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प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल वापस:कल से पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई, एसोसिएशन ने कहा- ट्यूशन फीस न देने पर पैनाल्टी करेंगे; आपसी फूट और हड़ताल के खिलाफ याचिका के बाद फैसला

भोपाल6 महीने पहले

MP के प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल वापस हो गई है। कल यानी मंगलवार से फिर से स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होगी। यह निर्णय सोमवार दोपहर में हुई स्कूल संचालकों की मीटिंग में लिया गया। हालांकि, प्राइवेट स्कूलों की सरकार से लड़ाई जारी रहेगी। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार ट्यूशन फीस का आदेश वापस नहीं लेती और 9वीं से 12वीं के स्कूल खोल नहीं देती, तब तक असहयोग जारी रहेगा। सरकार को कोई टैक्स नहीं देंगे। ट्यूशन फीस जमा नहीं करने वाले पैरेंट्स को लेट फीस देना होगा। किसी भी सरकारी वॉट‌्सऐप ग्रुप में नहीं जुड़ेंगे।

6 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ट्यूशन फीस लेने और कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते स्कूल नहीं खोलने की घोषणा के बाद प्राइवेट स्कूल संचालक मुखर हो गए थे। इसके चलते उन्होंने 12 जुलाई से ऑनलाइन पढ़ाई, परीक्षा अनिश्चितकालीन तक बंद रखने का निर्णय लिया था। सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में हड़ताल रही, लेकिन बड़े स्कूलों ने हड़ताल से दूरी बनाए रखी थी। इधर, सरकार और अभिभावकों का दबाव भी आ रहा था। ऐसे में प्राइवेट स्कूल संचालकों को झुकना पड़ा और हड़ताल खत्म कर दी गई। हालांकि, स्कूल संचालक हड़ताल खत्म करने का कारण बच्चों की पढ़ाई को बता रहे हैं।

मीटिंग में लिया हड़ताल वापस लेने का निर्णय
प्राइवेट स्कूलों की संस्था एसोसिएशन ऑफ अन-एडेड प्राइवेट स्कूल्स मध्य प्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट विनय राज मोदी ने बताया कि सोमवार दोपहर में प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूल संगठनों की बैठक हुई, जिसमें हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव बाबू थॉमस एवं सोपास के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चटर्जी ने सभी संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से बयान जारी किया।

मीटिंग में इन बिंदुओं पर निर्णय

  • सभी संगठनों सरकार के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे ।
  • संकुल के वॉट्सऐप ग्रुप में दोबारा नहीं जुड़ेंगे और कार्यों में असहयोग तब तक जारी रहेगा जब तक कि सरकार हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक कोई निर्णय नहीं लेती है।
  • वे सभी पैरेंट्स जो ट्यूशन फीस भी भुगतान नहीं कर रहे हैं उन्हें लेट फीस देना अनिवार्य होगा।
  • अगले निर्णय तक स्कूल संचालक किसी सरकारी टैक्स अथवा बकाये का भुगतान नहीं करेंगे।
  • बच्चों एवं पालकों के हित में ऑनलाइन शिक्षण 13 जुलाई से अंडर प्रोटेस्ट दोबारा प्रारंभ करेंगे, क्योंकि वे सरकार के साथ लड़ाई में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं करना चाहते ।
  • जब तक सरकार हमारी मांगों पर विचार करके कोई निर्णय नहीं लेगी तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और यदि आवश्यक हुआ तो सभी संचालक, शिक्षक एवं स्टाफ सड़कों पर उतर कर सरकार एकपक्षीय फैसलों के खिलाफ अनशन पर बैठेंगे।
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