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इंदौर में ब्राह्मण Vs ब्राह्मण:संजय शुक्ला के मुकाबले बीजेपी ने फाइनल किया पुष्यमित्र भार्गव का नाम; ग्वालियर-रतलाम पर माथापच्ची

भोपाल7 महीने पहलेलेखक: राजेश शर्मा

RSS से जुड़े पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर से बीजेपी का महापौर कैंडिडेट फाइनल किया है। दरअसल बीजेपी ने इंदौरी नेताओं को बैठक के लिए भोपाल बुलाया था। उनसे चर्चा के बाद पुष्यमित्र भार्गव का नाम तय होने की खबर आ गई है। पुष्यमित्र भार्गव की उम्र 41 वर्ष है। एलएलबी और एलएलएम भार्गव ने छात्र जीवन से राजनीति करियर की शुरुआत की थी। वे एबीवीपी से जुड़े रहे हैं।

बीजेपी ने महापौर के जिन 13 प्रत्याशियों की घोषणा की है। और इंदौर से जो नाम फाइनल किया है। उनमें से 6 चेहरे विधायकों की पसंद हैं। जबकि 4 कैंडिडेट संघ के भरोसेमंद माने जाते हैं। 2 उम्मीदवारों के लिए क्षेत्रीय सांसदों की चली है। वहीं 2 प्रत्याशियों को बीजेपी संगठन के लिए काम का इनाम मिला है।

ग्वालियर में BJP महापौर और पार्षद प्रत्याशी के नाम पर मंथन

इधर ग्वालियर में महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के नाम पर BJP नेताओं ने मंथन किया। एक होटल में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री नरोत्तम मिश्रा, यशोधरा राजे, विवेक नारायण शेजवलकर, कमल मखीजानी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, लाल सिंह आर्य, जय भान सिंह पवैया सहित बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

13 नगर निगम के महापौर प्रत्याशी घोषित कर चुकी बीजेपी, देखें लिस्ट

इससे पहले भाजपा ने 16 में से 14 नगर निगमों के लिए महापौर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। 7 महिलाओं को टिकट दिया गया है। रीवा से प्रमोद व्यास, कटनी से ज्योति दीक्षित, बुरहानपुर से माधुरी पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बताया कि ग्वालियर, रतलाम में प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। रात 9 बजे भारी मंथन के बाद इंदौर से पुष्यमित्र भार्गव के नाम पर मुहर लगा दी गई।

जानिए किससे किसकी टक्कर...

इंदौर: लंबे मंथन के बाद संघ की पसंद चली

इंदौर में बीजेपी ने लंबे विचार मंथन के बाद संघ के चेहरे पुष्यमित्र भार्गव का नाम फाइनल किया है। भार्गव 41 साल हैं जो छात्र जीवन से ही एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। मेयर पद के लिए इनका मुकाबला कांग्रेस के संजय शुक्ला से होगा। सूत्रों का कहना है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान डॉ निशांत खरे और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा एक अन्य दावेदार को उम्मीदवार बनाना चाहते थे। लेकिन संघ की पृष्ठभूमि वाले पुष्यमित्र भार्गव पर भरोसा जताया गया है।

भोपाल: तीनों विधायकों के दबाव में बदला फैसला

बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने भोपाल से OBC वर्ग के नए चेहरे को आगे बढ़ाने की कवायद की थी, लेकिन स्थानीय विधायकों के दबाव के चलते फैसला बदलना पड़ा। जब कोर ग्रुप की पहली बैठक हुई, तो मालती राय के दावे को सभी ने खारिज कर दिया था। उनकी जगह नया नाम तलाशने का निर्णय लिया गया था, लेकिन भोपाल के विधायकों ने साफ कर दिया था कि मालती राय ही बेस्ट कैंडिडेट है, जबकि मुख्यमंत्री नए चेहरे को टिकट देना चाहते थे। क्योंकि मालती दो बार पार्षद का चुनाव हार चुकी थी। ऐसे में कांग्रेस की विभा पटेल के सामने पार्टी कमजोर कैंडिडेट उतारने का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। बाद में मुख्यमंत्री ने तीनों विधायकों की राय के बाद मालती राय पर सहमति दे दी।

जबलपुर: डाॅ. जितेंद्र जामदार को संघ का साथ

जबलपुर से जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष डाॅ. जितेंद्र जामदार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पसंद हैं, जबकि गृहमंत्री अमित शाह के करीबी सांसद राकेश सिंह ने पूर्व एमआईसी सदस्य कमलेश अग्रवाल को टिकट देने की पैरवी की थी। सिंह बीजेपी कोर कमेटी के सदस्य भी हैं। हालांकि वे केवल पहली बैठक में शामिल हुए थे, जबकि डाॅ. जामदार के नाम पर मंगलवार सुबह हुई बैठक में लगाई गई। अब डाॅ. जामदार का मुकाबला कांग्रेस के जगत बहादुर सिंह अन्नू से होगा।

सागर: संगीता तिवारी को जिताने की जिम्मेदारी मंत्री भूपेंद्र पर

बीजेपी ने यहां से संगीता तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें जिताने की जिम्मेदारी नगरीय विकास एवं अवास मंत्री भूपेंद्र सिंह की है। इस जिले से तीन मंत्री (गोपाल भार्गव व गोविंद सिंह राजपूत भी) हैं, लेकिन महापौर का टिकट अपने समर्थक सुशील तिवारी की पत्नी को दिलाने में भूपेंद्र सिंह सफल रहे। सुशील तिवारी दो बार विधायक का चुनाव हार चुके हैं। वे जिस गोपालगंज वार्ड में रहते हैं, वह बूथ भी हार गए थे। संगीता का मुकाबला अब निधि जैन पूर्व विधायक सुनील जैन की पत्नी) से होगा।

कटनी: पूर्व मंत्री समर्थक रेत कारोबारी की पत्नी को टिकट

बीजेपी ने यहां से पूर्व मंत्री समर्थक संजय पाठक समर्थक और रेत कारोबारी की पत्नी ज्योति दीक्षित को उम्मीदवार बनाया गया है। उनका मुकाबला कांग्रेस की श्रेया खंडेलवाल से होगा। ज्योति के पति विनय दीक्षित रेत कारोबारी हैं। उन्हें पूर्व मंत्री संजय पाठक का करीबी माना जाता है। यहां से राजस्थान के पूर्व राज्यपाल निर्मल चंद जैन की बेटी अलका जैन के अलावा संघ से जुड़े दीपक टंडन की पत्नी शिल्पी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन ज्योति को जिताने की गारंटी संजय पाठक ने ली है।

​​​​​​रीवा: राजेंद्र शुक्ला ने ली प्रबोध व्यास की गारंटी

यहां से शिवराज के भरोसेमंद व पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला समर्थक प्रबोध व्यास, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम के करीबी संजय द्विवेदी और पूर्व सांसद स्वर्गीय चंद्रमणि त्रिपाठी की बेटी प्रज्ञा त्रिपाठी भी दावेदार थी। सूत्रों के मुताबिक प्रज्ञा का नाम प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने चलाया था, लेकिन राजेंद्र शुक्ला ने पार्टी को संदेश दिया कि यदि वे अपने प्रत्याशी को जिताने की गारंटी लेते हैं, तो उन्हें आपत्ति नहीं है। इसके बाद शुक्ला को उम्मीदवार चयन करने के लिए फ्री हैंड मिला। इससे पहले शुक्ला ने व्यास को जिलााध्यक्ष बनवाने के लिए लॉबिंग की थी, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए थे। व्यास का मुकाबला अब कांग्रेस के अमित मिश्रा से होगा।

​​​​​​सिंगरौली: विधायक की गारंटी पर ओबसी चेहरा उतारा

सिंगरौली सामान्य सीट है। बावजूद इसके बीजेपी ने यहां से ओबीसी चेहरा मैदान में उतारा है। पार्टी ने चंद्र प्रताप विश्वकर्मा को टिकट दिया है। उनके लिए विधायक रामलल्लू वैश्य ने गारंटी ली है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी ब्राम्हण को टिकट देने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि अनारक्षित सीट पर ओबीसी को टिकट देने से ब्राहम्ण नाराज हो जाएंगे। लेकिन पार्टी ने विधायक की सिफारिश को तरजीह दी है। इनकी मुकाबला कांग्रेस के अरविंद सिंह चंदेल से होगा।

देवास: गीता अग्रवाल को राजघराने की सेवा का फल

देवास में कांग्रेस ने गीता अग्रवाल विधायक गायत्री पवार की समर्थक हैं। उन्हें अब तक राजनैतिक पद नहीं मिल पाया था, लेकिन अब उन्हें महापौर की टिकट के रूप में तुकोजीराव राजघराने की सेवा का फल मिला है। हालांकि यहां से पूजा रवि जैन, रीता विमल शर्मा, पूर्णिमा खंडेलवाल से तीनों दावेदार भी पैलेस के करीबी माने जाते हैं। आखिर में गीता अग्रवाल के नाम पर मुहर लगी। उनका मुकाबला कांग्रेस की प्रदेश सचिव विनोदिनी रमेश व्यास हो होगा।

​​​​​​मुरैना: तोमर के करीबी मुकेश जाटव की पत्नी गीता को टिकट

इस सीट से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी मुकेश जाटव की पत्नी गीता जाटव को टिकट दिया गया है। उनका मुकाबला शारदा सोलंकी (पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी पत्नी) से होगा। बताया जाता है कि गीता की टिकट फाइनल होने में संघ का वीटो भी लगा था। यही वजह है कि विधायक कमलेश जाटव की पत्नी आरती और सीनियर लीडर माधव जाटव ने पत्नी अनीता जाटव टिकट की रेस में पीछे रह गईं।

सतना: संघ की पृष्ठभूमि से सामने आया उम्मीदवार

सतना में संघ की पृष्टभूमि से आए योगेश ताम्रकार को उम्मीदवार बनाया गया है। उनके पिता शंकर ताम्रकार प्रांत संघ चालक रहे हैं। उन्हें बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया। अब महापौर का टिकट दिया गया है। उनका नाम संगठन की तरफ से रखा गया था। 2018 में उन्हें विधानसभा चुनाव में सतना से टिकट का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन जातीय समीकरण के चलते उनका पत्ता कट गया था। उनका मुकाबला कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा (विधायक) से होगा।

छिंदवाड़ा: बीजेपी से नगर निगम उपायुक्त को टिकट

यहां बीजेपी ने नगर निगम के उपायुक्त अनंत धुर्वे को महापौर का टिकट दिया है। उन्होंने बतौर दैनिक वेतन भोगी के रूप में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद उन्हें एलडीसी के रूप में अनुकंपा नियुक्ति मिल गई। प्रमोट होकर वे उपायुक्त बन गए। जानकारी के मुताबिक बीजेपी के पास यहां से ट्राइबल फेस नहीं था। लिहाजा, धुर्वे को मैदान में उतारा गया है।

बता दें कि छिंदवाड़ा नगर निगम में परिषद बीजेपी की थी। सभी सदस्यों से धुर्वे का तालमेल बेहतर बन गया था। यहां से युवा कार्यकर्ता सुनील परतोती का दावा मजबूत माना चाह रहा था। उन्हें जिलाध्यक्ष बंटी साहू का समर्थन था, लेकिन लाॅटरी धुर्वे के नाम पर खुली। उनका मुकाबला कांग्रेस के विक्रम अहाके से होगा।

​​​​​​खंडवा: सांसद-विधायक की गारंटी पर अमृता यादव को टिकट

बीजेपी ने खंडवा से अमृता यादव को मैदान में उतारा है। उन्हें सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक देवेंद्र वर्मा की गारंटी पर टिकट दिया गया है। यानी पाटिल और वर्मा पर उन्हें जिताने की जिम्मेदारी है। उनका मुकाबला कांग्रेस की आशा मिश्रा से होगा। हालांकि विधायक वर्मा अपने करीबी कैलाश राठौर को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, लेकिन अंत में अमृता को टिकट देने के लिए सहमति दे दी।

उज्जैन: मंत्री मोहन यादव का वीटो नहीं आया काम

यहां बीजेपी के मुकेश टटवाल का मुकाबला कांग्रेस के विधायक महेश परमार से होगा। टटवाल को टिकट दिलाने में सांसद अनिल फिरोजिया की अहम भूमिका है। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी टटवाल पर सहमत थे, जबकि उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव चाहते थे कि डाॅ. प्रभुराम जाटव को उम्मीदवार बनाया जाए। बताया जा रहा है कि कोर ग्रुप ने जब टटवाल को टिकट देने का मन बनाया, तो डाॅ. यादव ने विरोध नहीं किया।

बुरहानपुर: पूर्व महापौर को फिर दिया टिकट, पूर्व पार्षद से होगा मुलाबला

बुरहानपुर से बीजेपी ने पूर्व महापौर माधुरी पटेल को फिर से मैदान में उतारा है। उनके लिए किसी ने भी पैरवी नहीं की थी। माधुरी को पूर्व सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान का करीबी माना जाता रहा है। उनका मुकाबला अब कांग्रेस की पूर्व पार्षद शहनाज अंसारी से होगा।

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भाजपा ने अपने क्राइटेरिया के मुताबिक किसी ऐसे प्रत्याशी को नहीं उतार रही है, जिसकी उम्र 60 साल से ज्यादा है। यह भी तय था कि मूल कार्यकर्ता को ही टिकट देना ठीक रहेगा। इसके अलावा परिवारवाद से भी परहेज किया है। किसी भी सांसद-विधायक को टिकट नहीं दिया जा रहा है।

क्राइटेरिया माना तो माया बाहर

भाजपा में जो नया क्राइटेरिया आया है, उससे कई बड़े दावेदार दौड़ से बाहर हो सकते हैं। ग्वालियर से माया सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन उनकी उम्र 71 साल होने से बाहर हो सकती हैं। इंदौर से नॉन पॉलिटिकल चेहरा होने की वजह से डॉ. निशांत खरे की दावेदारी कमजोर हो गई है। बता दें कि महापौर प्रत्याशी के चयन को लेकर भाजपा में तीन दिन से कोर ग्रुप और चुनाव चयन समिति के बीच मैराथन बैठकें होती रही हैं। सीएम के साथ ही राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी भोपाल आ गए हैं।

माया सिंह और सुमन शर्मा। ग्वालियर से इनके नाम आगे हैं।
माया सिंह और सुमन शर्मा। ग्वालियर से इनके नाम आगे हैं।
भाजपा से भोपाल महापौर का टिकट मालती राय को मिलने के बाद वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने पहुंचीं। सीएम ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
भाजपा से भोपाल महापौर का टिकट मालती राय को मिलने के बाद वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने पहुंचीं। सीएम ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।