पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Now The Survey And Demarcation Of The Land Can Be Done In Any Season, The Central Server Of The Course Station Will Be In Bhopal

​​​​​​​अगले महीने से शुरू होगा:अब किसी भी मौसम में हो सकेगा जमीन का सर्वे और सीमांकन, भाेपाल में हाेगा कॉर्स स्टेशन का सेंट्रल सर्वर

भोपाल7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ऐसे कॉर्स लगाए हैं। - Dainik Bhaskar
ऐसे कॉर्स लगाए हैं।
  • प्रदेशभर से 90 कॉर्स लगाए गए हैं, अभी 60 रोवर और कंट्रोलर के टेंडर किए

जमीन में सीमांकन व सर्वे में आने वाली सभी परेशानियां जल्द खत्म हो जाएंगी। पूरे प्रदेश में इसके लिए 90 कंटीन्यू ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन (कॉर्स) लगाए गए हैं। सीमांकन करने के लिए जरूरी यंत्र रोवर व कंट्रोलर के लिए भी टेंडर कर दिए गए हैं। अभी 60 रोवर लिए जा रहे हैं।

जबलपुर में पूरे सिस्टम का डेमो हो चुका है। भोपाल में भी इसके डेमो की तैयारी है। साथ ही भोपाल में इसका सेंट्रल सर्वर भी अक्टूबर तक बन कर तैयार होगा। राजस्व विभाग ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ इस प्रोजेक्ट के लिए एक एमओयू किया था। इसमें मोबाइल टॉवर की तरह कॉर्स स्टेशन लगाए गए हैं। यह सेटेलाइट से सिग्नल लेकर रोवर तक पहुंचाते हैं। इससे हर मौसम में सीमांकन किया जा सकेगा और वह एकदम दुरुस्त होगा।

खड़ी फसल से भी परेशानी नहीं, एक घंटे में हो जाएगा सीमांकन
कॉर्स से काम शुरू होने के बाद किसी भी मौसम में, कहीं भी सीमांकन किया जा सकेगा। अभी खेतों में फसल खड़ी होने पर सीमांकन नहीं हो पाता। इसी तरह पहाड़, टीले, गड्‌ढे, खाई आदि होने से जमीन को नापने में बहुत परेशानी आती है। अभी चांदा पत्थर के आधार पर सीमांकन होता है। जिस काम में पूरा दिन लग जाता था, वह आधे से एक घंटे में हो जाएगा। रोवर से बिलकुल सही लांगिट्यूड व लेटिट्यूड आएगा, जिससे जमीन का सही सीमांकन होगा। रेवेन्यू इसकी ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग के बाद हर तहसील में रोवर व कंट्रोलर देगा। प्रदेश में इसके माध्यम से जमीन की मैपिंग होगी। सर्वे ऑफ इंडिया सितंबर के अंत तक आबादी क्षेत्र के सर्वे में इसका उपयोग कर सकता है।

सभी तरह के सर्वे हो सकेंगे : जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, माइिनंग आदि विभागों को योजनाओं के लिए जमीन की सही जानकारी मिल पाएगी। नक्शे बनाने, सड़कों के नेवीगेशन, बांध बनाने जैसे कामों में इसका उपयोग होगा।

अक्टूबर में काम शुरू हो जाएगा
प्रदेश में 90 कॉर्स लग गए हैं। अभी 60 रोवर व कंट्रोलर के टेंडर किए हैं। भविष्य में ट्रेनिंग के बाद सभी तहसीलों में रोवर दिए जाएंगे। अक्टूबर में कॉर्स से काम शुरू हो जाएगा।
ज्ञानेश्वर पाटिल, आयुक्त, भू-अभिलेख

खबरें और भी हैं...