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भोपाल में रिकॉर्ड संक्रमित मिले:एक्टिव केस 13 हजार पार; फिर भी न कंटेनमेंट, न ही कोई रोक-टोक

भोपाल4 महीने पहले
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राजधानी भोपाल में कोरोना बेकाबू हो रहा है। तीसरी लहर में रिकॉर्ड पॉजिटिव मिल रहे हैं। वहीं, एक्टिव केस भी 13 हजार के पार है। बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। न तो माइक्रो कंटेनमेंट बन रहे हैं और न ही संक्रमित व्यक्ति के घर से बाहर घूमने पर कोई रोक-टोक है। घरों में 'कोरोना पॉजिटिव है' के स्टीकर तक नहीं चस्पाए जा रहे हैं। इस कारण कोरोना पॉजिटिव दूसरों को भी संक्रमित कर रहे हैं। भोपाल के सबसे बड़े हॉट स्पॉट कोलार में ऐसे नजारे आम है। सबसे ज्यादा लापरवाही भी यही पर बरती जा रही है।

दूसरी लहर के दौरान जितने केस नहीं मिले थे, वे पिछले 5 दिन में मिल चुके हैं। 22 जनवरी को सबसे ज्यादा 2128 पॉजिटिव केस मिले। जनवरी में ही 22 हजार से ज्यादा केस मिल चुके हैं। रिकॉर्ड केस मिलने पर सावधानी और सख्ती भी ज्यादा बरती जाना चाहिए थी, लेकिन भोपाल इसका उलटा हो रहा है। जिला प्रशासन ने एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया है। वहीं, अब माइक्रो कंटेनमेंट बनाना भी छोड़ दिया है। मास्क को लेकर नगर निगम रोज एवरेज 900 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

सबसे ज्यादा कोलार में बढ़ा खतरा

मौजूदा एक्टिव केस में से करीब 40% केस कोलार के है। इस कारण जनवरी की शुरुआत में माइक्रो कंटेनमेंट बनाने शुरू किए गए। लाइन से 2-3 घरों में पॉजिटिव केस मिलने पर बेरिकेडिंग भी की गई। वहीं, स्वास्थ्य और प्रशासनिक टीमें संक्रमितों के हाल-चाल जानने भी निकली, लेकिन केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट को लेकर ढिलाई शुरू हो गई। कोलार के अधिकांश संक्रमितों के घरों के आसपास न तो माइक्रो कंटेनमेंट बनाए गए हैं और न ही कोई स्टीकर चस्पाए गए हैं। शहर के अन्य बड़े हॉट स्पॉट बैरागढ़, गोविंदपुरा में भी यही हाल है।

कंटेनमेंट एरिये को लेकर निर्देश

  • एक ही लाइन में 2 से 3 घरों में यदि संक्रमित हैं तो माइक्रो कंटेनमेंट बनाए जाए।
  • संक्रमित के घर से बाहर निकलने पर रोक रहेगी। उन्हें होम क्वारेंटाइन रहना होगा।
  • घर में बाहरी व्यक्ति के आने पर रोक रहेगी।
  • यदि कॉलोनी या इलाके में अधिक संक्रमित मिलते हैं, तो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।

यह हो रहा

  • माइक्रो कंटेनमेंट नहीं बन रहे। न ही संक्रमितों पर नजर नहीं रखी जा रही।
  • संक्रमित लोग बिना रोकटोक के घरों से बाहर घूम रहे हैं।
  • घर में कोई बाहरी व्यक्ति न आए, इसलिए गेट पर स्टीकर चस्पाए जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
  • शहर में अब तक एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं बना।
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