प्यारे मियां यौन शोषण मामला:पोस्टमार्टम के बाद नाबालिग का हुआ अंतिम संस्कार, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि, शासकीय बाल गृह में रहने वाली अन्य बालिकाओं के परिजन में डर

भोपालएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। - Dainik Bhaskar
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
  • आज ही कलेक्टर के आदेश पर चल रही थी इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच
  • बालिका गृह की अधीक्षिका अंतोनिया कुजूर इक्का को हटाया

प्यारे मियां के नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण के मामले की पीड़िता ने बुधवार रात 10 बजे इलाज के दाैरान दम तोड़ दिया है। इसकी पुष्टि हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक आईडी चौरसिया की थी।

गुरुवार को नाबालिग के शव का पोस्टमार्टम किया गया। परिजन शव घर ले जाकर अंतिम यात्रा निकालना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने शव सीधे भदभदा विश्राम घाट ले जाने की समझाइश दी। इसके बाद नाबालिग का शव भदभदा विश्राम घाट ले जाया जाकर अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई ने मुखाग्नि दी। नाबालिग बच्चियों के परिजनों में डर का माहौल बन गया है। एक पीड़ित नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अन्य बच्चियों की सुरक्षा की मांग परिजनों ने की है। कुछ परिजन शासकीय बाल गृह बालिका नेहरूनगर भी पहुंचे। मामले में 4 नाबालिग बच्चियों को बाल गृह में रखा गया है।

शासकीय बाल गृह बालिका नेहरूनगर
शासकीय बाल गृह बालिका नेहरूनगर

गौरतलब है कि 2 दिन पहले बच्ची ने नींद की गोलियां खाई थीं। सोमवार देर रात उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों ने बालिका गृह की अधीक्षका अंतोनिया कुजूर इक्का पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था और सवाल उठाया था कि आखिर नींद की गोलियां वहां पहुंची कैसे। मामले की गंभीरता को देखते हुए बालिका गृह की अधीक्षिका को हटा दिया गया है। वहीं मृतका के चचेरे भाई ने बताया कि गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में पोस्टमार्टम कराया गया। कड़ी सुरक्षा के लिए पुलिस छावनी बना दिया गया।

पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

अभी पोस्टमार्टम होगा फिर कायम होगा मर्ग

एएसपी रामसनेही मिश्रा ने कहा बताया कि प्यारे मियां मामले में फरियादी एक नाबालिग लड़की को संदिग्ध परिस्थितियों में सोमवार रात को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में एडमिट कराया था। आज उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। अभी उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। उसके बाद पुलिस मर्ग कायम करेगी।

यह है मामला

प्यारे मियां यौन शोषण मामले में 5 फरियादी बालिका गृह में रह रही हैं। उनके से एक नाबालिग को नींद की गोलियां खा लेने के कारण सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। सूचना मिलते ही नाबालिग के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। उन्होंने बाल गृह पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। सवाल उठाए कि गोलियां बालिका गृह में कैसे पहुंची?

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को कलेक्टर अविनाश लवानिया ने न्यायायिक जांच के आदेश दे दिए थे। पूरे मामले में कमला नगर थाना पुलिस ने मंगलवार को जांच शुरू कर दी थी। इसमें एक अन्य नाबालिग लड़की के बयान भी लिए गए। जिसके बाद उसकी भी तबीयत खराब हो गई। उसे जेपी अस्पताल ले जाया गया। यहां पर तीन घंटे भर्ती करने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

वहीं बुधवार को अपर मजिस्ट्रेट भोपाल माया अवस्थी ने बालिका गृह में निवासरत एक बालिका के अचानक बीमार होने की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू की। इसी कड़ी में नेहरु नगर स्थित बालिका गृह में जांच दल पहुंचा। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भोपाल द्वारा उक्त घटना की मजिस्ट्रियल जांच करने के लिए माया अवस्थी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

बच्चियों से मिलने के लिए बुधवार सुबह जुवेनाइल जस्टिस कमेटी की ओर से जज कुमुदिनी पटेल, एडीएम माया अवस्थी और एसपी साउथ साई कृष्णा पहुंचे थे। इधर कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में नाबालिग को एयर लिफ्ट करके दिल्ली एम्स भेजने की तैयारी की गई थी, लेकिन हमीदिया के डाॅक्टरों ने जानकारी दी कि उसकी हालत बहुत ही नाजुक है उसे हिलाया भी नहीं जा सकता इसलिए उसे एयर लिफ्ट करने का प्लान ड्राप कर दिया गया था।

इन 8 बिंदुओं पर हाे रही है मामले की जांच

  • अपर मजिस्ट्रेट ने संबंधित व्यक्तियों से साक्ष्य आमंत्रित किए गए हैं।
  • फरियादी नाबालिग लड़की तबीयत किन परिस्थितियों में हुई ?
  • क्या बालिका द्वारा संस्था में निवास के दौरान अखाद्य पदार्थ का सेवन किया गया या एक ही कक्ष में निवास अन्य बालिकाओं को दी गई दवाईयों का सेवन कर लिया गया ?
  • , क्या घटना के लिए कोई जिम्मेदार है ?
  • क्या शासकीय बालगृह बालिका नेहरू नगर, भोपाल में रहने की समुचित आवश्यक व्यवस्थाएं थी ?
  • क्या शासकीय बालगृह बाल कल्याण समिति का समय-समय पर पर्यवेक्षण/निरीक्षण किया जाता रहा ?
  • घटना के दौरान बालिका के साथ कौन-कौन मौजूद थे एवं उनकी क्या भूमिका रही ?
  • घटना की पुनर्रावृत्ति न हो तत्संबंध में सुझाव। अन्य बिन्दु जो जाँच के दौरान दृष्टिगत हो पर साक्ष्य आमंत्रित किए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि उपरोक्त बिन्दुओं के संबंध में यदि कोई व्यक्ति लिखित या मौखिक जानकारी, कथन अथवा साक्ष्य देना चाहता है तो 15 दिवस के अंदर न्यायालयीन समय में कार्यालय अपर जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्ट्रेट कार्यालय भोपाल के कक्ष क्रमांक 152 में उपस्थित होकर दे सकता है। समयावधि पश्चात किसी प्रकार की जानकारी पर विचार नहीं किया जाएगा।