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दोगुना हो जाएंगे वैक्सीनेशन सेंटर:भोपाल में 5 मार्च से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 43 से अधिक केंद्र पर लगेगी वैक्सीन

भोपाल7 महीने पहले
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कलेक्टर अविनाश लवानिया ने वैक्सीनेशन की समीक्षा बैठक करते हुए सीएमएचओ, जिला पंचायत सीईओ, जिला टीकाकरण अधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाया जाए और इसके लिए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएं। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर अविनाश लवानिया ने वैक्सीनेशन की समीक्षा बैठक करते हुए सीएमएचओ, जिला पंचायत सीईओ, जिला टीकाकरण अधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाया जाए और इसके लिए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएं।
  • कलेक्टर अविनाश लवानिया ने वैक्सीनेशन की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अभी 20 केंद्रों पर लग रही वैक्सीन

भोपाल में 5 मार्च से 43 से अधिक केंद्र पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण का कार्य शुरू होगा। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में भी स्वयं के व्यय पर वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। इसमें केंद्र सरकार की जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा ।

कलेक्टर अविनाश लवानिया ने वैक्सीनेशन की बुधवार को समीक्षा बैठक करते हुए सीएमएचओ, जिला पंचायत सीईओ, जिला टीकाकरण अधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाया जाए। इसके लिए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पोलिंग बूथ के आधार पर ही वैक्सीनेशन कराया जाएगा। इसके लिए किसी एक पोलिंग बूथ को वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर उससे जुड़े पास के अन्य पोलिंग बूथ से लोगों को लाकर वैक्सीनेशन कराया जाए। लवानिया ने कहा कि इस कार्य के लिए आशा, आंगनबाड़ी, नगर निगम, स्वास्थ्य कर्मी और अन्य कार्यकर्ताओं की टीम को भी लगाया जाए। बैठक में एडीएम, एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और निजी चिकित्सालयों के प्रबंधक भी उपस्थित थे ।

कलेक्टर ने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग लोगों के साथ ही 45 से 59 वर्ष तक के गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति आकर अपना वैक्सीनेशन करा सकते हैं, बीमार लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट साथ में लाना अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी वैक्सीनेशन की अपने स्तर पर समीक्षा कर लें। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर वैक्सीनेशन केंद्र बनाए जाएं, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए की वैक्सीनेशन केंद्र पर तीन कमरे अवश्य हो। सभी नागरिकों को यह बताया जाए कि वैक्सीनेशन केंद्र पर आधार या ऐसा कोई परिचय पत्र लाना अनिवार्य होगा।

वैक्सीनेशन का पहला डोज लगने के बाद दूसरा डोज 28 दिन के बाद लगाया जाएगा और उसी वैक्सीन का डोज लगाया जाएगा जो पहले लगा है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को सूचना मोबाइल पर दी जायेगी। उसी केंद्र पर उनको दूसरा डोज लगाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दूसरे वैक्सीन के डोज को 29 से 45 दिन में अनिवार्य रूप से लगाया जाए, यदि 29 दिन के बाद एसएमएस आने पर वैक्सीन नहीं लग पाई तो उसका डाटा 45 दिन तक सुरक्षित रहेगा उसके बाद भी उसकी एंट्री कराई जा सकेगी। वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जा सकेगा।