
  • शनिवार को जूनियर डॉक्टर ने हॉस्टल खाली कर एडमिन ब्लॉक के बाहर सामान रख कर प्रदर्शन किया। एप्रन में खून लगाकर टांगा। रक्त दान किया और दूसरी जगह कोरोना वॉरियर्स के सर्टिफिकेट भी लौटाए।
  • चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि जूडा को हड़ताल समाप्त करना चाहिए। हमारे द्वार बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं।
  • शनिवार को ग्वालियर में भी हड़ताल का समर्थन करने वाले 46 सीनियर डॉक्टरों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए।
  • मेडिकल कॉलेज के डीन ने इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी किए। इसमें सीट छोड़ने के एवज में बांड भरने के साथ ही हॉस्टल खाली करने के नोटिस भेजा।
  • रविवार को जूनियर डॉक्टर चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे। मंत्री ने कोर्ट के आदेश पर हड़ताल वापल लेने को कहा। जूडा ने हड़ताल जारी रखने की बात कहीं।
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