• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Loan Given At 10 Percent Interest, But 3 Different Cases Filed Against Usurers Who Have Recovered More Than That

सूदखोरों के खिलाफ शिकायत:10 फीसदी ब्याज पर दिया कर्ज, लेकिन उससे कहीं ज्यादा वसूल चुके सूदखोरों पर 3 अलग-अलग केस दर्ज

भोपालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

भोपाल क्राइम ब्रांच और स्टेशन बजरिया पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं। एक आरोपी चार महिलाओं से 10 फीसदी ब्याज तय कर मूलधन से ज्यादा रकम वसूल चुका था। इस मामले में महिला ने उसके खिलाफ अश्लील हरकत करने का भी केस दर्ज करवाया है।

वहीं, अन्य दोनों मामलों में भी ब्याज के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। तीनों ही आरोपी बगैर लाइसेंस लिए ब्याज पर कर्ज दे रहे थे। आरोपियों में जीआरपी का एक हवलदार भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि आनंद नगर में सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान होकर ऑटो पार्ट्स कारोबारी संजीव जोशी ने अपने परिवार समेत जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।

1. अश्लील हरकतें और ब्लैकमेलिंग करने लगा

एडिशनल डीसीपी अंकित जायसवाल ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने पिपलानी क्षेत्र में रहने वाली चार महिलाओं की शिकायत पर रमेश चंदवानी को आरोपी बनाया है। पुलिस ने रमेश के खिलाफ अश्लील हरकत, ब्लैकमेलिंग और मप्र ऋणियों का संरक्षण एक्ट का केस दर्ज किया है।

महिलाओं ने कोरोनाकाल में रमेश से 10% ब्याज पर 20-20 हजार रुपए कर्ज लिया था। ब्याज समेत कर्ज चुका दिया, फिर भी वह ब्याज मांगता रहा। आरोप है कि एक महिला से उसने खुश करने पर ब्याज माफ करने की बात भी कही।

2. दूसरे महीने से वसूलने लगा 20 फीसदी ब्याज

रवि शंकर नगर में रहने वाले मदन पाल की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने प्रमोद सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने प्रमोद को गाली गलोच, धमकाने और मप्र ऋणियों का संरक्षण एक्ट में आरोपी बनाया है। 2018 में प्रमोद ने मदन को दस फीसदी ब्याज पर 30 हजार रुपए कर्ज देकर एक ब्लैंक चैक भी लिया। दूसरे महीने से उसने 20% ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। छह महीने तक 30 हजार रुपए नकद भी ऐंठ लिए। फिर भी चैक न लौटाकर चैक बाउंस का झूठा केस लगा दिया।

3. जीआरपी हवलदार समेत पांच लोगों पर आरोप

स्टेशन बजरिया पुलिस ने हबीबगंज जीआरपी के हवालदार केदार शिवहरे समेत 5 लोगों पर केस दर्ज किया है। ये कार्रवाई रेलवे में पदस्थ योगेंद्र मौर्य की शिकायत पर की गई। पुलिस ने पांचों को ब्लैकमेलिंग, धमकाने, गाली गलोच और मप्र ऋणियों का संरक्षण अधिनियम की धारा के तहत आरोपी बनाया है।

योगेंद्र ने पांचों आरोपियों से कुल 4.27 लाख उधार लिए थे। आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण योगेंद्र पूरी रकम अदा नहीं कर पाए। आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। केदार के अलावा पुलिस ने राजा, विक्रम कुशवाहा, कमल और कल्लू को भी आरोपी बनाया है।

खबरें और भी हैं...