भास्कर डेटा स्टोरी:बारिश-बाढ़-ओलों ने 3 साल में 970 जानें लीं, 1 लाख घर गिराए

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: जयकिशन शर्मा
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2018-19 से लेकर 2021-22 जुलाई तक की रिपोर्ट का आंकलन। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2018-19 से लेकर 2021-22 जुलाई तक की रिपोर्ट का आंकलन।

बीते दिनों मप्र में भारी बारिश से आई बाढ़ ने कई इलाकों में तबाही मचाई जिसकी वजह से प्रदेश को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा। भास्कर ने जब केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों का एनालिसिस किया तो पता चला कि पिछले 3.5 साल में जलीय प्राकृतिक आपदाओं में देश में सबसे ज़्यादा नुकसान मप्र को पहुंचा है।

जलीय आपदाओं में बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना, ओलावृष्टि आदि शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के वर्ष 2018-19 से लेकर 2021 (जुलाई तक) के आंकड़ों का आकलन करने पर पता चला कि मप्र में जलीय आपदाओं में 970 लोगों की जान जा चुकी है।

मप्र के बाद सबसे ज्यादा जनहानि प. बंगाल, महाराष्ट्र, केरल और हिमाचल प्रदेश में हुई। फसलों को नुकसान में भी मप्र टॉप पर है। इन साढ़े तीन सालों में 67.15 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। इसी अवधि में राज्य में बारिश-बाढ़-ओलों से 94 हजार 943 मकानों को नुकसान हुआ है।

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