भोपाल में नेशनल हेराल्ड की प्रॉपर्टी की होगी जांच:जांच समिति बनेगी, मंत्री भूपेंद्र बोले-प्रॉपर्टी का कमर्शियल यूज मिला तो सील करेंगे

भोपाल2 महीने पहले

भोपाल में मौजूद ‘नेशनल हेराल्ड’ की प्रॉपर्टी की जांच होगी। सरकार ने इसके लिए जांच समिति के गठन के आदेश दे दिए हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा- 'निश्चित रूप से जांच कराएंगे। जांच कराकर रिपोर्ट आने के बाद अगर इसका कमर्शियल उपयोग हो रहा है, तो इसको भी सील करने की कार्रवाई होगी। जो लोग भी कमर्शियल उपयोग कर रहे हैं या जिन्होंने किया है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियाें के नाम पर जगह ली, वो संपत्ति कांग्रेस के लोगों ने अपने नाम पर करवा ली।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने ट्वीट किया है -

फ्रीडम फाइटर्स के नाम पर ली जमीन अपने नाम कराई: भूपेंद्र सिंह
मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा जिन लोगों ने भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर जगह ली, उसके बाद संपत्ति अपने नाम पर करा ली, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में ‘विशाल मेगा मार्ट’ समेत कई कमर्शियल दफ्तर संचालित हैं।

जमीन का लैंड यूज चेंज करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
‘नेशनल हेराल्ड’ को भोपाल में अलॉट हुई जमीन का लैंड यूज चेंज करने वाले तत्कालीन अधिकारियों की भी जांच कराई जाएगी। मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर जगह ली, उसके बाद संपत्ति अपने नाम पर करा ली। उन पर भी जांच होगी।

कांग्रेस नेता ने धोखे से बेच दी भोपाल की संपत्ति
भोपाल के पॉश इलाके एमपी नगर में भी नेशनल हेराल्ड के नाम से भूखंड आवंटित था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक कांग्रेस नेता ने ही इस भूखंड को फर्जी तरीके से बिल्डर को बेच दिया था। बिल्डर ने इस पर बिल्डिंग बनाई। उसे विभिन्न लोगों को वाणिज्यिक और रिटेल प्रयोग के लिए बेच दिया। वर्तमान स्थिति में बिल्डिंग समेत जमीन की कीमत करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

इंदौर में प्राइम लोकशन पर 22 हजार स्क्वेयर फीट जमीन
इंदौर में लाइफ लाइन माने जाने वाले आगरा-मुंबई हाईवे पर भी 'नेशनल हेराल्ड' की 22 हजार स्क्वेयर फीट जमीन है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसी क्षेत्र में कई समाचार पत्रों के ऑफिस भी हैं।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को दिल्ली की हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी का ऑफिस सील कर दिया था। मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की। इस मामले में ईडी सोनिया गांधी से भी पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा- हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते नहीं है। उन्हें जो करना है कर लें। हमारा काम संविधान की रक्षा के लिए लड़ना है। देश के सम्मान के लिए लड़ना है। यह जंग जारी रहेगी। राहुल ने कहा- अब सत्याग्रह नहीं अब रण होगा।

जानिए नेशनल हेराल्ड केस क्या है?

नेशनल हेराल्ड केस का मामला सबसे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में उठाया था। अगस्त 2014 में ED ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को आरोपी बनाया गया था। नीचे ग्राफिक्स से समझिए इस पूरे केस को...

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