ओले और बारिश के कारण:चीनी मिट्‌टी के इंसुलेटर पंक्चर, 75 कॉलोनियों में 6 घंटे बत्ती गुल

भोपाल14 दिन पहले
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  • 11 केवी क्षमता की बिजली लाइनों पर लगे थे चीनी मिट्टी के डिस्क और इंसुलेटर, हर घंटे 60 शिकायतें हुईं

शहर में गुरुवार देर रात 2:30 बजे के बाद से शुक्रवार सुबह तक बरसे डेढ़ इंच मावठे और ओले गिरने का असर सबसे ज्यादा बिजली सप्लाई पर पड़ा। तेजी से गिरे ओले के कारण बिजली लाइनों के पिन इंसुलेटर और डिस्क पंक्चर होने से अवधपुरी की 7 कॉलोनियों समेत शहर की 75 कॉलोनियों में 6 घंटे बिजली सप्लाई ठप रही। इस दौरान इन कॉलोनियों के रहवासी परेशान रहे। बिजली कंपनी के कॉल सेंटर में देर रात 3 बजे से सुबह 9 बजे तक 6 घंटे में 375 शिकायतें की गईं।

इन कॉलोनियों में आधारशिला सहित शहर की अवधपुरी इलाके की 7 कॉलोनियों, अयोध्या बायपास, बरखेड़ा पठानी, इंद्रपुरी, सोनागिरी, कल्पना नगर, एयरपोर्ट रोड की कालोनियों, पुराने शहर में निशातपुरा, सेमरा, चांदबड़, कृष्णा नगर, स्टेशन बजरिया, 80 फीट रोड इलाके सहित करीब 75 कॉलोनियां शामिल हैं।

मोबाइल चार्ज नहीं हो सके, बच्चों की ऑनलाइन क्लास छूटी

भेल टाउनशिप की रहवासी वैशाली नायर, एकता वानखेेड़े ने बताया कि बिजली गुल रहने से घर के रोजमर्रा के काम समय पर नहीं हो सके। बच्चे ऑनलाइन क्लास अटैंड नहीं कर सके। गीजर नहीं चला सके, मोबाइल तक चार्ज नहीं हो सके, डेढ़ घंटे देरी से दफ्तर रवाना हो सके। आधारशिला के रहवासी पीके संतोषी ने बताया कि बिजली गुल रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए, जिससे सुबह एक घंटे बाद दफ्तर पहुंच सके।

  • 375 शिकायतें की गईं 6 घंटे में

ऊर्जा मंत्री की सख्त हिदायत

इधर, ऊर्जा मंत्री प्रद्दुम्न सिंह तोमर ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि लाइनों के खराब इंसुलेटर तुरंत बदल दिए जाएं। इनकी बारीकी से जांच की जाए। यदि एक भी इंसुलेटर खराब निकले तो पूरा लॉट रिजेक्ट कर दिया जाए।

एक्सपर्ट बोले- पिन इंसुलेटर पंक्चर होने से अर्थ फॉल्ट हो जाता है, इससे सप्लाई ठप हो जाती है
बिजली मामलों के जानकार राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक ओले गिरने से 13 से 15 मीटर ऊंची 11 और 33 केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइन पर लगे चीनी मिट्टी के डिस्क और पिन इंसुलेटर पंचर हो जाते हैं। इससे अर्थ फॉल्ट हो जाता है तो लाइन से बिजली सप्लाई भी ठप हो जाती है। यह काम बहुत बारीक होता है। जब तक ये पिन इंसुलेटर लाइन पर बदलकर लाइन पर लगा नहीं दिए जाते तब तक सप्लाई बहाल नहीं हो पाती। इस काम में वक्त भी ज्यादा लगता है।

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