MP में कोरोना पॉजिटिव रेट घटाने का घोटाला:सरकार ने टेस्टिंग बगैर रिपोर्ट जारी कर दीं, फर्जी मोबाइल नंबर दिखाए; भास्कर की पड़ताल में आधे नंबर आउट ऑफ सर्विस मिले

भोपाल6 महीने पहलेलेखक: अजय वर्मा/रोहित श्रीवास्तव/भीम सिंह मीणा
  • कॉपी लिंक

कोरोना संक्रमण का पॉजिटिव रेट घटाने का नया घोटाला सामने आया है। सरकार का दावा है कि भोपाल में हर दिन 6 हजार सैंपल की जांच की जा रही है। जबकि सवाल यह है कि फीवर क्लीनिक, मोबाइल यूनिट वैन, प्राइवेट और सरकारी लैब में लोग पहुंच नहीं रहे हैं या ये बंद हो चुके हैं। तो जांच किसकी हो रही है?

दैनिक भास्कर ने सरकार के दावे की हकीकत जानने 10 जून से 14 जून तक 29 हजार टेस्टिंग रिपोर्ट की पड़ताल की, जिसमें पता चला कि कैसे सैंपल जांच का टारगेट पूरा करने के लिए लोगों के मोबाइल नंबरों से गड़बड़ी की जा रही है। जिन लोगों को हमने कॉल किया उनमें से 50% नंबर आउट ऑफ सर्विस मिले और 10% बंद।

इस फर्जीवाड़े में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने को एक ही मोबाइल नंबर पर 10 से 44 लोगों के नाम की एंट्री दिखा दी गई। एक ही फोन नंबर को अलग-अलग दिन उपयोग किया गया। किसी दिन एक नंबर पर 5 तो अगले दिन उसी नंबर पर 13 टेस्टिंग रिपोर्ट बना दी गईं।

हैरानी की बात तो ये है कि जिस व्यक्ति के असली मोबाइल नंबर पर यह फर्जी रिपोर्ट बनाई गई, उन्हें कभी भी जांच का मैसेज नहीं भेजा गया। कई ने तो जांच करवाई तक नहीं। भास्कर के पास ऐसे 40 मोबाइल नंबर हैं, जिन पर फर्जी एंट्री कर 681 लोगों के नाम की कोरोना रिपोर्ट बना दी गई। यानी जांच भी नकली, मरीज भी फर्जी और टेस्ट रिपोर्ट राम भरोसे...।

पॉजिटिविटी घटाने का घोटाला... पूरा फर्जीवाड़ा समझने के लिए ये चार मामले पढ़िए...

केस-1; एक फोन नंबर, 44 रिपोर्ट
मोबाइल नंबर 77####0985 पर पिछले 5 दिन में सबसे ज्यादा टेस्ट रिपोर्ट की गईं। इसमें 8 जून को 4, 9 जून को 3, 10 जून को 10, 11 जून को 14, 12 जून को 13 सैंपल टेस्ट रिपोर्ट बनाई गईं हैं।

केस-2; उनके नंबर पर 36 एंट्री
नंबर 79####1051 पर निखिल से बात हुई। वे, बड़ी मां और मां के साथ 31 मई को बाहर से भोपाल स्टेशन आए थे। यहां जांच हुई, लेकिन मैसेज नहीं आया। बाद में इनके नंबर पर 36 लोगों की एंट्री दिखा दी गई।

केस-3; रिपोर्ट अब तक नहीं मिली
नंबर 62####1865 पर चार दिन में 20 टेस्ट हुए हैं। ये नंबर पीयूष का है। उन्होंने बताया कि 6 जून को रेलवे स्टेशन पर जांच हुई थी, लेकिन अब तक कोई मैसेज नहीं आया। उनके साथ चार सदस्य थे।

केस-4; मरीज मुंबई में, नंबर पर 6 टेस्ट 11 जून की रिपोर्ट में 6 लोगों को निगेटिव बताया है। सभी का पता स्टेशन लिखा है। नंबर 810##4#318 दर्ज है। जो रीवा के अंबिका का है। वे 5 जून से मुंबई में हैं। भोपाल 31 मई को आए थे, लेकिन टेस्ट नहीं हुआ था।

ऐसे 29 हजार नंबर की लिस्ट भास्कर के पास।
ऐसे 29 हजार नंबर की लिस्ट भास्कर के पास।

एक मोबाइल नंबर पर बनाईं 36 लोगों की SRF ID, सभी निगेटिव
13 जून की कोविड सैंपल रिपोर्ट में 5,514 की जांच होना बताया है। इस रिपोर्ट में एक SRF ID है- bhopalt84033। इस पर 40 साल की जैनब का नाम दर्ज है। उन्हें एंटीजन निगेटिव बताया गया है। जैनब की SRF ID को मोबाइल नंबर 79####1051 पर रजिस्टर्ड किया गया है। इसी लिस्ट में SRF ID bhopalt84036 से 30 साल नीलिमा की जांच होने की 3572वें नंबर पर दी गई है। इसी फोन नंबर से 36 मरीजों की ID बना दी गई। यानी ये सभी निगेटिव हैं।

अधिकारी बोले- ऐसा हो ही नहीं सकता भास्कर ने जिला पंचायत के CEO विकास मिश्रा से सवाल किया कि 40 मोबाइल नंबर पर अलग-अलग मरीजों के नाम हैं। क्या जानबूझकर सैंपल की संख्या बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा हो नहीं सकता। जांच कराता हूं कि आखिर गड़बड़ी किस स्तर पर हुई है।

जिम्मेदार अफसर
जिला पंचायत CEO विकास मिश्रा:
जिले में कहां सैंपल बढ़ाने हैं, कहां घटाने हैं, कितनी टीमें लगानी हैं, ये सब यही तय करते हैं।
नोडल सैंपलिंग अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल: कहां-कितनी सैंपलिंग हुई। कितनी किट मैदानी टीमों को देना हैं, डेटा कलेक्शन इन्हीं का काम है।
डेटा कलेक्शन मैनेजर निरंजन सिंह: ये कोविड डेटा कलेक्ट कर शासन को रिपोर्ट देते हैं। ICMR के पोर्टल पर डेटा अपलोड कराते हैं।