पड़ोसी राज्यों से आने वाली ट्रेन से रिपोर्ट:बरौनी एक्सप्रेस में लोगों ने न मास्क पहना और न दूर बैठे; कैमरा देख बैग से निकाले मास्क

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: आनंद पवार

मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में ओमिक्रॉन के मरीज मिलने से अलर्ट है। इस बीच राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र से भोपाल होकर कई ट्रेनें आ-जा रही हैं। इन ट्रेनों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन तक नहीं किया जा रहा है। दैनिक भास्कर टीम ने रेलवे स्टेशन रानी कमलापति से होकर जाने वाली अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन पर हालात जाने।

ट्रेन में देखा गया कि कितने लोगों ने मास्क पहन रखा है? सोशल डिस्टेंसिंग है या नहीं? यहां का नजारा चौंकाने वाला था, क्योंकि न तो लोगों में कोरोना को लेकर डर था और न ही कोरोना प्रोटोकॉल देखने को मिला। सबसे ज्यादा खराब हालत सामान्य कोच में थी। यहां कहने सामान्य दिनों की तरह ही लोग सटकर बैठे थे। कुछ में तो भीड़ ही थी। तीन लोगों की बैठने की जगह पर 6 लोग बैठे थे। हां, भास्कर रिपोर्टर का कैमरा देख, किसी ने जेब से तो किसी ने बैग से मास्क निकाला। उसे पहनने लगे। यहां रेलवे की तरफ से किसी को मास्क पहनने के लिए रोका-टोका नहीं जा रहा।

7 दिसंबर, समय शाम 5.40

अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर आती है। ट्रेन में बिना मास्क के लोग बैठ रहे। अंदर बैठे लोगों ने मास्क तक नहीं पहना था। जनरल डिब्बों में सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ी हुई थीं। यहां पर 3 लोगों के बैठने की जगह पर 6 लोग बैठे थे। अंदर किसी ने भी मास्क नहीं पहना था।

मास्क के बारे में पूछा तो बनाने लगे बहाने

जब ट्रेन में बैठे लोगों से मस्क नहीं लगाने के बारे में पूछा तो कोई बोला कि दोनों वैक्सीन लग गई। किसी ने पूछते ही जेब से रूमाल निकाल कर मुंह पर बांधने लगे। कई लोग मुंह छिपाते हुए मास्क लगाने लगे। इस तरह की स्थिति अधिकतर डिब्बों में देखने को मिली। यानी संक्रमण रोकने के लिए रेलवे प्रबंधन की तरफ से गंभीरता नहीं दिखाई दी।

इस मामले में भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश ने कहा कि रेलवे की तरफ से कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए अनाउसमेंट करा रहे हैं। इसके अलावा स्टेशन पर कोरोना की जांच के भी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों को कोरोना से बचाव के लिए खुद भी जागरूक होना होगा।

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