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  • Out Of 86, 80 Tankers Are More Than 12 Feet High, Hence 'breath' Is Not Coming From The Train.

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ऑक्सीजन एक्सप्रेस:86 में से 80 टैंकर 12 फीट से ऊंचे इसलिए ट्रेन से नहीं आ पा रही ‘सांसें’

भोपाल13 दिन पहले
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विभिन्न सेक्शन में ओएचई लाइन की ऊंचाई 16 से 18 फीट तक, ऐसे में ट्रेन पर रखा टैंकर ओएचई की चपेट में आ सकता है। - Dainik Bhaskar
विभिन्न सेक्शन में ओएचई लाइन की ऊंचाई 16 से 18 फीट तक, ऐसे में ट्रेन पर रखा टैंकर ओएचई की चपेट में आ सकता है।

राज्य सरकार के पास ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए अधिकतर टैंकरों की ऊंचाई 12 फीट है। इस वजह से इन्हें विभिन्न स्थानों से ट्रेन के बजाय सड़क के रास्ते लाया जा रहा है। मात्र छह टैंकर ही ऐसे हैं, जिनका उपयोग ट्रेन से ऑक्सीजन लाने में किया जा सकता है। बोकारो से भोपाल अब तक दो ही टैंकर ऑक्सीजन ट्रेन से आ सकी है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर व प्रदेश की ऑक्सीजन सप्लाई समिति के सदस्य मुकेश जैन का कहना है कि जिन स्थानों से भी ऑक्सीजन जल्द लाई जा सकती है, मंगाई जा रही है। इसके लिए शार्ट रूट व परिवहन विभाग के उड़नदस्तों के कर्मचारियों की तक तैनाती की गई है।

12 फीट से ज्यादा ऊंचे टैंकर को ट्रेन से लाने में यह खतरा

  • 12 फीट से ज्यादा ऊंचा टैंकर जब ट्रेन पर लोड करते हैं तो
  • 15 फीट से ज्यादा हो जाती है उसकी टोटल ऊंचाई
  • 16 से 18 फीट ऊंचाई पर होती है ओएचई लाइन
  • ऐसी स्थिति में टनल आदि के सेक्शन से ट्रेन गुजरने से टैंकर का हिस्सा ओएचई से टकरा सकता है।
  • ओएचई लाइन में 25 हजार वोल्ट का करंट होता है। इससे बड़ी हानि हो सकती है।

40 हो चुके हैं एयर लिफ्ट; भोपाल, ग्वालियर व इंदौर से अब तक 40 टैंकरों को एयर लिफ्ट कर रांची, सूरत, अहमदाबाद आदि स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। इन टैंकरों को वहां लगे प्लांटों से ऑक्सीजन रीफिल कर सड़क के रास्ते से वापस लाया जा रहा है।

ट्रेन से लाने पर हर टैंकर का खर्च 1.10 लाख रु.; झारखंड के बोकारो से मंडीदीप पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस पर प्रति टैंकर करीब 1 लाख 10 हजार रुपए खर्च आया था। जबकि सड़क मार्ग से टैंकर के बोकारो से यहां तक आने पर भाड़ा 1 लाख 80 हजार से दो लाख रुपए के बीच पड़ता है। इस बात की पुष्टि करते हुए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के भोपाल पदाधिकारी हरीश डाबर ने बताया कि अभी टैंकर का दोनों तरफ का भाड़ा लिया जाता है।

मंडीदीप तक आए थे दो टैंकर; रेल मंडल के सीनियर डीसीएम विजय प्रकाश का कहना है कि रेलवे द्वारा कम से कम रेट में टैंकर का परिवहन किया जा रहा है। अब तक चार ऑक्सीजन एक्सप्रेस बोकारो से आ चुकी हैं। इनमें से एक ट्रेन मंडीदीप तक आई थी, जिससे दो टैंकर आए थे।

जरूरत 96 टैंकर की है; मप्र सरकार के पास 86 ऑक्सीजन टैंकर हैं, जिनमें से 6 ही ऐसे हैं, जिनका उपयोग ट्रेन से ऑक्सीजन लाने में किया जा सकता है। हालांकि प्रदेश को यह 86 टैंकर भी कम पड़ रहे हैं और जरूरत कम से कम 96 टैंकरों की बताई जा रही है।

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