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सावधानी जरूरी:कोराेना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद से चमगादड़ मूवमेंट वाले इलाकों में दहशत

भोपाल3 महीने पहलेलेखक: जितेंद्र मेहरा
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यहां खतरा... क्योंकि दिनभर घूमते हैं 25 हजार से ज्यादा चमगादड़। - Dainik Bhaskar
यहां खतरा... क्योंकि दिनभर घूमते हैं 25 हजार से ज्यादा चमगादड़।
  • अवधपुरी की आधारशिला कॉलोनी की महिला में मिला है डेल्टा प्लस वैरिएंट
  • शहर के कई इलाकों के 2000 से ज्यादा पेड़ों पर करीब 25 हजार चमगादड़ों का डेरा

शहर में कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने के बाद अब चमगादड़ मूवमेंट वाले इलाकों के रहवासी दहशत में हैं। दरअसल, अवधपुरी क्षेत्र स्थित आधारशिला कॉलोनी की जिस महिला में यह वैरिएंट मिला है, उनके घर के आसपास लगे पेड़ों पर चमगादड़ों का डेरा है।

चूंकि महिला की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री नहीं है और आसपास के 10 से ज्यादा लोगों की सैंपलिंग में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं चमगादड़ों की मौजूदगी से तो यह वायरस नहीं आया है। क्योंकि, इनके घर के बाहर आंगन में चमगादड़ों की बीट और उनके खाए हुए जामुन बिखर रहते हैं। इधर, शहर में चमगादड़ों के मूवमेंट वाले इलाकों में रहने वाले लोग ऐसे पेड़ों के फल खाने से भी बच रहे हैं जिन पर चमगादड़ आकर बैठते हैं।

शहर के कमला पार्क, केबल स्टे ब्रिज, हमीदिया के पीछे, शीतलदास की बगिया, तुलसी नगर, तरूण पुष्कर के आसपास, 1100 क्वाटर्स, जेल मुख्यालय रोड, भदभदा रोड सहित आसपास के इलाकों में लगे 2000 से ज्यादा पेड़ों पर इन दिनों 25 हजार से अधिक चमगादड़ मौजूदगी देखी जा रही है, इसलिए यहां ज्यादा खतरा है।

जिन पेड़ों पर चमगादड़, उसके फल भी नहीं खा रहे लोग- तुलसी नगर की प्रीति सिंह ने बताया कि उनके घर के सामने जामुन व आम के 5 पेड़ हैं। सभी पर चमगादड़ रहते हैं। सुबह पेड़ों के नीचे झूठे फल गिरे पड़े रहते हैं, लेकिन जब से कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट के बारे में पता चला है, हम आम व जामुन नहीं खा रहे हैं।

लोग घबराएं नहीं...सैनिटाइजर, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ही बचाव

स्वास्थ्य विभाग के पूर्व डायरेक्टर डॉ. बीएस ओहरी का कहना है कि भोपाल में मिले कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को अभी सीधे तौर पर चमगादड़ से नहीं जोड़ा जा सकता। हां, इन वैरिएंट से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर। सभी सैनिटाइजर, मास्क व डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें।

चमगादड़ से संक्रमण फैल सकता है, यह कहना गलत

महिला की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री के आधार पर गुरुवार को 10 और लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे। महिला के यहां लगे पेड़ पर चमगादड़ बैठते हैं, इससे यह नहीं कह सकते कि चमगादड़ से ही वे संक्रमित हुईं। चमगादड़ से संक्रमण फैल सकता है यह कहना गलत है।
-डॉ प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ