स्कूल खोलने का विरोध बढ़ा:कलेक्टर से मां की शिकायत; बेटी पहली में है, ऑनलाइन क्लास बंद, बच्चों को वैक्सीन लगी नहीं, उसे कैसे भेजूं

भोपाल7 महीने पहले

मध्यप्रदेश में स्कूल खोले जाने को लेकर विरोध बढ़ गया है। भोपाल में दो दिन पहले कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल में ऑनलाइन क्लास को लेकर प्रदर्शन के बाद अब सागर पब्लिक स्कूल के खिलाफ पेरेंट्स ने भोपाल कलेक्टर से शिकायत की है। पेरेंट्स ने आरोप लगाए कि स्कूल ने एकतरफा फैसला करते हुए ऑनलाइन क्लास बंद कर दी है। हमारे बच्चे छोटे हैं, बिना वैक्सीन के हम उन्हें स्कूल की भीड़ में कैसे भेज दें। स्कूल उन पर दबाव बना रहा है। हालांकि, स्कूल प्रबंधन इस बारे में कुछ नहीं बोल रहा है।

एक महिला ने शिकायती आवेदन देते हुए लिखा है... मेरी बेटी सागर पब्लिक स्कूल साकेत नगर में पहली क्लास में पढ़ती है। जैसा की आपको पता है शासन के स्कूलों को 100% क्षमता के साथ खोलने के निर्देश मिलने के बाद ऑनलाइन क्लास बंद कर दी है। इससे पढ़ाई में परेशानी हो गई है। हम बच्चों को कैसे भीड़ में जाने दें। कोरोना की वैक्सीन अभी बच्चों को नहीं लगी है। स्कूलों में उचित व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों को कोरोना की चपेट में आने से रोका जा सके।

आपसे अनुरोध करते हैं कि ऑनलाइन क्लास का भी विकल्प रखें। स्कूलों को ऑनलाइन क्लास को भी चालू रखने का निर्देश दें, जिससे जो पेरेंट्स अपने बच्चों को कोरोना के कारण स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन क्लास में पढ़ाया जाए। हमने इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को लिखित और मौखिक आग्रह किया, लेकिन उन्होंने ऑनलाइन क्लास में पढ़ाने से मना कर दिया।

शासन के निर्देश स्पष्ट नहीं
पेरेंट्स शैलेष ने बताया कि कलेक्टर अविनाश लवानिया से सभी पेरेंट्स ने शिकायत की है। कलेक्टर ने भी माना है कि शासन के निर्देश स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जल्द इस मामले को लेकर विभाग से स्पष्ट निर्देश जारी करने को लेकर बात करेंगे। शैलेष ने कहा कि स्कूल द्वारा कोरोना के दौरान क्लास बंद होने पर भी पूरी फीस ली जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने किसी भी तरह की बात करने से इनकार कर दिया है।

इन पर पेरेंट्स विरोध कर रहे

  • शासन ने पेरेंट्स की अनुमति को जरूरी रखा है, लेकिन क्लास लगाने के सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए।
  • शासन ने ऑनलाइन क्लास को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं।
  • स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को कोई विकल्प नहीं है।
  • स्कूलों द्वारा ऑफलाइन क्लास अनिवार्य कर दी गई है।
  • बच्चों के संक्रमित होने पर किसी की जिम्मेदारी तय नहीं है। स्कूल ने पेरेंट्स को यह मैसेज भेजे। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास अटेंड करना अनिवार्य किया है।
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