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प्रदेश में पहली बार...:नूतन कॉलेज में खुली लीगल एड क्लीनिक, यहां पर ढाई महीने के भीतर ही 25 से ज्यादा लड़कियां ले चुकी हैं कानूनी मदद

भोपाल3 महीने पहलेलेखक: वंदना श्रोती
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नूतन कॉलेज प्रदेश का पहला कॉलेज है जहां लीगल एड क्लीनिक खुली है। - Dainik Bhaskar
नूतन कॉलेज प्रदेश का पहला कॉलेज है जहां लीगल एड क्लीनिक खुली है।

नूतन कॉलेज...प्रदेश का पहला कॉलेज है जहां लीगल एड क्लीनिक खुली है। इस क्लिनिक में ढाई माह में 25 से ज्यादा छात्राएं कानूनी सलाह ले चुकी हैं। इस क्लिनिक में जिला विधिक प्राधिकरण के माध्यम से दो एडवोकेट को नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न यहां पर काउंसलिंग से नहीं सुलझने वाले प्रकरणों की फाइल तैयार कर कोर्ट में प्रकरण दर्ज कराएंगी ताकि स्टूडेंट को बिना कहीं भटके कानूनी सहायता मिल सकती हैं। इसकी कन्वेनर डॉ. मनीषा शर्मा ने बताया कि जो लड़किया कई तरह की परेशानी से जूझने के बाद भी अपनी समस्या किसी से नहीं कहती थी अब वे अपनी समस्या बेझिझक बता रही हैं।

पहले पति पढ़ाई करने से रोकता था, अब वह खुद भी कर रहा है पढ़ाई
क्लीनिक की कन्वेनर डॉ. मनीषा शर्मा ने बताया कि सबसे पहला केस एक नवविवाहिता का आया था। शादी के बाद वह जब पहली बार कॉलेज आई तो उसके शरीर पर मारपीट के निशान थे। इसके बाद उसकी काउंसलिंग की। उसने बताया कि माता-पिता की मौत हो चुकी थी। भाई ने ग्रेजुएशन पूरा होने के पहले शादी कर दी। शादी के 25 दिन बाद पति ने पढ़ाई छोड़ने पर दबाव बनाया। पति का कहना न मानने पर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसके बाद स्टूडेंट से नंबर लेकर पति को बुलाया। उसकी काउंसलिंग की। इसके बाद पति को समझाया गया। इसके बाद पति ने भी पत्नी के साथ पढ़ाई शुरू कर दी है। अब वह नौकरी के साथ पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा इस क्लीनिक में कॉलेज में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने भी अपनी समस्या रखी। पति की मौत के बाद उसके वह अपनी बेटी के साथ अलग मायके में रह रही है। उसके ससुराल वालों ने पति का हिस्सा देने से इंकार कर दिया। कानून की जानकारी के अभाव में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। महिला कर्मचारी की समस्या सुनने के बाद उसे उसका हक दिलाने के लिए प्रकरण तैयार किया गया है। उस प्रकरण को कोर्ट में प्राधिकरण के माध्यम से रखा जा रहा है।

यह भी फायदा...सोशल साइंस की स्टूडेंट की इंटर्नशीप भी यहीं हो रही
डाॅ. शर्मा ने बताया कि इस क्लिनिक के शुरू होने कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग और सोशल साइंस की स्टूडेंट को इंटर्नशिप के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। उनको यहां पर आने वाले प्रकरणों में काउंसलिंग के अवसर मिलेंगे साथ ही जिला विधिक प्राधिकरण का सहयोग भी। ये स्टूडेंट कोर्ट में लोक अदालत में होने वाली काउंसलिंग को देख और समझ पा रही हैं। इस क्लीनिक में अब तक 25 स्टूडेंट ने कानूनी जानकारी ली।

यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो दूसरे कॉलेजों में भी खोलेंगे
जिला विधिक प्राधिकरण ने नूतन कॉलेज में लीगल एड क्लीनिक शुरू किया है। यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। यदि यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो भोपाल के सभी कॉलेज में ये क्लीनिक खोले जाएंगे ताकि स्टूडेंट अपने कानून और अधिकारों काे समझ सके। कानूनी सहायता और उसकी जानकारी स्टूडेंट को जरूर होना चाहिए।
-एसपीएल बुंदेला, सचिव, जिला विधिक प्राधिकरण भोपाल