MP में बच्चों के पॉजिटिव होने पर एक्सपर्ट की राय:बच्चों में सीवियरिटी कम, लेकिन वायरस के कैरियर हो सकते हैं; लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं

मध्यप्रदेश9 महीने पहले

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे भी पॉजिटिव आ रहे हैं। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने हमीदिया अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश टिक्कस से बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों में सीवियरिटी कम है, लेकिन वह वायरस के कैरियर हो सकते हैं। यदि उनमें सर्दी-खांसी के लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच कराएं।

कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार बच्चों में क्या लक्षण दिख रहे हैं?
डॉ. राजेश टिक्कस -
बच्चों में सर्दी-खांसी, गले में दर्द-खराश, बुखार के साथ ही बहुत से बच्चों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द होना और कमजोरी के लक्षण हैं। इसके अलावा, मुंह का स्वाद और नाक को महक का अहसास नहीं होने के भी लक्षण दिख रहे हैं।

बच्चों को संक्रमण से कितना खतरा है?
डॉ. राजेश टिक्कस-
बच्चों में बुजुर्ग के समान ही खतरा है। हालांकि, बच्चों में सीवियरिटी कम है। इसका कारण बच्चों का नियमित वैक्सीनेशन होते रहना है। इससे उनकी इम्यूनिटी अच्छी रहती है। दूसरा उनमें कोमोर्बिडिटी की कंडीशन कम होती है। साथ ही उनकी कोशिकाएं कोविड-19 के वायरस को पकड़ती नहीं हैं। यह स्थिति बच्चों को वायरस की गंभीरता से सुरक्षा कवच देती है, लेकिन यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि बच्चे वायरस का कैरियर हो सकते हैं।

यदि बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो क्या लक्षण दिखें तो भर्ती करें?
डॉ. टिक्कस -
बच्चे को लगातार बुखार बना हुआ है। 100 से नीचे नहीं उतर रहा है, या सांस लेने की गति बढ़ रही हो। सांस लेने में दिक्कत हो रही हो। ऑक्सीजन लेवल 93 से नीचे पहुंच गया हो। या खाने पीने में दिक्कत या लगातार उल्टी हो रही हो। ऐसे स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

घर में होम क्वारेंटाइन के समय बच्चों की मॉनिटरिंग में किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
डॉ. टिक्कस -
छोटे बच्चे कुछ बता नहीं पाते हैं। ऐसे में उनकी मॉनिटरिंग बहुत जरूरी होती है। यदि घर में बच्चा संक्रमित है, तो वह खान-पीना बराबर कर रहा है कि नहीं? पेशाब बराबर कर रहा है। एक्टिव है और उसकी रुटीन एक्टिविटी बनी हुई है। इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सर्दी और खांसी हो रही है तो बच्चों का कोरोना टेस्ट कराना चाहिए?
डॉ. टिक्कस-
देखिए, कोरोना महामारी चल रही है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने टेस्ट के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें सभी लोग आते है। बच्चे वायरस के कैरियर हो सकते हैं। इसलिए बच्चे का टेस्ट डॉक्टर की सलाह पर कराना चाहिए।

किस उम्र तक के बच्चे कोरोना से ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं?
डॉ. टिक्कस -
सभी उम्र के बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। उम्र के अनुसार कुछ भी कह पाना मुश्किल है, लेकिन 5 साल से ऊपर के बच्चों में ज्यादा संक्रमण दिख रहा है।

सवाल: कोरोना से बच्चों को बचाने के लिए क्या-क्या सावधानी रखें?
डॉ. टिक्कस -
इसके लिए सबसे पहले परिवार में सभी पात्र लोग वैक्सीनेशन जरूर करा लें। इसके अलावा कोविड एप्रोप्रिएड बिहेवियर का पालन करना है। जैसे मास्क पहनना है। भीड़-भाड़ में न जाएं। जरूरी होने पर जाना है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। बार-बार हाथ धोएं।

बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए क्या खान-पान रखें?
डॉ. टिक्कस -
कोरोना से संक्रमण की गंभीरता को रोकने के लिए सभी को संतुलित आहार लेना चाहिए। दो से तीन बार दिन में पूरा खाना खाएं। इसमें दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मौसमी फल, गुड़ और दोनों टाइम दूध लें। इसके अलावा सबसे जरूरी है पूरी नींद। यह हमारी इम्यूनिटी को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।

सवाल: बच्चे मास्क पहनने को लेकर आनाकानी करते हैं? ऐसे में क्या कर सकते हैं?
डॉ. टिक्कस-
पांच साल से ऊपर के बच्चों के लिए मास्क पहनने की अनुशंसा की गई है। इससे छोटे बच्चे को मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है। क्योंकि, वह मास्क को संभाल नहीं सकते और उनको कोई दूसरी समस्या न हो जाए। पांच साल से ऊपर के बच्चों को भी माता-पिता की देखरेख में मास्क पहनना चाहिए। यह ध्यान रखना चाहिए कि मास्क उन्होंने ठीक से लगाया है। उनको सांस लेने में तो कोई दिक्कत तो नहीं हो रही।

सवाल: बच्चे पिछली दोनों लहरों के समान अब घरों में ही है। ऐसे उन पर शारीरिक और मानसिक क्या प्रभाव दिख रहे है। नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए अभिभावक क्या करें।
डॉ. टिक्कस -
बच्चों को कोई कंस्ट्रक्टिव काम में शामिल करें। न कि मोबाइल या लगातार टीवी में गेम में एक्टिविटी करते रहे। कंस्ट्रक्टिव काम में क्राफ्ट या कुछ बनाने का काम करने का कहें। ड्राइंग में आगे कर सकते हैं। उनको अच्छी बातें बताएं। पॉजिटिव बातों के साथ लालन पालन करें। उनकी एक्टिविटी के साथ खुलने मिलने की कोशिश करें।