थर्ड वेव की 'पॉजिटिव' खबर:भोपाल में कोरोना टेस्ट में पास हुई मां, 5 दिन बाद बच्ची को सीने से लगाया; डिलीवरी के समय थी संक्रमित

भोपाल5 महीने पहले

कोरोना की तीसरी लहर के बीच भोपाल में एक मां कोविड टेस्ट में पास हो गई और संक्रमण फेल हो गया। मां ने सभी सावधानियों का ध्यान रखते हुए बच्ची के जन्म के पांच दिन बाद उसे सीने से लगाया। अब मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। इसके साथ ही नवजात के अस्पताल से घर आने पर परिवार की चिंता भी खत्म हो गई है। 8 दिन की राध्या के पिता प्रदीप राय ने बताया कि अस्पताल में बीता समय बहुत कठिन था। हर हर पल भारी लग रहा था। डर यही था कि कहीं बच्ची को कुछ हो ना जाए, लेकिन अब टेंशन खत्म हो गई।

8 दिन की राध्या।
8 दिन की राध्या।

विदिशा रोड छोला मंदिर शिव नगर के रहने वाले प्रदीप राय ने बताया कि उनकी पत्नी बबीता का इलाज इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों ने डिलीवरी की तारीख 10 जनवरी दी थी। उन्होंने 11 जनवरी को पत्नी को अस्पताल में भर्ती करा दिया। बच्चे का वजन बढ़ने और दर्द नहीं होने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए कहा। उनकी पत्नी को हल्की सर्दी-खांसी थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। प्रदीप ने बताया कि यह सुनते ही परिवार घबरा गया। कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि क्या करें।

इसके बाद वहां के डॉक्टरों ने सुल्तानिया अस्पताल रैफर कर दिया। वहां पहुंचे तो उन्होंने हमीदिया अस्पताल भेज दिया। 12 जनवरी को उनकी पत्नी ने हमीदिया अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया।

बच्ची राध्या के साथ उसकी मां बबीता।
बच्ची राध्या के साथ उसकी मां बबीता।

नवजात की रिपोर्ट थी निगेटिव
हमीदिया अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची को कोविड वार्ड-ए के तीसरे फ्लोर पर नॉन कोविड वार्ड के एक कमरे में अटेंडर के साथ रखा था। जबकि, मां कोविड वार्ड में भर्ती थी। जन्म के अगले दिन नवजात की रिपोर्ट निगेटिव आई। यह सुनते ही थोड़ी राहत मिली, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण से चिंता बढ़ती जा रही थी।

कोविड वार्ड में भर्ती मां का दूध लाकर पिलाया जा रहा था
बच्ची को कोविड वार्ड में भर्ती मां का दूध लाकर पिलाया जा रहा था। 16 जनवरी को पत्नी की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने पर दोनों को अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई। डॉक्टरों ने मां को कुछ दिन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्ची पास में रखने की सलाह दी। प्रदीप ने बताया कि उनकी पत्नी ने बच्ची को दूर से देख लिया था, लेकिन उसे हाथ में लेकर सीने से पांच दिन बाद ही लगाया। वहीं, उन्होंने भी अपनी बच्ची को पांच दिन बाद देखा।

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