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आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है:अस्पताल में भर्ती कोविड पॉजिटिव ताऊजी की हुई परेशानी, NIFT की स्टूडेंट ने बना दिया मूविंग टॉयलेट

भोपाल22 दिन पहले
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व्हील चेयर के बराबर की जगह लेने वाले टॉयलेट को बनाने में आया 25 हजार का खर्च, वेस्टर्न सीट का किया इस्तेमाल। - Dainik Bhaskar
व्हील चेयर के बराबर की जगह लेने वाले टॉयलेट को बनाने में आया 25 हजार का खर्च, वेस्टर्न सीट का किया इस्तेमाल।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) की थर्ड ईयर की स्टूडेंट प्रत्यक्षा माझे ने अपने सिविल इंजीनियर पिता के सहयोग से एक ऐसा मूविंग टॉयलेट बनाया है जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इस टॉयलेट का उपयोग करने से मरीजों को बार-बार अपने बिस्तर से उठकर टॉयलेट तक जाने की परेशानी से बचाया जा सकेगा। करीब डेढ़ महीने पहले जब शहर में कोरोना की दूसरी लहर अपने पीक पर थी उस समय पूरा परिवार कोरोना पॉजिटिव हो गया। भेल में कार्यरत उनके ताऊ राजेश माझे को हमीदिया अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और वे करीब 7 दिन तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे।

हमीदिया अस्पताल को डोनेट करेंगी, ताकि औरों के काम आ सके

प्रत्यक्षा माझे बताती हैं कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ताऊ जी को टॉयलेट जाने की बड़ी समस्या थी। बिना ऑक्सीजन वो बेड नहीं छोड़ सकते थे। अस्पताल में बड़े बड़े वार्ड और वाॅशरूम एक कोने में होता है। सीमित सफाई स्टाफ और कोरोना पेशेंट की अधिकता भी परेशानी का बहुत बड़ा कारण थी। मेरे बड़े पापा के साथ अन्य पेशेंट भी इस तरह की समस्या से गुजर रहे थे। हम सभी लोग उनकी समस्या को लेकर घर में चिंतित रहते थे। ‌पूरा परिवार कोरोना पॉजिटिव होने के कारण आइसोलेशन में था।

इस समस्या को लेकर मेरे मन में मूविंग टॉयलेट बनाने का आइडिया आया, जिसे मैंने स्वयं डिजाइन कर अपने पापा सिविल इंजीनियर बृजेश माझे की मदद से इसी सप्ताह तैयार किया है। पापा सीपीए में कार्यरत हैं। प्रत्यक्षा के मुताबिक इस मूविंग टॉयलेट के बनाने में लगभग ₹25000 रुपए का खर्चा आया है। गोदरेज के वाइस प्रेसिडेंट बोमी गांधी ने ट्वीट करके प्रत्यक्षा के इस इनोवेशन की सराहना की है। प्रत्यक्षा कहती हैं कि इस टॉयलेट को वे हमीदिया अस्प्ताल को डोनेट करेंगी, ताकि यह जरूरतमंदों के काम आ सके।

80 लीटर का है टैंक; ऐसा है मूविंग टॉयलेट
यह एक व्हील चेयर के बराबर जगह लेता है। इसमें वेस्टर्न सीट लगाई गई है। 80 लीटर का ओवरहेड टैंक है और 100 लीटर का बॉटम टैंक। यह फाइबर शीट से कवर कर लॉक वाले पहियों पर बनाया गया है। एक बार टैंक में पानी भरने के बाद इसे 5 से 6 पेशेंट के बेड के समीप ही उपयोग में लाया जा सकता है। उपयोग के बाद वाॅशरूम तक ले जाकर ऊपर के टैंक में पानी भर कर, नीचे के टैंक को साफ कर पुनः उपयोग में लाया जा सकता है।

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