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ऐ शहर, तुम्हें किसी की नजर न लगे:देश के सबसे सुंदर शहरों में हमारा भोपाल; रूप चौदस पर वो 14 शृंगार, जो हमारे शहर को बनाते हैं खूबसूरत

भोपालएक वर्ष पहले
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ये है वीआईपी रोड, यहां मुंबई के मरीन ड्राइव जैसा फील होता है। फोटो- प्रियांश जैन - Dainik Bhaskar
ये है वीआईपी रोड, यहां मुंबई के मरीन ड्राइव जैसा फील होता है। फोटो- प्रियांश जैन

30 हजार साल से हमारा भोपाल रहने के लिए सबसे पसंदीदा जगह रही है। भीम बैठिका और केरवा डैम रोड की रॉक पेंटिंग इसका सबूत हैं। भोपाल दुनिया का ऐसा शहर है, जिसके बीचों-बीच वन विहार नेशनल पार्क बना है। हमारे यहां का जनजातीय संग्रहालय भी देश में इकलौता है।

1. वीआईपी रोड- लालघाटी से रेतघाट तक बड़े तालाब के किनारे बनी यह सड़क मरीन ड्राइव का आनंद देती है। पूर्व सीएम (तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री) बाबूलाल गौर की पहल पर भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत 25 करोड़ से इस सड़क का निर्माण 1998 में पूरा हुआ। इस सड़क ने पुराने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत की।

2. बड़ा तालाब- एक हजार साल पुराना मानव निर्मित तालाब। 36 वर्ग किमी में फैला यह तालाब, यहां की हरियाली और यहां आने वाले प्रवासी पक्षी आदि मिला कर भोपाल ही नहीं आसपास के क्षेत्र के लिए लंग्स का काम करते हैं। राजा भोज ने इसका निर्माण कराया।

3. वन विहार- दुनिया का अकेला शहर, जिसके बीच में नेशनल पार्क है। वन विहार में जंगली जानवर नेचुरल माहौल में रहते हैं। 1980 के दशक में पूर्व आईएएस अफसर तत्कालीन फॉरेस्ट सेक्रेटरी एमएन बुच की पहल पर गैर वन भूमि पर 4.48 वर्ग किमी में वन विहार बना है।

4. अटल पथ- 40 करोड़ रुपए में बनी 1.67 किमी लंबी यह बुलेवर्ड स्ट्रीट, टीटी नगर में डेवलप हो रही स्मार्ट सिटी की मेन रोड होगी। भोपाल की सबसे चौड़ी (45 मीटर सिर्फ सड़क की चौड़ाई) इस सड़क पर ड्राइविंग और वॉकिंग का अपना आनंद है।

5. भारत भवन- बहु कला केंद्र भारत भवन का निर्माण 1982 में हुआ। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसका उद्घाटन किया। विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट चा‌र्ल्स कोरिया ने इसे डिजाइन किया था।

6. जनजातीय संग्रहालय- श्यामला पहाड़ी पर लगभग दो एकड़ में बना जनजातीय संग्रहालय भी देश में इकलौता है। यहां मप्र की सभी जनजातियों के जीवन की झलक देखी जा सकती है।

7. मानव संग्रहालय- श्यामला हिल्स पर 200 एकड़ में 1970 के दशक में विकसित भारत का विशालतम मुक्ताकाश मानव शास्त्रीय संग्रहालय है। यहां मानव के विकास की पूरी कहानी देखी और समझी जा सकती है।

8. क्लीनेस्ट कैपिटल ऑफ इंडिया - पिछले 4 साल से भोपाल देश की क्लीनेस्ट कैपिटल है। शहर की दीवारों पर पेंटिंग और कबाड़ से जुगाड़ के प्रयोगों ने देश में भोपाल को एक अलग पहचान दी है। यह भी हमारी एक उपलब्धि है।

9. बिड़ला मंदिर- भोपाल के राजधानी बनने के बाद अरेरा पहाड़ी पर निर्मित लक्ष्मीनारायण मंदिर शहर का एक दर्शनीय स्थल है। 1960 में तत्कालीन सीएम डॉ. कैलाश नाथ काटजू ने इसका शिलान्यास किया और 1964 में तत्कालीन सीएम डीपी मिश्रा ने इसका उद्घाटन किया।

10. आईआईएफएम - फॉरेस्ट, एनवायर्नमेंट और नेचरल रिसोर्सेस मैनेजमेंट का देश में एक मात्र इंस्टीट्यूट इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम) नेहरू नगर के पास स्थित है। 1982 में स्थापित इस इंस्टीट्यूट ने देश में भोपाल को एक अलग पहचान दी है।

11. गौहर महल- बड़े तालाब के किनारे वीआईपी रोड के कॉर्नर पर नवाब कुदसिया बेगम द्वारा 1820 में निर्मित इस महल की सजावट में भारतीय और मुगल वास्तुकला का फ्यूजन देखा जा सकता है। अब इसका उपयोग हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए होता है।

12. सदर मंजिल- 1898 में तत्कालीन नवाब शाहजहां बेगम द्वारा निर्मित सदर मंजिल की पच्चीकारी दिल्ली के लाल किला स्थित दीवाने खास के समान है। अपना रूप खो रही इस ऐतिहासिक इमारत को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 14 करोड़ से संवारा गया है।

13. स्मार्ट रोड- 43 करोड़ से डिपो चौराहा से पॉलिटेक्निक चौराहा तक 2.2 किमी लंबी देश की पहली स्मार्ट रोड और इस पर 11 एकड़ में 7 करोड़ करोड़ में बना स्मार्ट पार्क अपने आप में अनूठा है।

14. शौर्य स्मारक- अमर शहीदों के युद्ध और शौर्य की कहानियों से लोगों को परिचित कराने वाला यह अनूठा संग्रहालय सिर्फ भोपाल में है। सीपीए ने बनाया था, रखरखाव में भारतीय सेना भी सहयोग करती है।

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