खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 5 दिसंबर से:फिल्म स्टार गोविंदा, मल्लिका शेरावत और बाबी देओल आएंगे; टपरा टॉकीज में देशभक्ति की 75 फिल्में दिखाई जाएंगी

भोपाल8 महीने पहले
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खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 5 से 11 दिसंबर तक खजुराहो में होगा। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 5 से 11 दिसंबर तक खजुराहो में होगा। - फाइल फोटो

खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 5 से 11 दिसंबर तक खजुराहो में होने जा रहे रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर फिल्म फेस्टिवल का थीम देश भक्ति रखा गया है। देश भक्ति पर आधारित देशभर के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशकों की 75 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण का केंद्र फिल्म स्टार गोविंदा, मल्लिका शेरावत और आश्रम वेब सीरीज से सुर्खियां बटोरने वाले बाबी देओल रहें। इसके अलावा कई जाने-माने फिल्म अभिनेता, अभिनेत्रियां, निर्माता, निर्देशक और विशेषज्ञ भी उपस्थित रहेंगे।

पर्यटन, संस्कृति और जनसंपर्क प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फेस्टिवल के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई फिल्में भी दिखायी जाएंगी और स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त मंच प्रदान किया जाएगा। पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं बुंदेलखंड विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में यह फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। हालांकि बॉबी देओल के आने पर कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है।

बाबी देओल का विरोध

बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष और निदेशक एवं प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक राजा बुंदेला ने बताया कि कि कार्यक्रम में अन्य कलाकारों के साथ बाबी देओल को बुलाया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में आने की सहमति भी दी है। स्थानीय लोगों के विरोध को लेकर बुंदेला ने कहा कि यह बात सामने आई है। देश में सभी को अपना विरोध जताने की स्वतंत्रता है। जो परिस्थिति होंगे उसके अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा।

आयोजन का सातवां साल

खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का यह 7वां संस्करण है। इससे पहले 6 संस्करणों में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसी कई महत्वपूर्ण थीम पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जा चुका है। पर्यटको में लोकप्रिय ग्रामीण परिवेश में निर्मित एक टपरा टाकीज में फिल्मों के प्रदर्शन से प्रारंभ हुए इस महोत्सव में इस वर्ष 11 टपरा टॉकीज में फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही खजुराहो में फिल्मों के प्रदर्शन के लिए लगभग 175 दर्शकों की क्षमता वाला एक स्थायी ऑडिटोरियम निर्मित किया जा चुका है। फेस्टिवल के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को अवसर प्रदान किया जायेगा। फिल्म फेस्टिवल की एक और विशेषता कौशल हाट भी है, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

फिल्म को करीब से सीखने क्लास लगेंगे

फेस्टिवल के दौरान बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्थानीय युवाओं और कलाकारों की प्रतिभा को तराशने और प्रेरित करने की दृष्टि से उनका संवाद देश के जाने माने फिल्म निर्देशकों, लेखकों और पत्रकारों से कराया जायेगा। इस दौरान मास्टर क्लासेस भी आयोजित की जाएगी। इस वर्ष फिल्म से जुड़े विभिन्न विषयों पर संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसमें देश के जाने-माने फिल्म पत्रकार, लेखक और विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।

बीमारियों का इलाज भी होगा

बुंदेला ने बताया कि 7 दिवसीय खजुराहो फिल्म फेस्टिवल के दौरान स्थानीय नागरिकों के लिए हेल्थ कैम्प भी लगाये जा रहे हैं। जिसमें उनकी आंख, किडनी और अन्य प्रमुख बीमारियों से संबंधित जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया जायेगा। पिछले वर्षों में इस महोत्सव में शेखर कपूर, मनमोहन शेट्टी, रमेश सिप्पी, जैकी श्रॉफ, किरण कुमार, डॉक्टर चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, तनुजा, अनुपम खेर, राहुल रवैल, अनुराग बासु, बोनी कपूर, गोविन्द निहलानी, रमेश तौरानी, सुभाष घई और प्रहलाद कक्कड़ जैसी हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं। मंदिरों के लिए प्रसिद्ध खजुराहो और पन्ना टाईगर रिजर्व को रेखांकित करते हुए शेखर कपूर ने खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए "टैम्पल टाईगर एण्ड टपरा टाकीज" टैग लाईन दी है।

10 हजार से 15 हजार लोगों की भीड़ होगी

प्रारंभ में इस फेस्टिवल की शुरूआत 3 दिवसीय समारोह से हुई थी, किन्तु जनता की सहभागिता और उत्साह को देखते हुए धीरे-धीरे विस्तार करते हुए अब यह महोत्सव 7 दिन के समारोह का स्वरूप ले चुका है। इस समारोह में प्रतिदिन 10 हजार से 15 हजार लोग शामिल होते हैं। इस महोत्सव ने बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकारों, लेखकों और प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर उन्हें न सिर्फ आगे बढ़ने में बल्कि बड़े मंचों तक पहुंचने में मदद की है।

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