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रमजान:भोपाल में सादगी से मना अलविदा जुमा, अब बचे हुए रोजों की गिनती शुरू, घरों में रहकर की इबादत

भोपालएक महीने पहले
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अलविदा जुमा की नमाज घर पर की गई। - Dainik Bhaskar
अलविदा जुमा की नमाज घर पर की गई।

रमजान माह अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। शुक्रवार को इस माह के आखिरी जुमा की नमाज कोविड गाइडलाइन के मुताबिक अदा की गई। इधर 24 रोजे पूरे होने के बाद बाकी बचे हुए रोजों की गिनती उंगलियों पर करने जैसी रह गई है। माह के 29 रोजे पूरे होने पर बुधवार को ईद का चांद देखने के बाद इसकी तारीख तय की जाएगी। रमजान माह का अलविदा जुमा वैसे तो राजधानी भोपाल में बहुत जोश और आस्था के साथ मनाने का रिवाज है। लेकिन लॉकडाउन के हालात के चलते शहर की सभी छोटी बड़ी मस्जिदों में सीमित संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। लोगों ने घरों में रहकर इबादत की और इस मुश्किल काल से जल्दी निजात मिलने की दुआएं की।

रविवार को शब ए कद्र
रमजान माह की खास इबादतों वाली रातों में शामिल शब ए कद्र रविवार की रात मनाई जाएगी। 26वें रोजे और 27वीं रात को मनाई जाने वाली इस रात के बारे में इस्लामी मान्यता है कि इसी रात में कुरआन को आसमान से जमीन पर उतारा गया था। हालांकि रमजान माह के आखिरी दस दिनों में 21, 23, 25, 27 और 29वीं रात को खास इबादत के लिए माना गया है।

अब गिनती के रोजे बाकी
14 अप्रैल से शुरू हुए रमजान माह के 24 रोजे पूरे हो चुके हैं। इसके बाद अब गिनती के रोजे बाकी हैं। 29वें रोजे के बाद मजलिस ए शूरा शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी की मौजूदगी में चांद देखने की रस्म अदा करेगी। इस दिन चांद दिखाई देने पर 13 मई को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। चांद दिखाई न देने पर ईद 14 मई को मनाई जाएगी।
सादगी से मनेगी ईद
महामारी के दौर में कई लोग अपनों को खो चुके हैं। कई परिवार बीमारियों से जूझ रहे हैं। महीनों से बंद पड़े कारोबार के चलते लोगों की आर्थिक स्थिति भी गड़बड़ाई हुई है। जरूरत की खरीदी के लिए बाजार भी नहीं खुल रहे हैं। जिसके चलते इस साल भी पिछले साल की तरह ईद घरों में सादगी से मनाई जाएगी।

रिपोर्ट: खान आशु

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