भोपाल मैनिट में छात्रों का धरना जारी:सर्द रात में भी डटे रहे पीएचडी स्टूडेंट्स; बोले- अब अनिश्चितकालीन आमरण अनशन

भोपाल7 महीने पहले
छात्र ठंड में रात में भी कैंपस में डटे रहे।

मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में अपनी मांगों को लेकर पीएचडी छात्र रात को भी धरने पर बैठे रहे। यहीं पर इन्होंने रात गुजारी। प्रबंधन ने प्रदर्शन को देखते हुए मैनिट में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके बाद भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। वह रिसर्च पेपर के प्रकाशन की तारीख बढ़ाए जाने और एचआरए की राशि दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों ने कहा कि अब सिर्फ अनिश्चितकालीन आमरण अनशन ही विकल्प बचा है। इधर, छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अब भी प्रबंधन का कहना है कि पीएचडी छात्रों को एचआरए का भुगतान किया जा रहा है। इसका बकाया केवल भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार बीओजी के अनुमोदन की तारीख से दिया जा सकता है।

इसलिए धरने पर बैठे

पीएचडी स्कॉलर्स अपनी मांगों को लेकर 10 जनवरी से शांतिपूर्वक स्टेज प्रोटेस्ट कर रहे हैं। नतीजा न निकलता देख गुरुवार को मैनिट परिसर में छात्र जमा हो गए। कैंपस में ही वे धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रबंधन और छात्रों के बीच कहासुनी भी हुई। छात्रों ने आरोप लगाए कि जुलाई 2019 से पीएचडी स्कॉलर्स को दी जाने वाली एचआरए की राशि को रोक दी गई है। स्कॉलर्स द्वारा प्रयास करने के बाद एक महीने का एचआरए अक्टूबर माह में दिया गया। उनका एडमिशन मैनिट में हुआ। जुलाई 2019 से ही उन्हें एचआरए की राशि का एरियर दिया जाए।

रजाई गद्दा ले आए

दिन के बाद रात को भी छात्रों का धरना जा रहा। ठंड को देखते हुए छात्र को रजाई गद्दा लेकर कैंपस में डेरा जमाए रहे। प्रबंधन ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को देखते हुए छात्रों को मौके से हटाने का प्रयास नहीं किया। हालांकि प्रबंधन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के नाम पते जानने का प्रयास जरूर किया, लेकिन कोई भी छात्र अपना नाम सार्वजनिक करने को तैयार नहीं है।