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अनुबंध प्राइवेट से इलाज सरकारी में:कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे प्राइवेट अस्पताल, तर्क- अभी संख्या कम, दो मरीज के लिए आधा अस्पताल खाली करना पड़ेगा

भोपाल22 दिन पहले
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92 अस्पतालों को कोरोना इलाज करने के लिए किया है अनुबंध। - Dainik Bhaskar
92 अस्पतालों को कोरोना इलाज करने के लिए किया है अनुबंध।

कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन, प्राइवेट अस्पताल में एड्मिट होने में उन्हें काफी जद्दोजहद करना पड़ी रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल के 92 अस्पतालों में कोरोना इलाज करने के लिए अनुबंध किया है। लेकिन ये अस्पताल संक्रमितों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं।

इसके पीछे कई अस्पतालों का तर्क है कि अभी ज्यादा मरीज नहीं आ रहे हैं, इसलिए कोरोना का इलाज शुरू नहीं किया है। एक-दो मरीजों को एड्मिट करेंगे तो पूरा फ्लोर खाली करना पड़ेगा। मरीजों की संख्या जब ज्यादा होगी तो उन्हें भर्ती कराया जाएगा। कुछ अस्पताल यह कहकर भी मरीजों को वापस लौटा रहे हैं कि वे घर पर ही ठीक हो जाएंगे।

प्राइवेट अस्पतालों की बेरुखी के कारण कोरोना मरीजों को मजबूरन सरकारी अस्पताल ही जाना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने प्रशासन द्वारा अनुबंधित अस्पतालों में कोरोना मरीजों को इलाज मिल रहा है या नहीं, इसका रियल्टी चेक किया।

अनुरोध- रिपोर्ट पॉजिटिव है, मरीज को भर्ती कराना है?

अस्पतालों का जवाब- अभी सामान्य मरीज भर्ती हैं, घर पर ही आइसोलेट रहें, ठीक हो जाएंगे

  • आरके स्टोन एंड सर्जिकल केयर- डॉ. सीएम पांडेय ने बताया कि अभी हमारी तैयारी नहीं है। मेंटेनेंस का काम चल रहा है। पेशेंट भर्ती नहीं कर पाएंगे।
  • लाहोटी अस्पताल- डॉ. कपिल लाहोटी ने कहा कि अभी उनके यहां पर बेड ही खाली नहीं है। सामान्य मरीजों का इलाज चल रहा है। इसलिए कोरोना के मरीजों को नहीं भर्ती कर पाएंगे।
  • पारुल हॉस्पिटल- संचालक डॉ. पंकज अग्रवाल ने कहा कि अभी भर्ती होने जैसी स्थिति नहीं है आप घर पर ही आइसोलेट रहे। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की अभी जरूरत नहीं है।
  • सिल्वर लाइन अस्पताल- संचालक अथर हुसैन का कहना है कि अभी कोरोना के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं, क्योंकि मरीजों की संख्या कम है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर ही लेंगे।
  • पालीवाल हॉस्पिटल आईएसबीटी- संचालक डॉ. जेपी पालीवाल ने कहा कि हमारे यहां 30 बेड हैं। कोरोना के मरीजों का इलाज दूसरी लहर में किया था। अभी मरीजों की संख्या उतनी नहीं है कि उनको भर्ती किया जाए। दो मरीजों के लिए आधा अस्पताल खाली करना होगा। इसलिए काटजू अस्पताल जाने की सलाह दे रहे हैं।
  • दुलार हास्पिटल- सचिन चौकसे ने कहा कि अभी यहां पर कोरोना का मरीज भर्ती नहीं कर रहे हैं। आप सरकारी अस्पताल में मरीज को भर्ती कराएं।
  • पीपुल्स जनरल अस्पताल- इमरान अली का कहना है कि पेशेंट भर्ती कर रहे हैं। लेकिन आयुष्मान वालों को नहीं। कितना चार्ज लगेगा ये यहीं पर पर आने पर ही बता पाएंगे।
  • स्मार्ट सिटी अस्पताल- संचालक डॉ विजय सक्सेना ने कहा- अभी सामान्य मरीज भर्ती हैं। अभी तैयारी कर रहे हैं। क्योंकि दोनों मरीजों के इंतजाम अलग करना होता है।
  • इरा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल- डॉ. रोहित ने बताया कि बताया कि उनके यहां अभी कोरोना संबंधी इलाज के लिए आईडी जनरेट नहीं हुई है। इसलिए यहां पर कोरोना का इलाज नहीं हो रहा है। हमारे दूसरे अस्पताल में इलाज की व्यवस्था है। वहां करा सकते हैं।
  • निरामय अस्पताल- डॉ. अतुल ने बताया कि उनका अभी कोई अनुबंध ही नहीं हुआ है। सार्थक पोर्टल पर पुरानी लिस्ट है। कोरोना के मरीज अभी भर्ती नहीं कर रहे हैं।
  • अपैक्स अस्पताल- सुनील तलरेजा ने बताया कि कोरोना के मरीज ले या नहीं इस बारे में फैसला नहीं ले पा रहे हैं। क्योंकि जो वॉट्सएप ग्रुप पर जो लिस्ट आई है। उसमें अस्पताल का नाम नहीं है। जबकि हम कोरोना के मरीज को भर्ती करने के लिए तैयार हैं। अब दोबारा आवेदन मांग रहे हैं।
  • - सार्थक पोर्टल पर जिन अस्पतालों के नाम है, उनसे भास्कर ने की बात

इन प्राइवेट अस्पतालों में मिल रहा इलाज
चिरायु अस्पताल, जेके अस्पताल, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज, आरकेडीएफ होशंगाबाद रोड, हमीदिया अस्पताल, काटजू और एम्स में इलाज के इंतजाम चालू हो गए हैं।

जांच होगी- इलाज देने से इनकार नहीं कर सकते हैं अस्पताल

जिन अस्पतालों ने कोरोना का इलाज करने के लिए सार्थक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। वो संक्रमित मरीजों को इलाज करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। सीएमएचओ से संबंधित अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। क्यों मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं। इसके बारे में जानकारी लेंगे। शहर के बड़े मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। हमीदिया और काटजू अस्पताल में मरीजों को फ्री इलाज के लिए भर्ती कराया जा सकता हैं।
- अविनाश लवानिया, कलेक्टर

मरीज को परेशानी हई है तो शिकायत करें, कार्रवाई होगी

सार्थक पोर्टल पर जिन अस्पतालों के नाम है उन्हें मरीजों का इलाज करना होगा। यदि किसी मरीज को कोई परेशानी हुई है तो जानकारी दें। कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल इलाज करने स इंकार नहीं कर सकते हैं। जिनसे अनुबंध हुआ है। डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ

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