देश में ऐसा प्रयाेग पहली बार वन विहार में होगा:अब यूरिन सैंपल से पता चल जाएगा, बाघिन गर्भवती है या नहीं

भोपालएक महीने पहलेलेखक: वंदना श्रोती
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बाघिन ब्रीडिंग के लिए तैयार है या नहीं, यदि मेंटिंग हुई है तो वह गर्भवती है या नहीं, इसकी जानकारी अब समय पर मिल जाएगी। देश में ऐसा पहला प्राेजेक्ट भाेपाल के वन विहार और रीवा की मुकुंदपुर सफारी में शुरू हाे रहा है। इसे नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकाें ने तैयार किया है।

इसमें केंद्र सरकार ने रुचि दिखाते हुए 15 लाख रु. का बजट दिया है। इससे गर्भवती बाघिनाें की देखभाल करने में मदद मिलेगी। बाघिन का प्रसव काल 100 से 105 दिन के बीच का होता है। ऐसे में यदि 25वें दिन भी गर्भवती होने की जानकारी मिल जाए, तो शेष 75-80 दिन निगरानी कर उसके लिए जरूरी आहार उपलब्ध कराया जा सकता है।

दो साल से कर रहे हैं इस प्रोजेक्ट को तैयार
नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एसपी तिवारी ने बताया कि हम दाे साल से इस प्राेजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं। हम बाघिनाें की यूरिन व मल के सैंपल लेंगे। फिर इन नमूनाें में एंजाइम इम्युनो तकनीक उपयाेग कर बाघिन के गर्भस्थ अंतः स्त्रावी हॉर्मोन का विश्लेषण करेंगे। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ आलाेक कुमार के मुताबिक ऐसा प्राेजेक्ट पहली बार शुरू किया जा रहा है। इससे बाघ शावकाें काे बचाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

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