भोपाल में धारा 144 के आदेश जारी:बिना अनुमति राजनीतिक कार्यक्रम, जुलूस-रैली नहीं कर सकेंगे; बारात में आतिशबाजी भी प्रतिबंधित, लाइसेंसी हथियार जमा करने होंगे

भोपाल2 महीने पहले
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मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। इसको लेकर मंगलवार को भोपाल कलेक्टर ने धारा 144 में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। इस आदेश में जिले में कोई भी व्यक्ति या समूह भोपाल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत, निर्वाचन क्षेत्र, वार्ड के क्षेत्र में राजनीतिक कार्यक्रमों, जुलूस-रैली और सभा आदि बिना अनुमति नहीं निकाल सकेंगे। आतिशबाजी और पटाखे, तेज आवाज करने वाले विस्फोटक आदि वस्तुओं का उपयोग सार्वजनिक मार्ग, स्थानों पर बिना अनुमति नहीं कर सकेंगे। इसमें बारात निकासी में की जाने वाली आतिशबाजी भी प्रतिबंधित रहेगी।

आदेश के अनुसार आचार संहिता के दौरान प्रचार- प्रसार के लिए कोई भी राजनीतिक दल, संस्था, व्यक्ति, रैली, काफिले में तीन से अधिक वाहनों का उपयोग बिना अनुमति के नहीं करेगा। प्रचार-प्रसार के लिए कोई भी राजनीतिक दल, संस्था, व्यक्ति द्वारा रैली, लाउड स्पीकर का उपयोग बिना अनुमति के नहीं करेगा।

इसी तरह कोई भी व्यक्ति किसी समुदाय अथवा धर्म विशेष को लेकर अथवा अन्य प्रकार के आपत्तिजनक नारे नहीं लगाएगा। न ही कोई आपत्तिजनक पर्चा वितरण करेगा। इससे किसी भी धर्म की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचती हो तथा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द एवं शांति भंग हो सकती हो। किसी प्रकार की सभा रैली जुलूस आदि सार्वजनिक तौर पर बिना अनुमति के नही किए जाएंगे। शैक्षणिक संस्थाओं, शासकीय कार्यालय परिसरों, रेस्ट हाउस में सभा इत्यादि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। उपर्युक्त प्रतिबंध निर्वाचन एवं विधि व्यवस्था संबंधी ड्यूटी में संलग्न अधिकारी, कर्मचारी पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा।

कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अविनाश लवानिया ने बताया कि भोपाल जिले में त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2021 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। चुनाव की घोषणा होने से राजनैतिक गतिविधियां, जुलूस, प्रदर्शन, सभाएं इत्यादि प्रारंभ होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों के सभी लाइसेंस धारी शस्त्रों को जमा कराना होगा
कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अविनाश लवानिया ने जिले में जनपद पंचायत क्षेत्र फन्दा एवं बैरसिया क्षेत्र के समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित कर दिए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन सम्पन्न होने तक शस्त्र जमा रहेंगे। जिले के समस्त शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निर्वाचन सम्पन्न होने तक निलंबित रहेंगे। शस्त्र तत्काल संबंधित थाने में जमा कराए जाने के लिए निर्देशित किया जाता है।

इन्हें शस्त्र रखने के लिए अनुमति जरूरी होगी

केन्द्र शासन, राज्य शासन के विभागों में कार्यरत, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी, केन्द्र, राज्य शासन के उपक्रमों के कार्यरत, सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारियों , बैंक गार्डों एवं स्पोर्ट श्रेणी के लिए स्वीकृत अनुज्ञप्तिधारियों इस आदेश से बाहर रहेंगे। इसके अलावा ऐसे अनुज्ञप्तिधारी जिनको किसी विशेष व्यक्ति से जानमाल का खतरा बना रहता है, जिनके लिए शस्त्र रखे जाना आवश्यक है। उनके द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर स्क्रिनिंग कमेटी द्वारा विचार किया जाएगा। इसके विचारोपरांत शस्त्र रखने की अनुमति दी जा सकेगी।

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