मनमानी बैरिकेडिंग:हमीदिया अस्पताल के पास एक रोड पूरी खाली, दूसरी पर दिनभर ट्रैफिक जाम

भोपाल6 महीने पहले
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  • सबसे ज्यादा परेशानी यहां दवा दुकानों पर आने वाले खरीदारों को

हमीदिया अस्पताल के पास सदर मंजिल रोड पर ये तस्वीर बुधवार शाम करीब सवा चार बजे की है। यहां लगभग दिनभर ही यही स्थिति बनी रहती है। राजधानी में जारी कोरोना कर्फ्यू के बीच भी इस संकरी सड़क पर आने-जाने के लिए जगह नहीं बची है। ट्रैफिक जाम के ये हालात बने हैं बेतरतीब और मनमानी बैरिकेडिंग के कारण। इस सड़क के ठीक समानांतर पीर गेट की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह खाली है। इस रोड का ट्रैफिक भी डायवर्ट होकर वन वे वाली इस सड़क पर आ जाता है। यहां आने वाला तकरीबन हर व्यक्ति किसी अपने के लिए दवा, मेडिकल उपकरण या इंजेक्शन लेने की कवायद में है।

इस जाम की तीन बड़ी वजह

एक ही रास्ता; पीरगेट, इमामी गेट, वीआईपी रोड और मोति मस्जिद से आने वाली सड़क पर बेरिकेडिंग की गई है। इसलिए सुल्तानिया रोड ही आवाजाही के लिए एक सड़क बची है।

दवाओं की किल्लत; हमीदिया के पास मेडिकल और सर्जिकल स्टोर की संख्या ज्यादा है। कोरोना दवाओं और इंजेक्शन की किल्लत के बीच नए शहर से भी लोग यहां आने के लिए मजबूर हैं।

मजबूरी का सफर; हमीदिया अस्पताल समेत आसपास के क्षेत्र में तीन अन्य बड़े अस्पताल भी हैं, जहां लोगों को मरीज के लिए पहुंचना होता है। हमीदिया की मर्चूरी में आना और वैक्सीनेशन के लिए भी लोगों को आना पड़ता है।

बैरिकेडिंग न हो तो लोग वीआईपी रोड पर तफरीह करने लगते हैं
^लॉकडाउन का पालन करवाने के मकसद से ही बैरिकेडिंग की गई है। वीआईपी रोड को खोलने पर लोग यहां रात में तफरी करने लगते हैं। शाम के वक्त हम रेतघाट, किलोल पार्क और रॉयल मार्केट पर चैकिंग भी करवाते है। हर आने-जाने वाले से रोकटोक की जाती है। बाकी बैरिकेड खोल देने पर लोगों को काबू करना मुश्किल हो जाता है। हम ऐसा करके देख भी चुके हैं। मैं अपने स्तर पर इसका ख्याल रखता हूं कि लोगों से पुलिस बदतमीजी न करे। इसलिए मैं चैकिंग प्वाइंट पर अपना स्टाफ भेजकर क्रॉसचेक भी करवाता हूं।
-विजय खत्री, एसपी नॉर्थ

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