भोपाल के डॉक्टर और उनकी पत्नी संक्रमित:150 से ज्यादा गर्भवतियों ने कराई थी सोनोग्राफी, सभी को टेस्ट कराने को कहा; इंदौर में भी 2 केस

भोपालएक वर्ष पहले

मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। प्रदेश में बुधवार को 7 नए केस आए हैं। भोपाल-इंदौर में 2 पॉजिटिव मिले हैं। ग्वालियर, होशंगाबाद और जबलपुर में 1-1 पॉजिटिव मिला है। पिछले पांच दिन में भोपाल में सबसे ज्यादा 16 पॉजिटिव मिले हैं। यहां जेपी अस्पताल के एक रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर और उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद से जेपी अस्पताल प्रबंधन 11 नवंबर से 13 नवंबर के बीच सोनोग्राफी कराने आई 150 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को कोरोना की जांच कराने के लिए कॉल कर कह रहा है।

डॉक्टर तबीयत खराब होने के बावजूद 13 नवंबर तक अस्पताल आए। इसके बाद उन्होंने कोरोना की जांच कराई। 15 नंवबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टर और उनकी पत्नी को इलाज के लिए AIIMS में भर्ती किया गया है। दोनों को वैक्सीन के दोनों डोज फरवरी में ही लग चुके थे। डॉक्टर की तबीयत ठीक है, लेकिन उनकी पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रदेश में पिछले 5 दिन में 8 जिलों में 37 कोरोना पॉजिटिव मिले, इनमें सबसे ज्यादा भोपाल में 16, इंदौर में 9, जबलपुर में 5, राजगढ़ में 3 और रायसेन, श्योपुर, होशंगाबाद व ग्वालियर में 1-1 पॉजिटिव मिला है। वहीं, 15 नवंबर को इंदौर में 1 मौत भी रिपोर्ट हुई है। प्रदेश में अब तक 7 लाख 92 हजार 984 लोग पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें से 7 लाख 82 हजार 380 ठीक हो गए। कोरोना के कारण 10 हजार 525 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी प्रदेश में 79 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में रिकवरी रेट 98% से ज्यादा है। जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि सोनोग्राफी करने वाली जगह को सील कर दिया गया है। अभी सोनोग्राफी करने के लिए अलग व्यवस्था की गई है।

लापरवाही ना पड़ जाए भारी
जेपी अस्पताल में संक्रमित डॉक्टर से सोनोग्राफी कराने वाली महिलाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। टीम ने घर जाकर किसी के सैँपल नहीं लिए। एक महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके पास तो कॉल तक नहीं आया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर जांच की खानापूर्ति करने वाला स्वास्थ्य विभाग संपर्क में आने वाली गर्भवती महिलाओं की घर जाकर कोरोना जांच करने के बजाए लापरवाही क्यों बरत रहा है। मामले में जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि हम कॉल लगा कर महिलाओं को जांच कराने के लिए कह रहे हैं।

वहीं, भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकरण तिवारी का कहना है कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सभी जांच की जा रही है। मामले में जानकारी अस्पताल के सिविल सर्जन ही दे पाएंगे।

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