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पूर्व मंत्री पटवारी ने भाजपा पर साधा निशाना:बोले- सरकार ने किसानों को सम्मान निधि रिकवरी के नोटिस भेजे; प्रधानमंत्री योजना का नाम बदलकर किसान अपमान निधि कर दें

भोपाल20 दिन पहले
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पीसीसी मुख्यालय में कांग्रेस की प्रेसवार्ता - Dainik Bhaskar
पीसीसी मुख्यालय में कांग्रेस की प्रेसवार्ता

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों को सम्मान निधि के तहत दी राशि की रिकवरी के नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक 5.6 करोड़ रुपए की रिकवरी के नोटिस भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी को इस योजना का नाम बदलकर किसान अपमान निधि कर देना चाहिए। पटवारी ने कहा कि शिवराज और नरेन्द्र मोदी दोनों झूठ बोलकर मध्य प्रदेश की जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना 2018 में पहले ही लागू हो चुकी है।

बावजूद शिवराज सिंह ने उसका पीएम से शुभारंभ कराया। योजना से किसानों या बिना भूमि वालों को फायदा होने वाला नहीं है। पटवारी ने कहा कि किसानों पर मोदी सरकार के जुल्म के खिलाफ कांग्रेस पार्टी बड़ा अभियान शुरू कर रही है। घर-घर जाकर जिला स्तर पर यह आंदोलन चलाया जाएगा।

जीतू पटवारी ने किसान सम्मान निधि के दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि प्रदेश के शाजापुर जिले में किसानों को सम्मान निधि के तहत जो राशि दी गई थी, उसकी रिकवरी के नोटिस किसानों को भेजे गए गए हैं। पटवारी ने अवंतीपुर बड़ोदिया, गुलाना, कालापीपल, मोहन बड़ोदिया, पोलायकला, शाजापुर और सुजालपुर तहसीलों के उन सभी किसानों की सूची और उन पर दिया गया बकाया के नोटिस की कॉपी भी उपलब्ध कराई।

पटवारी ने बताया कि इन 7 तहसीलों में 1186 किसानों को यह कहकर अपात्र घोषित कर दिया है कि वह आयकर दाता हैं, जबकि 6364 किसानों को अन्य कारणों से अपात्र घोषित कर दिया है। इस तरह से सिर्फ इन 7 तहसीलों में ही 7550 किसानों से 5.6 करोड़ रुपए बकाया के नोट इस सरकार ने भेजे हैं। पटवारी ने कहा कि एक तरफ कमलनाथ सरकार थी, जिसने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया और किसानों को कर्ज के चंगुल से आजाद कराया।

पटवारी ने कहा कि सोयाबीन का किसान बुरी तरह परेशान है। 3 एकड़ जमीन में सोयाबीन की खेती करने पर किसान की लागत 80000 रुपए आ रही है जबकि उस में पैदा होने वाला कुल सोयाबीन अधिक से अधिक 70000 रू. में बिक पा रहा है।

पटवारी ने कहा कि शिवराज सरकार किसानों को हर तरह से परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। यह वही सरकार है जिसने मंदसौर में किसानों पर गोली चलाई थी और यह वही सरकार है जो किसानों को सोयाबीन, मक्का, मूंग और दूसरी फसलों का सही दाम नहीं दिला पा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन किसानों की लागत जरूर चार गुनी हो गई है।

उन्होंने कहा कि डीजल पेट्रोल और बिजली के दाम जिस तरह से बढ़ाए गए हैं, उससे किसान की कमर टूट गई है। इसके अलावा रसोई गैस का सिलेंडर 1000 रू. के करीब पहुंच चुका है। इससे पता चलता है कि नरेंद्र मोदी सरकार किसान और आम आदमी की दुश्मन है।

पटवारी ने लखीमपुर खीरी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब यह दुनिया के सामने आ चुका है कि नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री के बेटे ने किसानों को गाड़ी से कुचल कर मार डाला। पूरी दुनिया ने यह वीडियो देखा है। उसके बावजूद मुख्य आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो रही है और ना ही आरोपी मंत्री को अब तक पद से हटाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लखनऊ गए, लेकिन उन्होंने किसानों के बारे में संवेदना के दो शब्द तक नहीं बोले।

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