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  • Bhopal Put Camphor On The Ground And Rubbed It With His Feet; When Smoke Came Out, Showing Fear Of Inauspicious Sign, Used To Get Stunned With Money Kept In Pocket.

सावधान! भोपाल में अब तंत्र-मंत्र वाला फ्रॉड:कपूर को पैर से रगड़कर धुआं-चिंगारी निकालते थे, फिर अमंगल बताकर डराते और रुपए ठगते थे; गैंग गिरफ्तार

भोपालएक वर्ष पहले
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भोपाल में तंत्र-मंत्र वाला फ्रॉड सामने आया है। बागसेवनिया पुलिस ने ठगी करने वाले एक गिरोह के छह लोगों को पकड़ा है। गिरोह में शामिल सभी आरोपी खुद को उज्जैन के सिद्ध बाबा बताकर लोगों को अपनी बातों में फंसा लेते थे। इस दौरान वे लोगों की नजरों से बचाकर जमीन पर कपूर गिरा देते थे, फिर पैर से रगड़कर धुआं निकालते थे। धुआं देख लोग भ्रमित हो जाते थे। आरोपी इसे उनके अशुभ संकेत बताकर उपाय करने के नाम पर रुपए ले लेते थे। इसके बाद कहते- वे इधर-उधर देखे बिना कुछ दूर जाएं, जब व्यक्ति जाने लगता तो रुपए लेकर फरार हो जाते थे। भोपाल और रायसेन में इस तरह की वारदात सामने आने के बाद पुलिस ने बदमाशों पर 30 हजार रुपए का इनाम भी रखा था।

आलीराजपुर के रहने वाले अखिलेश रावत पुत्र लालू सिंह रावत ने बताया कि वह 5 अक्टूबर को बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी आया था। यूनिवर्सिटी से बाहर निकलकर बागसेवनिया बाजार की तरफ जा रहा था। अहमदपुर दरगाह से आगे एक व्यक्ति मेरे पास आकर पता पूछने लगा। मैंने कहा कि मैं बाहर का हूं। इसके बाद आरोपी बात करते हुए मेरे साथ-साथ चलने लगा। कुछ दूरी पर एक और व्यक्ति पीछे से आया। वह भी पता पूछने लगा। दोनों मेरे साथ कुछ दूर तक गए। थोड़ी देर बाद एक आरोपी ने खुद को उज्जैन का सिद्ध बाबा बताया। मुझे विश्वास नहीं हुआ तो तंत्र विद्या कर एक व्यक्ति ने पैर रगड़कर आग जला दी। फिर कहा, तेरी जेब में जो भी हैं, वह मेरे हाथ में रख दे। मैंने डर के कारण जेब से निकलकर उसे 35 हजार रुपए दे दिए। उसने मुझसे कहा कि पीछे मुड़कर 51 कदम जा। वहां भगवान के दर्शन होंगे। मैं 51 कदम गया। वापस मुड़ा, तो दोनों फरार हो चुके थे।

90 CCTV फुटेज देखकर पकड़ा
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ के साथ शहर के करीब 90 CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की। इसी आधार पर ऐशबाग निवासी राहुल साहू पुत्र मुन्नालाल साहू पकड़ा गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर छोला मंदिर निवासी संतोष कटकोले, अशोका गार्डन निवासी मोहित रैकवार, छोला निवासी राजू विश्वकर्मा उर्फ मोनू, ऐशबाग निवासी सुमित रत्नाकर और देवी सिंह को पकड़ा।

ये था वारदात करने का तरीका
दो आरोपी बाइक से निकलते थे। बाइक किसी एक जगह पर खड़ी करने के बाद दोनों शिकार की तलाश में निकलते थे। एक आरोपी शिकार की रैकी कर उससे नाम-पता पूछता था। तब तक उसका दूसरा साथी भी वहां आ जाता। अपने साथी से अनजान बनकर बातें करता। पहला आरोपी उज्जैन का सिद्ध बाबा बन जाता था। फिर अपने ही साथी के भविष्य के बारे में बातें करता था। उसका साथी सिद्ध बाबा से प्रभावित होने का नाटक करता था। इसी दौरान बाबा बना आरोपी अपने जेब में पहले से छिपा कर रखे कपूर को तीसरे (शिकार) व्यक्ति की नजर चुराकर जमीन पर गिरा देता था। बाबा बना आरोपी कपूर को पैर से रगड़ता था, जिससे धुआं उठने लगता था।

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