खरमास खत्म:मांगलिक कार्य शुरू; जुलाई तक 63 विवाह मुहूर्त, 1 महीने में 19 दिन त्योहार

भोपाल10 दिन पहले
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मकर संक्रांति और प्रदोष आज शनिवार को एक साथ होने से यह दिन शुभ और मंगलकारी। - Dainik Bhaskar
मकर संक्रांति और प्रदोष आज शनिवार को एक साथ होने से यह दिन शुभ और मंगलकारी।
  • अब विवाह की शहनाइयां गूंजेंगी, नामकरण, यज्ञोपवीत संस्कार और नवीन गृह प्रवेश भी कर सकेंगे

एक माह के अंतराल के बाद नए साल के दूसरे पखवाड़े में शुक्रवार को खरमास समाप्त होने के साथ ही 15 जनवरी से विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्यों का श्रीगणेश होगा। संयोगवश इस दिन शनिवार को मकर संक्राति और प्रदोष होने से यह दिन शुभता से भरा होगा। एक ओर मकर संक्राति पर्व मन रहा होगा, वहीं विवाह की शहनाईयों की गूंज भी सुनाई पड़ेगी।

हालांकि विवाह मुहूर्त अभी केवल फरवरी महीने तक ही है। मार्च में एक भी विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। विवाह फिर अप्रैल के दूसरे पखवाड़ा यानी 15 तारीख से शुरु होंगे, जो जुलाई तक रहेंगे। आगामी 28 फरवरी तक 44 दिन में कुल 21 दिन विवाह की शहनाई बजेंगी, जबकि जुलाई तक कुल मुहूर्त 63 दिन रहेंगे।

दूसरी ओर साल के दूसरे महीने के पहले पखवाड़े तक तीज-त्योहारों की बहुलता रहेगी। इस अवधि में मौनी-माघी अमावस्या, गुप्त नवरात्र, वसंत पंचमी और नर्मदा जयंती जैसे बड़े पर्व भी रहेंगे। शुक्रवार को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो गया। पंडितों के अनुसार खरमास में सूर्य के धनु राशि में रहते बृहस्पति निस्तेज हो जाते हैं, इसलिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं होते हैं।

शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति का प्रभावी होना जरूरी

विवाह और शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति का प्रभावी होना जरूरी है। अब सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर मांगलिक कार्य और विवाह शुरू होने जा रहे हैं। इनमें जनेऊ, नामकरण, मुंडन, नए संस्थान का शुभारंभ, गृह प्रवेश शामिल हैं। ज्योतिषी अर्चना सरमंडल के अनुसार अभी फरवरी माह तक विवाह होंगे। मार्च में गुरु व शुक्र के अस्त रहने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। विवाह के लिए दोनों ग्रहों का उदित रहना जरूरी है, परंतु धार्मिक अनुष्ठान व तीज-त्योहार मनाए जा सकते हैं।

तीज-त्योहार की शृंखला

जनवरी- 15 को मकर संक्रांति, प्रदोष, 17 को शाकंभरी पूर्णिमा, माघ स्नान प्रारंभ, 21 को तिल गणेश चतुर्थी, 24 को स्वामी रामानंदाचार्य जयंती, 26 को भीष्म पितामह जयंती, 28 को षटतिला एकादशी, 29 को तिल द्वादशी, प्रदोष, 30 को शिव चतुर्दशी व्रत, 31 को श्राद्ध अमावस्या।

फरवरी- 1 को मौनी-माघी अमावस्या, 2 को गुप्त नवरात्र शुरू, 4 को वरद विनायकी चतुर्थी, 5 को वसंत पंचमी, सरस्वती जयंती, 7 को शीतलाष्टमी, नर्मदा जयंती, 10 को महानंदा नवमी, 12 को भीष्म एकादशी, 14 को प्रदोष, विश्वकर्मा जयंती, 15 को रामचरण प्रभु जयंती, तेजाजी जयंती, 16 को संत रविदास जयंती और माघी पूर्णिमा।

  • पुष्य नक्षत्र - 18 जनवरी, 14,15 फरवरी
  • अमृत सिद्धि -23 जनवरी, 20 और 23 फरवरी।
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